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Gonda News: हादसे के बाद डेढ़ घंटे पड़े रहे दो दोस्त, मौत
Sat, 18 Apr 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 18 Apr 2026 11:49 PM IST
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फोटो-7-गोंडा में नीरज शुक्ला। फाइल फोटो
मोतीगंज/गोंडा। मोतीगंज-दतौली मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो दोस्तों की मौत हो गई। दोनों युवक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीररूप से घायल हो गए। मदद के इंतजार में डेढ़ घंटे तक पड़े रहे। बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
दिनारा बनकटा गांव निवासी प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू (32) अपने मित्र नीरज शुक्ला (30) के साथ गांव के ही बबलू श्रीवास्तव के तिलक समारोह में शामिल होने बाइक से राजगढ़ बाजार जा रहे थे। रात में जब वह मोतीगंज-दतौली मार्ग पर राजापुर परसौरा गांव के पास पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। इससे दोनों युवक बाइक समेत सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरे। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल होकर मरणासन्न हालत में पड़े रहे। राहगीरों की नजर पड़ने पर यूपी-112 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया, लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार दोनों युवक बिना हेलमेट के थे, जिसके कारण सिर में गंभीर चोट आई और उनकी जान नहीं बच सकी। प्रशिक्षु आईपीएस एवं थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि हादसे में मौत की जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंच गई थी, लेकिन एंबुलेंस की देरी से समय से इलाज नहीं मिल सका। जिससे दोनों की मौत हो गई। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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समय से मिलता इलाज तो बच सकती थी जान
हादसे के बाद एंबुलेंस के इंतजार में डेढ़ घंटे तक दोनों मरणासन्न हालत में गड्ढे में पड़े रहे। प्रमोद तिवारी के पिता रामरूप तिवारी ने बताया कि थाने के एसएसआई रामभवन पासवान मौके पहुंचे और घायलों को अपनी गाड़ी से लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। रास्ते में काजीदेवर सीएचसी के पास एंबुलेंस मिली। उसे रोकर दोनों घायलों को उसमें शिफ्ट किया गया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय बीत गया। जिससे दोनों की जान चली गई।
दो घरों के चिराग बुझने से मचा कोहराम
एक ही गांव के दो युवकों की मौत से दिनारा बनकटा गांव में मातम पसर गया। प्रमोद तिवारी चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। वह खेती-किसानी में परिवार का हाथ बंटाते थे। उनके परिवार में पत्नी सीमा, बेटा देवांश (12) और अभिनव (9) हैं। पिता रामरूप तिवारी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं नीरज शुक्ला तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी रश्मि, बेटा श्लोक (7), मां कमलेश और दिव्यांग पिता विजय शुक्ला हैं। तीन बहनें भी हैं। नीरज के निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा छा गया। शनिवार सुबह से ही मृतकों के घरों पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।
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दिनारा बनकटा गांव निवासी प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू (32) अपने मित्र नीरज शुक्ला (30) के साथ गांव के ही बबलू श्रीवास्तव के तिलक समारोह में शामिल होने बाइक से राजगढ़ बाजार जा रहे थे। रात में जब वह मोतीगंज-दतौली मार्ग पर राजापुर परसौरा गांव के पास पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। इससे दोनों युवक बाइक समेत सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरे। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल होकर मरणासन्न हालत में पड़े रहे। राहगीरों की नजर पड़ने पर यूपी-112 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया, लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस के अनुसार दोनों युवक बिना हेलमेट के थे, जिसके कारण सिर में गंभीर चोट आई और उनकी जान नहीं बच सकी। प्रशिक्षु आईपीएस एवं थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि हादसे में मौत की जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंच गई थी, लेकिन एंबुलेंस की देरी से समय से इलाज नहीं मिल सका। जिससे दोनों की मौत हो गई। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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समय से मिलता इलाज तो बच सकती थी जान
हादसे के बाद एंबुलेंस के इंतजार में डेढ़ घंटे तक दोनों मरणासन्न हालत में गड्ढे में पड़े रहे। प्रमोद तिवारी के पिता रामरूप तिवारी ने बताया कि थाने के एसएसआई रामभवन पासवान मौके पहुंचे और घायलों को अपनी गाड़ी से लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। रास्ते में काजीदेवर सीएचसी के पास एंबुलेंस मिली। उसे रोकर दोनों घायलों को उसमें शिफ्ट किया गया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय बीत गया। जिससे दोनों की जान चली गई।
दो घरों के चिराग बुझने से मचा कोहराम
एक ही गांव के दो युवकों की मौत से दिनारा बनकटा गांव में मातम पसर गया। प्रमोद तिवारी चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। वह खेती-किसानी में परिवार का हाथ बंटाते थे। उनके परिवार में पत्नी सीमा, बेटा देवांश (12) और अभिनव (9) हैं। पिता रामरूप तिवारी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं नीरज शुक्ला तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी रश्मि, बेटा श्लोक (7), मां कमलेश और दिव्यांग पिता विजय शुक्ला हैं। तीन बहनें भी हैं। नीरज के निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा छा गया। शनिवार सुबह से ही मृतकों के घरों पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।

फोटो-7-गोंडा में नीरज शुक्ला। फाइल फोटो

फोटो-7-गोंडा में नीरज शुक्ला। फाइल फोटो