{"_id":"59f1f98e4f1c1bca678b771f","slug":"161509030286-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिसर्च को पेटेंट कराना अब होगा आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिसर्च को पेटेंट कराना अब होगा आसान
Updated Thu, 26 Oct 2017 08:48 PM IST
विज्ञापन
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के बीच हुए करार के तहत गुरुवार को परिषद की टीम यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची। संयुक्त निदेशक डॉ. शशि राना और डॉ. राधे लाल ने इस दौरान यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों व शिक्षकों अहम जानकारियां दी।
बताया कि रिसर्च एवं डेवलपमेंट को बढ़ावा देने में ये समझौता बेहद कारगर होगा। दोनों संस्थाओं के मिलकर काम करने से नए खोजकर्ताओं की खोज को पेटेंट कराने में सहूलियत होगी। कुलपति प्रो. एस एन सिंह ने मालवीयंस से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। कहा कि शिक्षक प्रपोजल बनाकर प्रौद्योगिकी परिषद को भेजें, ताकि रिसर्च के क्षेत्र में बेहतर से बेहतर परिणाम दिया जा सके। शिक्षकों के प्रयास को यूनिवर्सिटी प्रशासन का हर सहयोग दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गोविंद पांडेय ने किया।
विज्ञापन
बताया कि रिसर्च एवं डेवलपमेंट को बढ़ावा देने में ये समझौता बेहद कारगर होगा। दोनों संस्थाओं के मिलकर काम करने से नए खोजकर्ताओं की खोज को पेटेंट कराने में सहूलियत होगी। कुलपति प्रो. एस एन सिंह ने मालवीयंस से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। कहा कि शिक्षक प्रपोजल बनाकर प्रौद्योगिकी परिषद को भेजें, ताकि रिसर्च के क्षेत्र में बेहतर से बेहतर परिणाम दिया जा सके। शिक्षकों के प्रयास को यूनिवर्सिटी प्रशासन का हर सहयोग दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गोविंद पांडेय ने किया।
विज्ञापन