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जिम्मेदार ही तोड़ रहे नियम, जाम से जूझ रहा शहर
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गोंडा में बिना हेलमेट के तीन लोग बैठे हुए।
- फोटो : GONDA
गोंडा। यातायात माह और सड़क सुरक्षा सप्ताह के जागरूकता अभियान की हवा तो जिम्मेदार ही निकाल रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी ही फर्राटे भरते दिख रहे हैं। रैली में तो हेलमेट में दिखे, लेकिन कई ऐसे रहे जो सड़क पर बिना हेलमेट व तीन सवारी देखे गए। सड़क सुरक्षा का हाल है कि फोन पर बात करते, तीन सवारी, बिना हेलमेट, यातायात के लिए सड़क पर बने चिन्हों की अनदेखी करने में पुलिस के अधिकारी भी पीछे नहीं हैं।
तीन सवारी पर पुलिस के लोग कैदी बैठाने की बात कर रहे हैं तो अन्य मामलों पर बगले झांकते हैं। फोर लेन पर आंबेडकर चौराहे से बड़गांव ओवरब्रिज तक बेतरतीब वाहनों का कब्जा है, इससे सड़क पर जाम लगा रहता है। ऐसे ही महिला अस्पताल से लेकर चौक के चारो तरफ सड़कों पर ही दुकानें सजी हैं। उसके आगे वाहन खड़े होते हैं। इससे पूरे दिन शहर का दिल (चौक) जाम के झाम से जूझ रहा है।
पुलिस इन दिक्कतों से आंखें फेरे हुए है, सड़क को कब्जा मुक्त बनाए रखने के लिए सिर्फ खानापूरी हो रही है। सड़कों पर ही दुकानों और वाहनों का स्टैंड सजता है। बस स्टॉप पर सड़क को मैदान समझकर उपयोग किया जा रहा है। बहराइच रोड हो या फिर बेलसर रोड पर सड़क पर ही वाहनों का जमावड़ा रहता है। सड़कें दोहरी अव्यवस्था की मार झेेल रही हैं। पॉलीटेक्निक के पास तो उतरौला रोड के वाहनों और दुकानों के बीच टू-लेन रोड ही नजर नहीं आती है। इन सड़कों पर चलने से सांस फूल रही है। पुलिस सिर्फ सड़कों पर चल रहे वाहनों का चालान काट रही है। यहां सड़कों पर खड़े वाहन चालकों का न तो चालान किया जा रहा है और न ही उन्हें हटाने का पुलिस प्रयास करती है। ऐसे में यातायात माह का मखौल तो जिम्मेदार ही उड़ा रहे हैं।
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बस स्टॉप पर डग्गामार वाहन अभियान को दिखा रहे आइना
बस स्टॉप से बहराइच रोड़ पर पूरे दिन सरकारी बसों के साथ ही निजी डग्गामार वाहनों का जमावड़ा रहता है। अभियान को आइना दिखा रहे यह वाहन, हर वक्त जाम की समस्या बनाए हुए हैं। हाल यह है कि मिश्रौलिया से लेकर महिला अस्पताल चौराहे तक जाम की समस्या होती है और फिर यही स्थिति पूरे शहर की हो जाती है। इन क्षेत्र में तीन पुलिस चौकियां बस स्टॉप, इनकैन, मिश्रौलिया पड़ती हैं लेकिन कुछ नही कर पा रहे हैं।
नाम बाईपास और हाल शहर के भीतर से भी बदतर
कहने को बड़गांव से मनकापुर रोड़ की तरफ जाने वाले हाईवे को बाईपास कहा जा रहा है। लेकिन यह कैसा बाईपास है जहां दोनों तरफ जाम की स्थिति शहरी क्षेत्र की जैसी रहती है। हाल यह है कि मनकापुर बस स्टॉप बाईपास पर ही स्थित है और यहां जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। यहां के जाम से पॉलीटेक्निक से लेकर स्टेशन रोड़ तक प्रभावित होता है। यहां यातायात के सिपाही रहते तो हैं लेकिन डंडा ही फटकते रह जाते हैं।
गजब: यहां तो साहब ही बिना हेलमेट भर रहे फर्राटा
यातायात माह की असली तस्वीर तो उसके पालन कराने वाले ही पेश कर रहे हैं। पुलिस व परिहवन विभाग लाखों खर्च करके नियमों से लोगों को जागरूक कर रहा है और विभाग के ही साहब नियमों को तोड़कर शान बढ़ा रहे हैं। बिना हेलमेट के शहर में धूम रहे एक सिपाही की खासी धूम है। वहीं एक बाइक पर दो पुलिस कर्मी और एक व्यक्ति बैठा दिखा।
