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गांव की सरकार बनाने बूथों पर पहुंचे वोटर
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2015 11:31 PM IST
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पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में अपने गांव की सरकार बनाने के लिए बूथों पर खूब वोटर पहुंचे । बूथों पर सुबह से ही मेले जैसा माहौल रहा। लोकतंत्र के आंगन में खूब वोटों के फूल बरसे। अपने गांव की सरकार बनाने के लिए शनिवार को लोगों में गजब का उत्साह दिखा। सुबह से ही लोग वोट डालने के लिए अपने घरों से निकले।
पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों ने भी वोटर देवताओं को वोट देने के लिए दिन रात चिरौरी मिनती कर रखी थी। शनिवार को वोट डालने के लिए लोगों की बूथों पर दिनभर लाइन लगी रही। कई स्थानों पर महिलाओं की लम्बी लम्बी लाइन लगी रही।
पहली बार मतदान कर चहके युवा वोटर
मतदान करने की खुशी हर किसी को होती है। इसमें अपने गांव की सरकार चुनने में युवा वोटरों में काफी जोश दिखा। कटरा ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय तिलका पर युवा वोटरों में खासा उत्साह दिखा। मतदान क रने की खुशी उनके चेहरे से साफ झलक रही थी। पहली बार पंचायत चुनाव में वोट डाल चुकी वंदना मिश्रा ने बताया कि उन्हें गांव में ऐसे ग्राम प्रधान की जरूरत है जो सबका व हर क्षेत्र का विकास कराए।
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रूबी ने बताया कि उनके गांव में एक ऐसी सरकार बने जो क्षेत्र का विकास कराए। रानी व गुड़िया का कहना था कि ग्राम प्रधान को जानकार होना चाहिए जो सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लोगों को लाभ दिला सके।
बुजुर्गों ने वोट डालकर नाती-पोतों को दी सीख
कमर खंमीदा नहीं बेवजह बुढ़ापे में, जगह तलाश रहा हूं मजार के काबिल। किसी शायर का यह शेर आज के लोकतंत्र के महापर्व में कई काफी बुजुर्ग महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र की मजबूती व बहाली के लिए लोगों को मतदान के दिन किसी तरह से भी काहिली न करने की सीख दी। हलधरमऊ ब्लॉक के ग्राम भैरमपुर बूथ पर 80 साल की उदय राजी अपने 12 वर्षीय पोते के सहारे मतदान करने पहुंची। उदय राजी ने कहा कि भइया कहिन रहा दादी वोटवा दिहौ तो भइया चली आईन हैं।
अब सरकार से हम सबका लाभ दिवावैं। इसी तरह से कटरा ब्लॉक के वीरपुर बूथ पर गंगादीन पुरवा निवासिनी 117 वर्षीय बिस्मिल्लाह बेगम अपने बेटे के गोद में मतदान स्थल पहुंच कर मताधिकार का प्रयोग किया।
तू लड़िका सम्हारौ हम वोटवा डारे देईत है
अभी भी कई क्षेत्र में महिलाओं के कार्य में पुरुषों की ही चलती है। ग्राम प्रधानी हो या फिर पंचायत का कोई और पद लगभग 80 फीसद पुरुष ही महिलाओं के पद के काम को खुद देखने की बात तो सामने आती ही रहती है। अब तो यह मतदान करने में भी देखने को मिला है। जब एक व्यक्ति ने अपने मोहल्ले व घर की महिलाओं के वोट खुद ही डाल दिया।
