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Gonda News: 1,878 शिक्षण संस्थानों में शुरू ही नहीं हुआ अपार आईडी बनाने का काम
Tue, 14 Jan 2025 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:40 PM IST
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गोंडा। जिले में 1878 विद्यालयों में बच्चों की अपार आईडी बनाने का काम ही शुरू नहीं हो पाया है। जबकि स्कूल शिक्षा महानिदेशक व जिलाधिकारी तक अल्टीमेटम दे चुकीं हैं। बावजूद इसके माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में महज छह प्रतिशत व मदरसा बोर्ड के विद्यालयों में चार फीसदी बच्चों की ही अपार आईडी बनाई जा सकी है।
नई शिक्षा नीति के तहत गत सितंबर महीने से नर्सरी से कक्षा एक से 12 तक बच्चों को वन नेशन वन आईडी देने के लिए ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) की कवायद चल रही है। कुल मिलाकर बेसिक, माध्यमिक और मदरसों के 4795 विद्यालयों में 7.69 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें से महज 2.12 लाख बच्चों की ही अपार आईडी बनाई गई है।
एमआईएस इंचार्ज जगदीश शरण गुप्त ने बताया कि अधिकारियों के हिदायतों के बावजूद भी 1,878 बेसिक, माध्यमिक व मदरसों में अपार आईडी बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। अपार आईडी न बनने से बच्चों के एडमिशन, छात्रवृत्ति समेत सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद विभाग के कुल 552 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसमें से 391 विद्यालयों में अपार आईडी बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। कुल मिलाकर सिर्फ माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2.20 लाख बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। इसी तरह से मदरसा शिक्षा परिषद के स्कूलों की कुल मिलाकर चार प्रतिशत बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है।
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बीआरसी से नहीं मिल पा रहा सहयोग
माध्यमिक स्कूलों के बच्चों के आधार कार्ड को लेकर दिक्कतें आ रही है। बीआरसी पर बनाया जाना है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ज्यादातर बच्चों के अपार आईडी नहीं बनाए जा सके हैं। सभी प्रधानाचार्यों को जल्द प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
-- डॉ. रामचंद्र, जिला विद्यालय निरीक्षक
अपार आईडी बनाने में किया जा रहा हरसंभव सहयोग
सभी बच्चों को उनके अभिभावकों से सहमति के आधार पर अपार आईडी बनाया जाना है। इससे बच्चों को वन नेशन वन आईडी की सुविधा मिलेगी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।
-- अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
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नई शिक्षा नीति के तहत गत सितंबर महीने से नर्सरी से कक्षा एक से 12 तक बच्चों को वन नेशन वन आईडी देने के लिए ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) की कवायद चल रही है। कुल मिलाकर बेसिक, माध्यमिक और मदरसों के 4795 विद्यालयों में 7.69 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें से महज 2.12 लाख बच्चों की ही अपार आईडी बनाई गई है।
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एमआईएस इंचार्ज जगदीश शरण गुप्त ने बताया कि अधिकारियों के हिदायतों के बावजूद भी 1,878 बेसिक, माध्यमिक व मदरसों में अपार आईडी बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। अपार आईडी न बनने से बच्चों के एडमिशन, छात्रवृत्ति समेत सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद विभाग के कुल 552 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसमें से 391 विद्यालयों में अपार आईडी बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। कुल मिलाकर सिर्फ माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2.20 लाख बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। इसी तरह से मदरसा शिक्षा परिषद के स्कूलों की कुल मिलाकर चार प्रतिशत बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है।
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बीआरसी से नहीं मिल पा रहा सहयोग
माध्यमिक स्कूलों के बच्चों के आधार कार्ड को लेकर दिक्कतें आ रही है। बीआरसी पर बनाया जाना है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ज्यादातर बच्चों के अपार आईडी नहीं बनाए जा सके हैं। सभी प्रधानाचार्यों को जल्द प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
अपार आईडी बनाने में किया जा रहा हरसंभव सहयोग
सभी बच्चों को उनके अभिभावकों से सहमति के आधार पर अपार आईडी बनाया जाना है। इससे बच्चों को वन नेशन वन आईडी की सुविधा मिलेगी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।