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अयोध्या विकास प्राधिकरण से बाहर करें गोंडा के गांव
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फोटो-15-गोंडा में नवाबगंज के नंदिनीनगर में सांसद को ज्ञापन सौंपते जनप्रतिनिधि।- संवाद
- फोटो : GONDA
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नवाबगंज (गोंडा)। प्रदेश सरकार ने राम नगरी का कायाकल्प करने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण का विस्तार करते हुए नवाबगंज नगर पालिका समेत विकास खंड के 63 गांवों को शामिल किया है। लेकिन दो साल बाद भी इस क्षेत्र में विकास की कोई किरण नहीं दिखी है। प्राधिकरण क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। अब प्राधिकरण ने बिना नक्शा पास कराए किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी। इसके लिए लोग महीनों से प्राधिकरण कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
विकास प्राधिकरण के रवैए से परेशान नगर पालिका अध्यक्ष सहित विकास खंड के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा सभासदों ने नंदिनी नगर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांगपत्र कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सौंपा और क्षेत्र को अयोध्या विकास प्राधिकरण से बाहर करने की मांग की। सांसद ने जनप्रतिनिधियों की मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि विकास प्राधिकरण में शामिल होने के बाद से ग्रामीण अंचलों में किसी भी प्रकार के निर्माण शुरू किया जाता है तो कर्मचारी मौके पहुंच कर नक्शा व जमीन के मालिकाना हक संबंधित कागजात मांगते हैं।
गांव में आबादी की जमीन पीढ़ी दर पीढ़ी से काबिज लोगों के पास कोई कागज नहीं होता है। लेकिन निर्माण कार्य करवाने में काम को रुकवा दिया जाता है। अवैध वसूली भी की जाती है। कोई व्यवस्था व सुविधा आम जनमानस के लिए नहीं उपलब्ध कराई गई है। क्षेत्र को अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल किए जाने के बाद से लोग परेशान हैं।
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इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, सुमित भूषण सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, प्रधान जितेंद्र तिवारी, मो. इलियास, श्याम सागर, यदुनंदन यादव, राधेश्याम यादव, विपिन सिंह, चिंतामणि तिवारी, लालजी सिंह, गौरव सिंह, राजाराम यादव मौजूद रहे।
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विकास प्राधिकरण के रवैए से परेशान नगर पालिका अध्यक्ष सहित विकास खंड के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा सभासदों ने नंदिनी नगर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांगपत्र कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सौंपा और क्षेत्र को अयोध्या विकास प्राधिकरण से बाहर करने की मांग की। सांसद ने जनप्रतिनिधियों की मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि विकास प्राधिकरण में शामिल होने के बाद से ग्रामीण अंचलों में किसी भी प्रकार के निर्माण शुरू किया जाता है तो कर्मचारी मौके पहुंच कर नक्शा व जमीन के मालिकाना हक संबंधित कागजात मांगते हैं।
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गांव में आबादी की जमीन पीढ़ी दर पीढ़ी से काबिज लोगों के पास कोई कागज नहीं होता है। लेकिन निर्माण कार्य करवाने में काम को रुकवा दिया जाता है। अवैध वसूली भी की जाती है। कोई व्यवस्था व सुविधा आम जनमानस के लिए नहीं उपलब्ध कराई गई है। क्षेत्र को अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल किए जाने के बाद से लोग परेशान हैं।
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इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, सुमित भूषण सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, प्रधान जितेंद्र तिवारी, मो. इलियास, श्याम सागर, यदुनंदन यादव, राधेश्याम यादव, विपिन सिंह, चिंतामणि तिवारी, लालजी सिंह, गौरव सिंह, राजाराम यादव मौजूद रहे।