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Gonda News: महिला अस्पताल ने 20 साल से नहीं जमा किया आरटीआई का पैसा
Fri, 12 Sep 2025 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:35 PM IST
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महिला अस्पताल में निरीक्षण करते प्रशासनिक सुधार विभाग के उप मुख्य निरीक्षक। स्रोत: विभाग
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिलने वाली धनराशि बीते 20 साल से राज्य सूचना आयोग के लेखाशीर्षक (राज्यकोष) में जमा नहीं कराई गई है। इसका खुलासा शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधार विभाग के उप मुख्य निरीक्षक पंकज सक्सेना के निरीक्षण में हुआ। शुक्रवार दोपहर उन्होंने महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। आरटीआई के तहत हुए 10 रुपये के भुगतान के विषय में जानकारी मांगी।
पंकज सक्सेना में बताया कि वर्ष 2005 से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी विभागों से सूचना मांगने पर 10 रुपये का भुगतान किया जाता है। यह भुगतान पोस्टल ऑर्डर, बैंक ड्राफ्ट या नकद के रूप में होता है। संबंधित पोस्टल ऑर्डर या ड्राफ्ट को संबंधित बैंक व पोस्ट ऑफिस में कैश कराकर राज्य सूचना आयोग के राज्यकोष में जमा करना चाहिए था, लेकिन महिला अस्पताल से आज तक एक भी पैसा जमा नहीं कराया गया। यह एक प्रकार की वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरटीआई का कार्य देखने वाले फार्मासिस्ट का निधन हो गया है। कई वर्षों का पोस्टल ऑर्डर खोजने में समय लग रहा है। जल्द ही पैसा जमा कराया जाएगा। पंकज सक्सेना ने अस्पताल के इमरजेंसी, ओपीडी, किचन व अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। किचन में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई।
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जिला पंचायत सभागार में हुई कार्यशाला
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जिला पंचायत सभागार में मंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के मुख्य प्रावधानों को विस्तार पूर्वक बताया गया। इस दौरान डिप्टी सीआईओ पंकज सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, सीओ सिटी आनंद कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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पंकज सक्सेना में बताया कि वर्ष 2005 से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी विभागों से सूचना मांगने पर 10 रुपये का भुगतान किया जाता है। यह भुगतान पोस्टल ऑर्डर, बैंक ड्राफ्ट या नकद के रूप में होता है। संबंधित पोस्टल ऑर्डर या ड्राफ्ट को संबंधित बैंक व पोस्ट ऑफिस में कैश कराकर राज्य सूचना आयोग के राज्यकोष में जमा करना चाहिए था, लेकिन महिला अस्पताल से आज तक एक भी पैसा जमा नहीं कराया गया। यह एक प्रकार की वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
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महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरटीआई का कार्य देखने वाले फार्मासिस्ट का निधन हो गया है। कई वर्षों का पोस्टल ऑर्डर खोजने में समय लग रहा है। जल्द ही पैसा जमा कराया जाएगा। पंकज सक्सेना ने अस्पताल के इमरजेंसी, ओपीडी, किचन व अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। किचन में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई।
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जिला पंचायत सभागार में हुई कार्यशाला
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जिला पंचायत सभागार में मंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के मुख्य प्रावधानों को विस्तार पूर्वक बताया गया। इस दौरान डिप्टी सीआईओ पंकज सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, सीओ सिटी आनंद कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।