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ग्रामीणों ने काटा एल्गिन चरसड़ी रिंग बांध
गोंडा
Updated Thu, 10 Aug 2017 10:25 PM IST
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गोंडा के परसपुर में नंदौर गांव के पास बाढ़ से बचाव के लिए ग्रामीणो ने काट दिया बांध।
- फोटो : amar ujala
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जिले में बाढ़ की विनाशलीला जारी है। करनैलगंज क्षेत्र में घाघरा नदी का पानी कहर बरपा रहा है। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से गुरुवार को तीन गांवों के 19 और मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए। इस तरह अब बाढ़ प्रभावित मजरों की संख्या बढ़कर 374 हो गई है।
लोगों का गांवों से पलायन जारी है और बाढ़ राहत केंद्रों पर लगाये गए अफसर व कर्मचारी घाघरा के इस रौद्र रूप के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। वहीं गुरुवार को शौच के लिए निकली एक महिला की बाढ़ के पानी में डूब कर मौत हो गई।
सूचना पर पहुंचे अफसरों ने महिला के शव को बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं बाढ़ की विभीषिका से बचने के लिए बुधवार की रात में परसपुर के नंदौर गांव के समीप ग्रामीणों ने एल्गिन चरसड़ी रिंग बांध के करीब 20 मीटर हिस्से को काट डाला। बांध के कट जाने के बाद इस क्षेत्र के निचले इलाकों में भरा पानी अब सरयू नदी की तरफ बढ़ने लगा है। हालांकि इस बांध के काटे जाने को लेकर प्रशासनिक अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
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करनैलगंज क्षेत्र में घाघरा अपने रौद्र रूप में है। गुरुवार को 4 गांवों के 19 और मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए। इस तरह से 47 गावों के 374 मजरे अब तक बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। करनैलगंज ग्राम नकहरा, काशीपुर, घरकुंइया, प्रतापपुर, बहुवन मदार मांझा, नन्दौर के नजदीक बसे करीब 20 मजरों के 2 सौ परिवारों की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है।
यह मजरे कभी भी घाघरा की धारा में समाहित हो सकते हैं। वहीं भगवंतेपुरवा के रहने वाले बेचनलाल के मुताबिक उसकी पत्नी किरन(35)गुरुवार की सुबह शौच जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में बंधे के समीप उसका पैर फिसल गया और वह घाघरा के गहरे पानी में जा गिरी।
परसपुर क्षेत्र के करीब 8 मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया। ग्रामीणों ने बाढ़ की विभीषिका से बचने के लिए नंदौर गांव के समीप एल्गिन चरसड़ी रिंग बांध के 20 मीटर हिस्से को काट डाला। बांध के कट जाने के बाद इस क्षेत्र के निचले इलाकों में भरा पानी अब सरयू नदी की तरफ बढ़ने लगा है।
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लोगों का गांवों से पलायन जारी है और बाढ़ राहत केंद्रों पर लगाये गए अफसर व कर्मचारी घाघरा के इस रौद्र रूप के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। वहीं गुरुवार को शौच के लिए निकली एक महिला की बाढ़ के पानी में डूब कर मौत हो गई।
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सूचना पर पहुंचे अफसरों ने महिला के शव को बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं बाढ़ की विभीषिका से बचने के लिए बुधवार की रात में परसपुर के नंदौर गांव के समीप ग्रामीणों ने एल्गिन चरसड़ी रिंग बांध के करीब 20 मीटर हिस्से को काट डाला। बांध के कट जाने के बाद इस क्षेत्र के निचले इलाकों में भरा पानी अब सरयू नदी की तरफ बढ़ने लगा है। हालांकि इस बांध के काटे जाने को लेकर प्रशासनिक अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
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करनैलगंज क्षेत्र में घाघरा अपने रौद्र रूप में है। गुरुवार को 4 गांवों के 19 और मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए। इस तरह से 47 गावों के 374 मजरे अब तक बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। करनैलगंज ग्राम नकहरा, काशीपुर, घरकुंइया, प्रतापपुर, बहुवन मदार मांझा, नन्दौर के नजदीक बसे करीब 20 मजरों के 2 सौ परिवारों की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है।
यह मजरे कभी भी घाघरा की धारा में समाहित हो सकते हैं। वहीं भगवंतेपुरवा के रहने वाले बेचनलाल के मुताबिक उसकी पत्नी किरन(35)गुरुवार की सुबह शौच जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में बंधे के समीप उसका पैर फिसल गया और वह घाघरा के गहरे पानी में जा गिरी।
परसपुर क्षेत्र के करीब 8 मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया। ग्रामीणों ने बाढ़ की विभीषिका से बचने के लिए नंदौर गांव के समीप एल्गिन चरसड़ी रिंग बांध के 20 मीटर हिस्से को काट डाला। बांध के कट जाने के बाद इस क्षेत्र के निचले इलाकों में भरा पानी अब सरयू नदी की तरफ बढ़ने लगा है।