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तीन लाख बच्चे अब गावों में पुलिस एप से लोगों को करेंगे जागरूक
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गोंडा। अब लोगों को प्राथमिकी दर्ज कराने, चरित्र सत्यापन व पुलिस से संबंधित अन्य सुविधाओं के लिए थाने या अफसरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। वे यूपी कॉप सिटीजन एप की मदद से अपने मोबाइल से ही मुकदमा दर्ज करा सकेंगे। इस सुविधा की जानकारी गांव के लोगों को नही है, इससे वे एप की मदद नहीं ले पा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने गांवों तक पुलिस एप की खूबियां लोगों को बताने का बीड़ा उठाया है। जिले के तीन हजार स्कूलों के तीन लाख से अधिक बच्चों के जरिए अभिभावकों को शिक्षक पुलिस एप की सुविधा की जानकारी देंगे। इसकी रणनीति विभाग ने तैयार की है।
स्कूलों में कार्यरत सात हजार शिक्षक गांव के लोगों को बताएंगे कि मोबाइल फोन पर यूपी कॉप एप डाउनलोड करके 27 सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इनमें ई-एफआईआर, प्राथमिकी का अवलोकन, गुम वस्तु की सूचना, दुर्घटना चेतावनी, घरेलू सहायता सत्यापन, नौकरों के सत्यापन, किराएदार सत्यापन, जुलूस, विरोध/हड़ताल पंजीकरण का अनुरोध, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगों से संबंधित सुविधाएं शामिल हैं। नागरिकों को चरित्र प्रमाणपत्र जैसे कार्यों के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। एप पर न सिर्फ चरित्र प्रमाणपत्र के आवेदन की सुविधा है, बल्कि ऑनलाइन शुल्क जमा करने की भी व्यवस्था है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
जनता के लिए काफी कारगर है पुलिस का एप
अभी लापता व्यक्तियों से संबंधित सूचना का दूरदर्शन पर प्रसारण और थाने व सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा कराने की व्यवस्था है। एप में फोटो समेत ब्योरा दर्ज होने से लोग कहीं भटकते मिले बच्चे या व्यक्ति के बारे में आसानी से जानकारी कर सकेंगे। इसी तरह अज्ञात शवों का ब्योरा दर्ज होने से उनकी शिनाख्त में सुविधा मिलेगी।
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वाहन या घर में चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद लोग अपने माल की बरामदगी का इंतजार करते रहते हैं। कई बार किसी अन्य थाने या जिले में पकड़े गए बदमाश से उनका माल बरामद हो जाता है और उन्हें अरसे बाद पता चलता है। अब एप से बरामद माल की जानकारी ली जा सकेगी। एप किसी भी स्थान पर वारदात की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को थाने का नाम पता करने की जरूरत नहीं होगी। जिस स्थान से सूचना अपलोड करेंगे, उस क्षेत्र के थाने का नाम स्क्रीन पर आ जाएगा। एप संबंधित थाने का रास्ता भी दिखाएगा। ऐसे में थानेदार सीमा विवाद का बहाना नहीं कर सकेंगे। गिरफ्तार व्यक्तियों का भी ब्योरा प्रत्येक थाने में अभियुक्त की गिरफ्तारी के साथ उसका ब्योरा एप में अपलोड कर दिया जाएगा। इससे उसके परिवारीजनों को भटकना नहीं पड़ेगा। एप में किसी अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचना देनी की व्यवस्था है। सूचना देने वाले के नाम की किसी को जानकारी नहीं हो सकेगी।
बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में मिलेगी मदद
एप काफी उपयोगी साबित होगा। इससे न सिर्फ एफआईआर फौरन दर्ज की जाएगी, बल्कि बैंक को भी इसकी एक कॉपी भेज दी जाएगी ताकि तीन दिन के अंदर पीड़ित को रिप्लाई मिल सके। एप पर ई-सुरक्षा के लिए पूरी गाइडलाइन भी उपलब्ध होगी। इसमें एटीएम कार्ड, वन टाइम पासवर्ड, फर्जी फोन कॉल के जरिए होने वाले जालसाजी को लेकर किस तरह सचेत रहें, यह बताया गया है। एटीएम बूथ में किस तरह की सावधानी बरती जाए, एटीएम से पेमेंट करते समय खास सावधानी बरतने समेत 26 तरह से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के बारे में बताया गया है। एप पर आरबीआई की गाइडलाइन भी दी गई है। जिसमें सेफ डिजिटल बैंकिंग और उपभोक्ता की जिम्मेदारी की जानकारी दी गई है।
मोबाइल पर रहेगी पूरे थाने के कार्रवाई की जानकारी
एप के जरिए एक आम नागरिक भी बीते 24 घंटे में किसी जिले या थानाक्षेत्र में हुई गिरफ्तारी का विवरण देख सकता है। साथ ही बीते 24 घंटे में दर्ज साइबर अपराध से संबंधित अंतिम 10 एफआईआर भी देखी जा सकती हैं, ताकि पता चल सके कि साइबर क्राइम से संबंधित किस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं इनामी बदमाशों, जिला बदर अपराधियों और गुंडा एक्ट के मामलों की सूची भी एप पर उपलब्ध है। थाने, क्षेत्राधिकारी या एसपी के मोबाइल नंबर भी इस एप के ‘कॉल अस बटन’ पर उपलब्ध हैं। अगर आप लांग ड्राइव पर हैं तो यह एप दुर्घटना बहुल क्षेत्र के बारे में भी जानकारी देगा।
