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जनवरी में होगा स्वच्छता का सर्वे, मगर शहर में अब भ्ाी कूड़े का अंबार
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:40 AM IST
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अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते कमिश्नर।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा कि जनवरी में राष्ट्रीय टीम शहर के स्वच्छता मानकों का सर्वे करेगी, लेकिन अभी स्थिति यह है कि शहर में हर जगह कूड़ा नजर आता है। यह स्थिति तब है कि जब शहर की सफाई में 2500 कर्मचारी लगे हुए हैं। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि सीएम सिटी होने की वजह से कोशिश करें कि इस बार रैंकिंग में सुधार हो।
बैठक के दौरान नाराजगी जताते हुए कहा कि 11 कूड़ा घर बनाए जाने थे, लेकिन अब तक 5 ही बन पाए हैं। कूड़ा उठाने की भी मुकम्मल व्यवस्था नही है। उन्होंने कहा कि कूड़ा गिराने के प्रमुख स्थल जैसे महेसरा की स्थिति का आकलन करें। वहां एक सेनेट्री इंस्पेक्टर बैठाएं जो कूड़ा गिरने की स्थिति दर्ज करें। नगर निगम में 700 नियमित तथा 1500 संविदाकर्मी हैं, परंतु नगर क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा रहता है। बदलते मौसम को देखते हुए मच्छरों से सुरक्षा के लिए फॉगिंग भी कराई जाए। साथ ही कहा कि पकड़े गए 100 छुट्टा पशुओं के मालिकों में से एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई और न ही जुर्माना लगाया गया। 10 हजार शौचालयों के मुकाबले केवल 1792 ही बन पाए। प्लास्टिक थैलियों के खिलाफ अभियान भी रोक दिया गया। कमिश्नर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के काम में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। इस दौरान अपर आयुक्त प्रशासन संजय सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, अपर जिलाधिकारी नगर रजनीश चंद, सचिव जीडीए राम सिंह सहित नगर निगम के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।
ऋण माफी प्रमाणपत्र का वितरण आज
मुख्य विकास अधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत तृतीय चरण के लाभार्थी किसानों को 25 अक्टूबर को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। यह आयोजन जिले के सभी तहसीलों में होगा। उप जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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30 को समाधान दिवस
लोक आयुक्त प्रशासन उप्र की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर को सर्किट हाउस में शिकायतकर्ताओं की ओर से प्रस्तुत शिकायतों की सुनवाई होगी। 30 अक्टूबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में सुबह 10 बजे गोष्ठी व समाधान दिवस का आयोजन किया गया है।
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बैठक के दौरान नाराजगी जताते हुए कहा कि 11 कूड़ा घर बनाए जाने थे, लेकिन अब तक 5 ही बन पाए हैं। कूड़ा उठाने की भी मुकम्मल व्यवस्था नही है। उन्होंने कहा कि कूड़ा गिराने के प्रमुख स्थल जैसे महेसरा की स्थिति का आकलन करें। वहां एक सेनेट्री इंस्पेक्टर बैठाएं जो कूड़ा गिरने की स्थिति दर्ज करें। नगर निगम में 700 नियमित तथा 1500 संविदाकर्मी हैं, परंतु नगर क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा रहता है। बदलते मौसम को देखते हुए मच्छरों से सुरक्षा के लिए फॉगिंग भी कराई जाए। साथ ही कहा कि पकड़े गए 100 छुट्टा पशुओं के मालिकों में से एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई और न ही जुर्माना लगाया गया। 10 हजार शौचालयों के मुकाबले केवल 1792 ही बन पाए। प्लास्टिक थैलियों के खिलाफ अभियान भी रोक दिया गया। कमिश्नर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के काम में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। इस दौरान अपर आयुक्त प्रशासन संजय सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, अपर जिलाधिकारी नगर रजनीश चंद, सचिव जीडीए राम सिंह सहित नगर निगम के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।
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ऋण माफी प्रमाणपत्र का वितरण आज
मुख्य विकास अधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत तृतीय चरण के लाभार्थी किसानों को 25 अक्टूबर को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। यह आयोजन जिले के सभी तहसीलों में होगा। उप जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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30 को समाधान दिवस
लोक आयुक्त प्रशासन उप्र की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर को सर्किट हाउस में शिकायतकर्ताओं की ओर से प्रस्तुत शिकायतों की सुनवाई होगी। 30 अक्टूबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में सुबह 10 बजे गोष्ठी व समाधान दिवस का आयोजन किया गया है।