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संदिग्ध हालात में राजमिस्त्री की मौत
Updated Tue, 05 Sep 2017 11:39 PM IST
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संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के घटरम्हा गांव में मंगलवार को राजमिस्त्री की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घर के पीछे ही पेड़ से लटकता शव देख कर घर वाले और गांव के लोग सहम गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। वहीं गांव में लोग चर्चा कर रहे थे कि रामपति का परिवार बेहद गरीबी में गुजर-बसर कर रहा था। कहीं इसी वजह से तो राजमिस्त्री ने आत्महत्या नहीं की।
घटरम्हा गांव निवासी रामपति(35) पुत्र स्वर्गीय बलेसर राजमिस्त्री का काम करते थे। पत्नी रीता देवी कुछ दिन पहले मायके गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र के तेतरिया गांव गई थी। सोमवार को रामपति पत्नी को घर ले आए थे। रात में सब ठीक था और परिवार के लोग भोजन करके सो गए। मंगलवार सुबह बड़ी बेटी घर के पीछे कूडा फेंकने गई तो सिघोंर के पेड़ में पिता की लटकती लाश देख कर दंग रह गई। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे। गांव वालों ने बताया कि रामपति राजमिस्त्री का काम करके घर का खर्च चलाते थे। परिवार में पत्नी रीता देवी, बेटी छाया(16), बेटा अक्षय(12), हरीश(8), बेटी गौरा(6) और चार वर्ष का बेटा चंद्रेश है। परिवार घोर गरीबी में जीवन यापन कर रहा है। उनके पास सिर्फ दस मंडी खेत और दो कमरे का आधा- अधूरा मकान है। गरीबी की वजह से उनका बड़ा बेटा अक्षय रौरापार में एक व्यक्ति के वहां रह कर जानवरों की देखभाल करता है। लोगों ने आशंका जाहिर की कि कहीं गरीबी की वजह से तंग आकर तो रामपति ने आत्म हत्या नहीं कर ली। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अक्षय ने बताया कि वह रौरापार में ही था। मां पिता को ढूंढते हुए पहले उसके पास रौरापार आई थी। बाद में बहन छाया ने ही पिता को पेड़ से लटका देखकर शोर मचाया था। पिता ने आखिर आत्म हत्या क्यों की यह समझ में नहीं आ रहा है। वहीं घर के लोगों का रो- रो कर बुरा हाल था। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। वैसे गांव के लोगों ने गरीबी को ही आत्महत्या की वजह बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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घटरम्हा गांव निवासी रामपति(35) पुत्र स्वर्गीय बलेसर राजमिस्त्री का काम करते थे। पत्नी रीता देवी कुछ दिन पहले मायके गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र के तेतरिया गांव गई थी। सोमवार को रामपति पत्नी को घर ले आए थे। रात में सब ठीक था और परिवार के लोग भोजन करके सो गए। मंगलवार सुबह बड़ी बेटी घर के पीछे कूडा फेंकने गई तो सिघोंर के पेड़ में पिता की लटकती लाश देख कर दंग रह गई। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे। गांव वालों ने बताया कि रामपति राजमिस्त्री का काम करके घर का खर्च चलाते थे। परिवार में पत्नी रीता देवी, बेटी छाया(16), बेटा अक्षय(12), हरीश(8), बेटी गौरा(6) और चार वर्ष का बेटा चंद्रेश है। परिवार घोर गरीबी में जीवन यापन कर रहा है। उनके पास सिर्फ दस मंडी खेत और दो कमरे का आधा- अधूरा मकान है। गरीबी की वजह से उनका बड़ा बेटा अक्षय रौरापार में एक व्यक्ति के वहां रह कर जानवरों की देखभाल करता है। लोगों ने आशंका जाहिर की कि कहीं गरीबी की वजह से तंग आकर तो रामपति ने आत्म हत्या नहीं कर ली। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अक्षय ने बताया कि वह रौरापार में ही था। मां पिता को ढूंढते हुए पहले उसके पास रौरापार आई थी। बाद में बहन छाया ने ही पिता को पेड़ से लटका देखकर शोर मचाया था। पिता ने आखिर आत्म हत्या क्यों की यह समझ में नहीं आ रहा है। वहीं घर के लोगों का रो- रो कर बुरा हाल था। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। वैसे गांव के लोगों ने गरीबी को ही आत्महत्या की वजह बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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