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साहब ! मैं जिंदा हूं...

Thu, 15 Feb 2018 12:18 AM IST
siddharthnagar
siddharthnagar Updated Thu, 15 Feb 2018 12:18 AM IST
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साहब ! मैं जिंदा हूं...
रामराजी देवी। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर(मनीष जायसवाल)। समाज कल्याण विभाग ने जिंदा महिला को कागजों में मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दी। जानकारी होने के बाद वृद्धा खुद को जिंदा साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है। विभागीय अफसरों के अनुसार, किसी पेंशनर को पुनर्जीवित करने का अधिकार उसके पास नहीं है।
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उसका ब्लॉक के परसा महापात्र गांव निवासी रामराजी देवी पत्नी काशी की उम्र 78 साल है। वर्षों से उन्हें वृद्धा पेंशन मिलती आ रही है। करीब एक साल पहले उनकी पेंशन अचानक बंद हो गई। छह माह बाद पेंशन न आने पर महिला ने बैंक में संपर्क किया तो बताया गया कि ऊपर से पेंशन रोक दी गई। बेबस वृद्धा समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पहुंची तो सत्यापन रिपोर्ट में उन्हेें मृत दर्शाया गया था। विभागीय अफसरों द्वारा पल्ला झाड़ने के बाद तहसील दिवस में शिकायत हुई तो डीएम ने जवाब तलब किया। समाज कल्याण अधिकारी ने दलील दी कि विभागीय सर्वर पर रुकी हुई पेंशन को दोबारा चालू करने की व्यवस्था जिला स्तर पर नहीं है, लिहाजा वह विवश हैं।
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उधर, रामराजी देवी अपने बेटे विनोद के साथ खुद को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटक रही हैं। समाज कल्याण विभाग में मृत घोषित वृद्धा पर चुटकियां लेकर अब गांव के लोग उधार देने से भी मना कर रहे हैं। बकौल रामराजी, बेटा मजदूरी कर जैसे-जैसे परिवार का भरण-पोषण करता है। पेंशन की रकम से कुछ मदद होती थी। अपने दवा-इलाज के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था, मगर अब पाई-पाई को मोहताज हैं। विनोद का कहना है कि मां को जीवित साबित करने के लिए कई बार ब्लाक, तहसील और जिला स्तर पर दरखास्त दी गई, कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा का कहना था कि प्रकरण संज्ञान में है। निदेशक कार्यालय को पत्र भेजा गया है। विभागीय सर्वर पर यह ऑप्शन नहीं है, जिससे रुकी हुई पेंशन को दोबारा शुरू कराया जा सके। प्रयास जारी है।
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सोनमति को भी कागजों में ‘मार डाला’
रामराजी जैसी ही पीड़ा खेसरहा ब्लाक के अर्जी गांव निवासी सोनमती पत्नी भग्गू की भी है। जीवित होने के बाद भी उन्हें सत्यापन रिपोर्ट में मृत घोषित कर दिया गया है। शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लाभार्थी को जीवित बताते हुए पेंशन शुरू करने को कहा है। इस संबंध में भी निदेशक को पत्र भेजा गया है।


इनकी भी पेंशन बंद , आशंका मृत घोषित होने की
परसा महापात्र गांव निवासी केसारा देवी (65) की पेंशन भी अगस्त 2017 के बाद से नहीं आई है। कई बार संपर्क के बाद भी जिम्मेदारों से कोई जवाब नहीं मिला है। आशंका है कि सत्यापन रिपोर्ट में कहीं उन्हें भी मृत घोषित न कर दिया गया था। रामराजी का प्रकरण उजागर होने के बाद अब वह भी शिकायत करने की तैयारी में है। केसारी का कहना है कि अगस्त में 1225 रुपये खाते में आए थे, इसके बाद से कोई धनराशि नहीं आई। कई बार प्रधान से भी पूछा तो बताया कि पेंशन बंद है।
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