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पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने को सड़क पर उतरी करणी सेना
siddharthnagar
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:12 PM IST
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पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने के लिए राजपूत करणी सेना सोमवार को सड़क पर उतर आई।
- फोटो : amar ujala
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सिद्धार्थनगर। पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन रोकने के लिए राजपूत करणी सेना सोमवार को सड़क पर उतर आई। संगठन के कार्यकर्ताओं ने बांसी स्टैंड पर स्थित सिनेमा हाल के बाहर प्रदर्शन किया और प्रबंधक को ज्ञापन देकर फिल्म सिनेमा हाल में न लगाने का अनुरोध किया। इसके बाद जुलूस के शक्ल में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देकर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। चेतावनी दी है कि अगर पद्मावत को रिलीज किया गया तो स्थिति भयावह होगी।
श्री राजपूत करणी सेना की जिला इकाई के बैनर तले लोग बांसी स्टैंड स्थित तिराहे पर जुटे। यहां से जुलूस की शक्ल में कार्यकर्ता पास के सिनेमा हाल पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यहां से प्रदर्शनकारी भीमापार, परसा शाह आलम होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रानी पद्मावती राजपूत आन-बान-शान की प्रतीक हैं। अपने सतीत्व की रक्षा के लिए 16 हजार क्षत्राणियों के साथ जौहर कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया था।
संजय लीला भंसाली ने बार-बार आगाह करने के बावजूद फूहड़ व अश्लील चित्रण कर रानी पद्मावती के साथ पूरे राजपूत व हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया है। भारत के गौरवशाली इतिहास से छेड़छाड़ कर बनी इस फिल्म का प्रदर्शन जनमानस के हित में नहीं है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिला सह संयोजक आशुतोष सिंह श्रीनेत ने किया।विरोध प्रदर्शन में क्षत्रिय महासभा के मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, भाजपा नेता हरिशंकर सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, पप्पू सिंह, पिंटू सिंह, राजू सिंह, प्रभात तिवारी, योगेंद्र जायसवाल, पीयूष कुमार सिंह, विकास सिंह, धर्मबीर सिंह, सुजीत कुमार सिंह, आकाश प्रताप, नवीन सिंह, विकास सिंह, विनय राजभर, रजनीश सिंह, रजवंत सिंह, सोमेश मणि, विनीत सिंह श्रीनेत, रमाकांत सिंह, रोहित सिंह, उग्रसेन सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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श्री राजपूत करणी सेना की जिला इकाई के बैनर तले लोग बांसी स्टैंड स्थित तिराहे पर जुटे। यहां से जुलूस की शक्ल में कार्यकर्ता पास के सिनेमा हाल पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यहां से प्रदर्शनकारी भीमापार, परसा शाह आलम होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रानी पद्मावती राजपूत आन-बान-शान की प्रतीक हैं। अपने सतीत्व की रक्षा के लिए 16 हजार क्षत्राणियों के साथ जौहर कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया था।
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संजय लीला भंसाली ने बार-बार आगाह करने के बावजूद फूहड़ व अश्लील चित्रण कर रानी पद्मावती के साथ पूरे राजपूत व हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया है। भारत के गौरवशाली इतिहास से छेड़छाड़ कर बनी इस फिल्म का प्रदर्शन जनमानस के हित में नहीं है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिला सह संयोजक आशुतोष सिंह श्रीनेत ने किया।विरोध प्रदर्शन में क्षत्रिय महासभा के मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, भाजपा नेता हरिशंकर सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, पप्पू सिंह, पिंटू सिंह, राजू सिंह, प्रभात तिवारी, योगेंद्र जायसवाल, पीयूष कुमार सिंह, विकास सिंह, धर्मबीर सिंह, सुजीत कुमार सिंह, आकाश प्रताप, नवीन सिंह, विकास सिंह, विनय राजभर, रजनीश सिंह, रजवंत सिंह, सोमेश मणि, विनीत सिंह श्रीनेत, रमाकांत सिंह, रोहित सिंह, उग्रसेन सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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