ऐसा नजारा शनिवार को कटरा बाजार ब्लॉक के रंजीतपुर बूथ पर एक व्यक्ति एक महिला को बोला कि तू लड़िका सम्हारौ हम वोटवा डारे देईत है। सीधी साधी महिला ने झट से लड़के को गोद में लिया उसने महिला का वोट खुद ही डाल दिया। महिला के दिल में वोट डालने की हसरत यूं दब कर रह गई।
वोटवा तौ दै दिहन है अब प्रधानी जीत कै कुछ काम करैं
वोटवा तो दै दिहन है अब प्रधानी जीत कै प्रधान कुछ नीक काम करैं। यतनी दूर पैदरै आईन है थकि गईन है। बईठौ दिदिया सुस्ताय लिऔ। और सुनावो बहिनी घर कै हालि का है। यह बातचीत कटरा बाजार के पूर्व माध्यमिक विद्यायल मंगुरही में बने बूथ के पास की है।
यहां मतदान करने के बाद गांव की कुछ महिलाएं वोट डालने के बाद अपने गांव की बनने वाली सरकार के मुखिया से कुछ अच्छा होने की आस लगा रही है। थोड़ी देर उनकी बात सुनने से लगा कि महिलाएं बेवजह वोट डालने को सही नहीं मानतीं। उनके अंदर गांव में विकास के रूप में बदलाव देखने की ललक है। उन्हें गांव की नई पंचायत वाली सरकार से बेहतर विकास की उम्मीद है।
रातभर चलाई बाइक, सुबह डाला वोट फिर चले गए
कटरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत वीरपुर कटरा के तिवारीपुरवा के कई लोग नोयडा से सिर्फ वोट डालने आए थे। रातभर मोटरसाइकिल चलाकर ये लोग यहां पहुंचे और वोट डालने के बाद तुरंत वापस हो गए। इनके परिवारीजनों का कहना था कि क्या बताएं गांव का मामला था। सब अपने ही चुनाव में थे, इसलिए वोट डलवाने के लिए दबाव बहुत पड़ रहा था। इसके चलते वहां नौकरी व व्यवसाय करने वाले लोगों को यहां वोट डालने के लिए आना पड़ा।
देखे रहव, एकौ वोट फर्जी न पड़य
मंगुरही स्थित एक बूथ से थोड़ी दूर बैठे चार लोग आपस में बात कर रहे थे कि देखे रहव एकौ वोट फर्जी न पड़य। जब कोई कोशिश करय तो तुरंतय विरोध किहिव हम सब साथे हन। इसी तरह अन्य बूथों पर भी प्रत्याशियों के समर्थक निगरानी करते दिखे। जहां कई भी अनियमितता की आशंका हुई, वहां विरोध भी हुआ।
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पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों ने भी वोटर देवताओं को वोट देने के लिए दिन रात चिरौरी मिनती कर रखी थी। शनिवार को वोट डालने के लिए लोगों की बूथों पर दिनभर लाइन लगी रही। कई स्थानों पर महिलाओं की लम्बी लम्बी लाइन लगी रही।
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पहली बार मतदान कर चहके युवा वोटर
मतदान करने की खुशी हर किसी को होती है। इसमें अपने गांव की सरकार चुनने में युवा वोटरों में काफी जोश दिखा। कटरा ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय तिलका पर युवा वोटरों में खासा उत्साह दिखा। मतदान क रने की खुशी उनके चेहरे से साफ झलक रही थी। पहली बार पंचायत चुनाव में वोट डाल चुकी वंदना मिश्रा ने बताया कि उन्हें गांव में ऐसे ग्राम प्रधान की जरूरत है जो सबका व हर क्षेत्र का विकास कराए।
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रूबी ने बताया कि उनके गांव में एक ऐसी सरकार बने जो क्षेत्र का विकास कराए। रानी व गुड़िया का कहना था कि ग्राम प्रधान को जानकार होना चाहिए जो सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लोगों को लाभ दिला सके।
बुजुर्गों ने वोट डालकर नाती-पोतों को दी सीख
