फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   यश भारती के लिए बजट का रोना ठीक नहीं

यश भारती के लिए बजट का रोना ठीक नहीं

Thu, 13 Jul 2017 01:23 AM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
यश भारती के लिए बजट का रोना ठीक नहीं

विज्ञापन
गोरखपुर।
यश भारती नहीं तो कुछ और होना चाहिए, कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया यूपी सरकार के बजट में इस पुरस्कार के लिए रकम न देने पर शहर के साहित्य, कला एवं खेल जगत से मिली। इन क्षेत्रों से जुड़े लोग बोले कि इस तरह के पुरस्कार कलाकार, साहित्यकार और खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे में पुरस्कार की परंपरा कला, साहित्य और खेल के लिए टॉनिक सा काम करती है।

सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए
अगर यश भारती राजनीतिक कारणों से बंद किया गया है तो यह उचित नहीं है। इस तरह के पुरस्कारों को दिया जाना चाहिए। इसे बंद कर देना ठीक तो नहीं लगता। सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। अगर कमियां थीं तो उन्हें सुधारा जाना चाहिए था। नाम बदल देते पर पुरस्कार देना जारी रखना चाहिए था।
विज्ञापन

- डॉ. मुमताज खान, रंगकर्मी

जो हुआ, अच्छा नहीं हुआ
इस तरह के पुरस्कारों से प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलता है। ये एक अच्छी परंपरा थी। इससे हमें यह पता चलता था कि हमारे क्षेत्र में किस-किस विधा की प्रतिभाएं हैं। जो हुआ, अच्छा नहीं हुआ। अगर इसे बंद किया तो इसकी तरह दूसरा पुरस्कार योगी सरकार की ओर से तत्काल घोषित किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

- रीता श्रीवास्तव, रंगकर्मी

पुरस्कारों से बढ़ता है हौसला
कला और साहित्य के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से विशेष प्रयास की दरकार है। हर दौर में पुरस्कार कला और साहित्य जगत से जुड़े लोगों में ऊर्जा भरने का काम करते रहे हैं। पुरस्कारों से निश्चित ही कलाकार और साहित्यकार का हौसला बढ़ता है। ऐसे में यश भारती पुरस्कार की परंपरा चलती रहनी चाहिए।

- डॉ. दरखशा ताजवर, साहित्यकार

घोषणा पत्र से उलट है यह कदम
यश भारती पुरस्कार के लिए बजट आवंटित न करना ठीक नहीं है। खिलाड़ियों का प्रोत्साहन किया जाना चाहिए। इसके लिए पुरस्कारों की बड़ी भूमिका है। विधानसभा चुनाव के वक्त भाजपा के घोषणा पत्र में भी था कि वो खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगी। यश भारती नहीं तो कोई और पुरस्कार शुरू होना चाहिए।
- विजय लक्ष्मी सिंह, कबड्डी कोच
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed