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माइक हटाने पर भड़के एनएचएम कर्मी
Fri, 25 Jan 2019 01:10 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Fri, 25 Jan 2019 01:10 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। समान कार्य-समान वेतन, आरबीएसके एप को हटाने समेत छह मांगों के समर्थन में हड़ताल किए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों ने सीएमओ की ओर से माइक हटवाने के बाद इमरजेंसी को ठप कराने की चेतावनी दी है।
बेमियादी हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। कई पीएचसी पर सेवाएं ठप रहीं। जिला अस्पताल की आयुष विंग, एनसीडी क्लीनिक, वृद्धावस्था स्वास्थ्य क्लीनिक और मानसिक रोग की ओपीडी बंद रही। उधर, हड़ताल पर शासन ने सख्ती बरतने का मूड बनाया है। बुधवार को ही सीएमओ ने आंदोलनकारियों को माइक का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए थे। जब माइक को नहीं हटाया गया तो सीएमओ ने आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे डॉक्टरों को तलब कर नाराजगी जताई। उसके बाद कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर से माइक व लाउडस्पीकर को हटवा दिया। वहीं संघ के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष त्रिपाठी ने कहा कि अगर सरकार मांगे नहीं मानेगी तो इमरजेंसी सेवाओं को ठप करा दिया जाएगा। एनएचएम कर्मचारी कहीं ड्यूटी नहीं करेंगे।
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बेमियादी हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। कई पीएचसी पर सेवाएं ठप रहीं। जिला अस्पताल की आयुष विंग, एनसीडी क्लीनिक, वृद्धावस्था स्वास्थ्य क्लीनिक और मानसिक रोग की ओपीडी बंद रही। उधर, हड़ताल पर शासन ने सख्ती बरतने का मूड बनाया है। बुधवार को ही सीएमओ ने आंदोलनकारियों को माइक का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए थे। जब माइक को नहीं हटाया गया तो सीएमओ ने आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे डॉक्टरों को तलब कर नाराजगी जताई। उसके बाद कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर से माइक व लाउडस्पीकर को हटवा दिया। वहीं संघ के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष त्रिपाठी ने कहा कि अगर सरकार मांगे नहीं मानेगी तो इमरजेंसी सेवाओं को ठप करा दिया जाएगा। एनएचएम कर्मचारी कहीं ड्यूटी नहीं करेंगे।
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