कमर खंमीदा नहीं बेवजह बुढ़ापे में, जगह तलाश रहा हूं मजार के काबिल। किसी शायर का यह शेर आज के लोकतंत्र के महापर्व में कई काफी बुजुर्ग महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र की मजबूती व बहाली के लिए लोगों को मतदान के दिन किसी तरह से भी काहिली न करने की सीख दी। हलधरमऊ ब्लॉक के ग्राम भैरमपुर बूथ पर 80 साल की उदय राजी अपने 12 वर्षीय पोते के सहारे मतदान करने पहुंची। उदय राजी ने कहा कि भइया कहिन रहा दादी वोटवा दिहौ तो भइया चली आईन हैं।
अब सरकार से हम सबका लाभ दिवावैं। इसी तरह से कटरा ब्लॉक के वीरपुर बूथ पर गंगादीन पुरवा निवासिनी 117 वर्षीय बिस्मिल्लाह बेगम अपने बेटे के गोद में मतदान स्थल पहुंच कर मताधिकार का प्रयोग किया।
तू लड़िका सम्हारौ हम वोटवा डारे देईत है
अभी भी कई क्षेत्र में महिलाओं के कार्य में पुरुषों की ही चलती है। ग्राम प्रधानी हो या फिर पंचायत का कोई और पद लगभग 80 फीसद पुरुष ही महिलाओं के पद के काम को खुद देखने की बात तो सामने आती ही रहती है। अब तो यह मतदान करने में भी देखने को मिला है। जब एक व्यक्ति ने अपने मोहल्ले व घर की महिलाओं के वोट खुद ही डाल दिया।
ऐसा नजारा शनिवार को कटरा बाजार ब्लॉक के रंजीतपुर बूथ पर एक व्यक्ति एक महिला को बोला कि तू लड़िका सम्हारौ हम वोटवा डारे देईत है। सीधी साधी महिला ने झट से लड़के को गोद में लिया उसने महिला का वोट खुद ही डाल दिया। महिला के दिल में वोट डालने की हसरत यूं दब कर रह गई।
वोटवा तौ दै दिहन है अब प्रधानी जीत कै कुछ काम करैं
वोटवा तो दै दिहन है अब प्रधानी जीत कै प्रधान कुछ नीक काम करैं। यतनी दूर पैदरै आईन है थकि गईन है। बईठौ दिदिया सुस्ताय लिऔ। और सुनावो बहिनी घर कै हालि का है। यह बातचीत कटरा बाजार के पूर्व माध्यमिक विद्यायल मंगुरही में बने बूथ के पास की है।
यहां मतदान करने के बाद गांव की कुछ महिलाएं वोट डालने के बाद अपने गांव की बनने वाली सरकार के मुखिया से कुछ अच्छा होने की आस लगा रही है। थोड़ी देर उनकी बात सुनने से लगा कि महिलाएं बेवजह वोट डालने को सही नहीं मानतीं। उनके अंदर गांव में विकास के रूप में बदलाव देखने की ललक है। उन्हें गांव की नई पंचायत वाली सरकार से बेहतर विकास की उम्मीद है।
रातभर चलाई बाइक, सुबह डाला वोट फिर चले गए
कटरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत वीरपुर कटरा के तिवारीपुरवा के कई लोग नोयडा से सिर्फ वोट डालने आए थे। रातभर मोटरसाइकिल चलाकर ये लोग यहां पहुंचे और वोट डालने के बाद तुरंत वापस हो गए। इनके परिवारीजनों का कहना था कि क्या बताएं गांव का मामला था। सब अपने ही चुनाव में थे, इसलिए वोट डलवाने के लिए दबाव बहुत पड़ रहा था। इसके चलते वहां नौकरी व व्यवसाय करने वाले लोगों को यहां वोट डालने के लिए आना पड़ा।
देखे रहव, एकौ वोट फर्जी न पड़य
मंगुरही स्थित एक बूथ से थोड़ी दूर बैठे चार लोग आपस में बात कर रहे थे कि देखे रहव एकौ वोट फर्जी न पड़य। जब कोई कोशिश करय तो तुरंतय विरोध किहिव हम सब साथे हन। इसी तरह अन्य बूथों पर भी प्रत्याशियों के समर्थक निगरानी करते दिखे। जहां कई भी अनियमितता की आशंका हुई, वहां विरोध भी हुआ।