पुलिस का यूपी कॉप एप लोगों के लिए काफी अहम है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने स्कूलों के जरिए लोगों को जागरुक करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरी जानकारी दी जा रही है। जिससे जिले के शिक्षकों को एप के बारे में जानकारी दी जाए और उनके जरिए गावों के लोगों एप के बारे में बताया जाए। पुलिस का यह एप स्कूलों में अपराध से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित होगा। -मनिराम सिंह, बीएसए
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स्कूलों में कार्यरत सात हजार शिक्षक गांव के लोगों को बताएंगे कि मोबाइल फोन पर यूपी कॉप एप डाउनलोड करके 27 सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इनमें ई-एफआईआर, प्राथमिकी का अवलोकन, गुम वस्तु की सूचना, दुर्घटना चेतावनी, घरेलू सहायता सत्यापन, नौकरों के सत्यापन, किराएदार सत्यापन, जुलूस, विरोध/हड़ताल पंजीकरण का अनुरोध, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगों से संबंधित सुविधाएं शामिल हैं। नागरिकों को चरित्र प्रमाणपत्र जैसे कार्यों के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। एप पर न सिर्फ चरित्र प्रमाणपत्र के आवेदन की सुविधा है, बल्कि ऑनलाइन शुल्क जमा करने की भी व्यवस्था है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
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जनता के लिए काफी कारगर है पुलिस का एप
अभी लापता व्यक्तियों से संबंधित सूचना का दूरदर्शन पर प्रसारण और थाने व सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा कराने की व्यवस्था है। एप में फोटो समेत ब्योरा दर्ज होने से लोग कहीं भटकते मिले बच्चे या व्यक्ति के बारे में आसानी से जानकारी कर सकेंगे। इसी तरह अज्ञात शवों का ब्योरा दर्ज होने से उनकी शिनाख्त में सुविधा मिलेगी।
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वाहन या घर में चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद लोग अपने माल की बरामदगी का इंतजार करते रहते हैं। कई बार किसी अन्य थाने या जिले में पकड़े गए बदमाश से उनका माल बरामद हो जाता है और उन्हें अरसे बाद पता चलता है। अब एप से बरामद माल की जानकारी ली जा सकेगी। एप किसी भी स्थान पर वारदात की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को थाने का नाम पता करने की जरूरत नहीं होगी। जिस स्थान से सूचना अपलोड करेंगे, उस क्षेत्र के थाने का नाम स्क्रीन पर आ जाएगा। एप संबंधित थाने का रास्ता भी दिखाएगा। ऐसे में थानेदार सीमा विवाद का बहाना नहीं कर सकेंगे। गिरफ्तार व्यक्तियों का भी ब्योरा प्रत्येक थाने में अभियुक्त की गिरफ्तारी के साथ उसका ब्योरा एप में अपलोड कर दिया जाएगा। इससे उसके परिवारीजनों को भटकना नहीं पड़ेगा। एप में किसी अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचना देनी की व्यवस्था है। सूचना देने वाले के नाम की किसी को जानकारी नहीं हो सकेगी।
बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में मिलेगी मदद
एप काफी उपयोगी साबित होगा। इससे न सिर्फ एफआईआर फौरन दर्ज की जाएगी, बल्कि बैंक को भी इसकी एक कॉपी भेज दी जाएगी ताकि तीन दिन के अंदर पीड़ित को रिप्लाई मिल सके। एप पर ई-सुरक्षा के लिए पूरी गाइडलाइन भी उपलब्ध होगी। इसमें एटीएम कार्ड, वन टाइम पासवर्ड, फर्जी फोन कॉल के जरिए होने वाले जालसाजी को लेकर किस तरह सचेत रहें, यह बताया गया है। एटीएम बूथ में किस तरह की सावधानी बरती जाए, एटीएम से पेमेंट करते समय खास सावधानी बरतने समेत 26 तरह से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के बारे में बताया गया है। एप पर आरबीआई की गाइडलाइन भी दी गई है। जिसमें सेफ डिजिटल बैंकिंग और उपभोक्ता की जिम्मेदारी की जानकारी दी गई है।
मोबाइल पर रहेगी पूरे थाने के कार्रवाई की जानकारी
एप के जरिए एक आम नागरिक भी बीते 24 घंटे में किसी जिले या थानाक्षेत्र में हुई गिरफ्तारी का विवरण देख सकता है। साथ ही बीते 24 घंटे में दर्ज साइबर अपराध से संबंधित अंतिम 10 एफआईआर भी देखी जा सकती हैं, ताकि पता चल सके कि साइबर क्राइम से संबंधित किस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं इनामी बदमाशों, जिला बदर अपराधियों और गुंडा एक्ट के मामलों की सूची भी एप पर उपलब्ध है। थाने, क्षेत्राधिकारी या एसपी के मोबाइल नंबर भी इस एप के ‘कॉल अस बटन’ पर उपलब्ध हैं। अगर आप लांग ड्राइव पर हैं तो यह एप दुर्घटना बहुल क्षेत्र के बारे में भी जानकारी देगा।
पुलिस का यूपी कॉप एप लोगों के लिए काफी अहम है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने स्कूलों के जरिए लोगों को जागरुक करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरी जानकारी दी जा रही है। जिससे जिले के शिक्षकों को एप के बारे में जानकारी दी जाए और उनके जरिए गावों के लोगों एप के बारे में बताया जाए। पुलिस का यह एप स्कूलों में अपराध से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित होगा। -मनिराम सिंह, बीएसए