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Gonda News: फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में बीडीओ समेत तीन फंसे

Fri, 27 Sep 2024 11:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 11:52 PM IST
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Three including BDO trapped in issuing fake death certificate
गोंडा। न्यायालय के आदेश पर मुजेहना ब्लाॅक के तत्कालीन बीडीओ रहे विकास मिश्र व ग्राम पंचायत सचिव सुधांशु वर्मा पर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि खंड विकास अधिकारी व पंचायत सचिव ने एक महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र दोबारा दूसरी तिथि से जारी कर दिया। न्यायालय के आदेश पर बीडीओ व पंचायत सचिव समेत तीन लोगों के खिलाफ धानेपुर थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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धानेपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पूरेनेवल पहड़वा के रहने वाले रामप्रताप मौर्य के मुताबिक खीरभारी के रहने वाले उमेशचंद्र की मां सीतापती की मौत 15 जनवरी 2014 से पहले हो चुकी है। मां की मौत के बाद उनके हिस्से की जमीन उमेश और उसके भाइयों के नाम पर आ गयी। इसके बाद उमेश ने अपने हिस्से की जमीन को उनके पिता रामसंवारे के नाम बैनामा कर दिया। दाखिल खारिज होकर जमीन रामसंवारे के नाम पर दर्ज हो गई।
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राम प्रताप का कहना है कि पिता रामसंवारे की मृत्यु के बाद उसने भी वह जमीन नागेश्वर प्रसाद मौर्य इंटर काॅलेज के नाम पर बैनामा कर दिया, जो वर्तमान में सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। लेकिन गांव में जब चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई तो उमेश की नीयत में खोट आ गई और सात साल बाद वर्ष 2021 में उसने बीडीओ व ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत कर अपनी मां की असली मृत्यु तिथि छिपाकर दूसरी तिथि में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया और उसके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया। राम प्रताप का आरोप है कि अधिकारियों ने बिना जांच पड़ताल के सीतापती की मृत्यु 6 नवंबर 2014 दिखाते हुए प्रमाणपत्र जारी कर दिया, जबकि उनकी मृत्यु 15 जनवरी 2014 के पहले हो चुकी थी।
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परेशान होकर रामप्रताप ने न्यायालय की शरण ली और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी। राम प्रताप के प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने धानेपुर पुलिस को केस दर्ज कर मामले की जांच का आदेश दिया था। थानाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुजेहना ब्लॉक के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रहे विकास मिश्र, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सुधांशु वर्मा व उमेश चंद्र के खिलाफ जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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