{"_id":"62f7e05a25b715270030ea04","slug":"viral-fever-gonda-news-lko6437961148","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायरल बुखार व सर्दी के बढ़े मरीज, डायरिया पीड़ित 12 हुए भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायरल बुखार व सर्दी के बढ़े मरीज, डायरिया पीड़ित 12 हुए भर्ती
विज्ञापन
फोटो-3 गोंडा के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। -संवाद
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव से एक बार फिर बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम सहित डायरिया के मरीजों का तांता लगा रहता है। शनिवार को डायरिया से पीड़ित 12 मरीजों को भर्ती किया गया। इसके अलावा वायरल बुखार व खांसी-जुकाम से पीड़ित पांच सौ से अधिक मरीजों का ओपीडी में इलाज हुआ। करीब 1200 मरीजों ने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न ओपीडी में इलाज कराया।
शनिवार को जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ रही। सबसे अधिक मरीज उल्टी दस्त व डायरिया से पीड़ित थे। इटियाथोक के बेनीपुर निवासी विद्या देवी (55) उल्टी दस्त से पीड़ित थी। इमरजेंसी में भर्ती करवाकर इलाज शुरू किया गया। शहर के सिविल लाइन निवासी संगीता (48), रानी बाजार निवासी संदीप दो वर्ष, ककहरवा निवासी शनि (18) भी डायरिया से पीड़ित थे, जिन्हें भर्ती किया गया। जबकि इटियाथोक के बिरमापुर निवासी आसिफ (1) को उल्टी-दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया। शनिवार शाम तक डायरिया के लक्षण वाले कुल 12 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुुरू किया गया।
वायरल बुखार के मरीजों के घट रहे प्लेटलेट्स
जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा। फिजीशियन डॉ. जितेंद्र मिश्र ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव के चलते जुकाम व वायरल बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 70 से 80 बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। वायरल फीवर मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। हालांकि इन मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। इसके साथ ही 30 से 50 खांसी व जुकाम के मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में हर रोज करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकांश मरीजों का खून जांच करवाकर इलाज शुरू किया जाता है। बताया कि बुखार आने पर ब्लड जांच कराएं। डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लें। बिना चिकित्सक के परामर्श से दवा न लें। खानपान का विशेष ध्यान रखें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर पर सफाई रखें और खुले में रखा पानी न पिएं। बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
विज्ञापन
महिला अस्पताल में उमड़ी भीड़
पिछले दिनों छुट्टी के बाद शनिवार को महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई ओपीडी में डॉक्टर नदारद रहे। मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि लगातार छुट्टी पड़ने से अधिकांश डॉक्टर अपने घर चले गए, जिससे अव्यवस्था हो रही है।
विज्ञापन
शनिवार को जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ रही। सबसे अधिक मरीज उल्टी दस्त व डायरिया से पीड़ित थे। इटियाथोक के बेनीपुर निवासी विद्या देवी (55) उल्टी दस्त से पीड़ित थी। इमरजेंसी में भर्ती करवाकर इलाज शुरू किया गया। शहर के सिविल लाइन निवासी संगीता (48), रानी बाजार निवासी संदीप दो वर्ष, ककहरवा निवासी शनि (18) भी डायरिया से पीड़ित थे, जिन्हें भर्ती किया गया। जबकि इटियाथोक के बिरमापुर निवासी आसिफ (1) को उल्टी-दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया। शनिवार शाम तक डायरिया के लक्षण वाले कुल 12 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुुरू किया गया।
विज्ञापन
वायरल बुखार के मरीजों के घट रहे प्लेटलेट्स
जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा। फिजीशियन डॉ. जितेंद्र मिश्र ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव के चलते जुकाम व वायरल बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 70 से 80 बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। वायरल फीवर मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। हालांकि इन मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। इसके साथ ही 30 से 50 खांसी व जुकाम के मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में हर रोज करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकांश मरीजों का खून जांच करवाकर इलाज शुरू किया जाता है। बताया कि बुखार आने पर ब्लड जांच कराएं। डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लें। बिना चिकित्सक के परामर्श से दवा न लें। खानपान का विशेष ध्यान रखें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर पर सफाई रखें और खुले में रखा पानी न पिएं। बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
विज्ञापन
महिला अस्पताल में उमड़ी भीड़
पिछले दिनों छुट्टी के बाद शनिवार को महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई ओपीडी में डॉक्टर नदारद रहे। मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि लगातार छुट्टी पड़ने से अधिकांश डॉक्टर अपने घर चले गए, जिससे अव्यवस्था हो रही है।