{"_id":"5b6b3ddc4f1c1ba33e8b5cc5","slug":"131533754844-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात ब्लॉक के 63 स्कूलों में शुद्ध पेय जल की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात ब्लॉक के 63 स्कूलों में शुद्ध पेय जल की समस्या
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात ब्लॉकों के 63 स्कूलों में पानी की समस्या
खराब हैंडपंपों की मरम्मत में विभाग नहीं ले रहा रुचि
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में सात ब्लॉकों के 63 परिषदीय स्कूलों में शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों के समक्ष पेयजल का संकट बना हुआ है। इन विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए डीपीआरओ को पत्र भेजा था। उधर, शैक्षिक सत्र होने के बाद भी खराब हैंडपंपों की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है।
जिले में कुल 1478 प्राथमिक व 646 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 2 लाख 23 छात्र नामांकित हैं। इन विद्यालयों में से अधिकांश में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगे हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। हैंडपंप खराब होने के कारण बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
अभिभावक सर्वेश प्रसाद ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों में व्यवस्था दुरूस्त कराने के दावे फेल हो चुके हैं। आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर है। बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्कूलों में खराब हैंडपंपों की सूची संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त कर उसे ठीक कराने के लिए डीपीआरओ को जून माह में ही पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया है बृजमनगंज ब्लॉक में सबसे अधिक 16 हैंडपंप खराब हैं। लक्ष्मीपुर ब्लॉक में 13, पनियरा में 12, नौतनवां में 9, फरेंदा में 6, निचलौल ब्लॉक के तीन स्कूलों में लगे इंडिया मार्का टू हैंडपंप खराब हैं। जहां पर हैंडपंप में कम खराबी है, उसे ठीक कराने के लिए संबंधित ग्राम प्रधान को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खराब हैंडपंपों की मरम्मत में विभाग नहीं ले रहा रुचि
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में सात ब्लॉकों के 63 परिषदीय स्कूलों में शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों के समक्ष पेयजल का संकट बना हुआ है। इन विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए डीपीआरओ को पत्र भेजा था। उधर, शैक्षिक सत्र होने के बाद भी खराब हैंडपंपों की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है।
जिले में कुल 1478 प्राथमिक व 646 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 2 लाख 23 छात्र नामांकित हैं। इन विद्यालयों में से अधिकांश में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगे हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। हैंडपंप खराब होने के कारण बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
विज्ञापन
अभिभावक सर्वेश प्रसाद ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों में व्यवस्था दुरूस्त कराने के दावे फेल हो चुके हैं। आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर है। बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्कूलों में खराब हैंडपंपों की सूची संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त कर उसे ठीक कराने के लिए डीपीआरओ को जून माह में ही पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया है बृजमनगंज ब्लॉक में सबसे अधिक 16 हैंडपंप खराब हैं। लक्ष्मीपुर ब्लॉक में 13, पनियरा में 12, नौतनवां में 9, फरेंदा में 6, निचलौल ब्लॉक के तीन स्कूलों में लगे इंडिया मार्का टू हैंडपंप खराब हैं। जहां पर हैंडपंप में कम खराबी है, उसे ठीक कराने के लिए संबंधित ग्राम प्रधान को कहा गया है।
विज्ञापन