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जिला अस्पताल में तीमारदारों का हंगामा, मारपीट कर स्टाफ नर्स के कपड़े फाड़े

Wed, 18 Aug 2021 10:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 10:06 PM IST
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Uproar in district hospital, beat up and tore nurse's clothes
गोंडा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगा कर तीमारदारों ने मंगलवार देर रात बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय में जमकर बवाल काटा। अराजकता पर उतरे तीमारदारों ने मौके पर मौजूद कर्मियों व स्टाफ नर्स के साथ मारपीट कर नर्स के कपड़े तक फाड़ डाले। हंगामे की पूरी घटना जिला अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
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जिला अस्पताल में शहर के राजा मोहल्ला निवासी पप्पू की पुत्री माही को इमरजेंसी में वार्ड में भर्ती कराया गया था जहां देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मरीज के मौत के बाद गुस्साए तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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उसी वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीज संध्या के साथ आए तीमारदारों ने स्टाफ नर्स सहित अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट कर नर्स के कपड़े तक फाड़ दिए। स्टाफ नर्स खुशबू चौधरी ने बताया कि एक मरीज गंभीर अवस्था मे आया था उसका इलाज किया जा रहा था।
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तभी अराजकता पर उतारू कुछ लोगों ने इलाज में लापरवाही की बात कहकर मारपीट करना शुरू कर दिया। इन लोगों ने टिफिन देने आए मेरे पति व स्टाफ के अन्य कर्मियों के साथ भी मारपीट की। बीच बचाव की कोशिश में मेरे कपड़े तक फाड़ डाले। पीड़ित नर्स ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
स्टाफ नर्स खुश्बू के पति विनोद जायसवाल ने बताया कि वह अपनी पत्नी को खाना देने गया था। इसी दौरान वहां करीब एक दर्जन लोग हंगामा करते हुए पहुंचे और उन्होंने मेरी पत्नी के साथ बदसलूकी कर उसके कपड़े भी फाड़ दिए। हंगामा कर रहे लोग खुद को हिंदू युवा वाहिनी का कार्यकर्ता बता रहे थे।
जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों व तीमारदारों के बीच मारपीट की घटनाएं होती रहती है। इसके बावजूद प्रशासन की उदासीनता से यहां की पूरी सुरक्षा राम भरोसे है। सुरक्षा के कोई खास इंतजाम न होने से रात में बिल्कुल सन्नाटा पसर जाता है।

हर रोज जुटने वाली मरीजों की भीड़ होने के बावजूद जिला अस्पताल में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। जिससे उपद्रव होने पर पुलिस को पहुंचने में काफी समय लगता है। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में पुलिस चौकी बनाने की मांग की गई है, लेकिन उस पर कोई विचार नहीं हुआ।
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