दोनों सिपाही बिना हेल्मेट रहे, पूछने पर पता चला कि तीन सवारी तो बंदी के कारण है और हेलमेट पर चुप्पी साध रहे हैं। पुलिस वाले हैं उनका कोई क्या कर लेगा। इसी तरह एक साहब बाइक से बिना हेलमेट ही मोबाइल पर बात करते जाते दिखे। ऐसे में नियमों की गूंज अभी तक इनके कानों में नहीं पड़ी है। इसी तरह बिना हेलमेट के दरोगा तक बाइक से फर्राटे भरते दिख रहे हैं।
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के यातायात निरीक्षक समेत दोनों यातायात उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए गए है। वाहनों की अधिकता के कारण कहीं कहीं जाम लग जाता है। मगर जाम न लगने पाए इसके लिए होमागार्ड्स की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिसकर्मियों को भी हेलमेट लगाने के निर्देश हैं। -जितेन्द्र प्रसाद दूबे, सीओ यातायात
नगर मजिस्ट्रेट के साथ भ्रमण करके वाहनों को हटाया जाएगा। अगर सड़क पर लोग गाड़ी खड़ी कर रहे हैं तो उसे सीज किया जाएगा। जिससे लोगों को आने-जाने में जाम में न फंसना पड़े। -राजेश मौय, एआरटीओ प्रवर्तन
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तीन सवारी पर पुलिस के लोग कैदी बैठाने की बात कर रहे हैं तो अन्य मामलों पर बगले झांकते हैं। फोर लेन पर आंबेडकर चौराहे से बड़गांव ओवरब्रिज तक बेतरतीब वाहनों का कब्जा है, इससे सड़क पर जाम लगा रहता है। ऐसे ही महिला अस्पताल से लेकर चौक के चारो तरफ सड़कों पर ही दुकानें सजी हैं। उसके आगे वाहन खड़े होते हैं। इससे पूरे दिन शहर का दिल (चौक) जाम के झाम से जूझ रहा है।
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पुलिस इन दिक्कतों से आंखें फेरे हुए है, सड़क को कब्जा मुक्त बनाए रखने के लिए सिर्फ खानापूरी हो रही है। सड़कों पर ही दुकानों और वाहनों का स्टैंड सजता है। बस स्टॉप पर सड़क को मैदान समझकर उपयोग किया जा रहा है। बहराइच रोड हो या फिर बेलसर रोड पर सड़क पर ही वाहनों का जमावड़ा रहता है। सड़कें दोहरी अव्यवस्था की मार झेेल रही हैं। पॉलीटेक्निक के पास तो उतरौला रोड के वाहनों और दुकानों के बीच टू-लेन रोड ही नजर नहीं आती है। इन सड़कों पर चलने से सांस फूल रही है। पुलिस सिर्फ सड़कों पर चल रहे वाहनों का चालान काट रही है। यहां सड़कों पर खड़े वाहन चालकों का न तो चालान किया जा रहा है और न ही उन्हें हटाने का पुलिस प्रयास करती है। ऐसे में यातायात माह का मखौल तो जिम्मेदार ही उड़ा रहे हैं।
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बस स्टॉप पर डग्गामार वाहन अभियान को दिखा रहे आइना
बस स्टॉप से बहराइच रोड़ पर पूरे दिन सरकारी बसों के साथ ही निजी डग्गामार वाहनों का जमावड़ा रहता है। अभियान को आइना दिखा रहे यह वाहन, हर वक्त जाम की समस्या बनाए हुए हैं। हाल यह है कि मिश्रौलिया से लेकर महिला अस्पताल चौराहे तक जाम की समस्या होती है और फिर यही स्थिति पूरे शहर की हो जाती है। इन क्षेत्र में तीन पुलिस चौकियां बस स्टॉप, इनकैन, मिश्रौलिया पड़ती हैं लेकिन कुछ नही कर पा रहे हैं।
नाम बाईपास और हाल शहर के भीतर से भी बदतर
कहने को बड़गांव से मनकापुर रोड़ की तरफ जाने वाले हाईवे को बाईपास कहा जा रहा है। लेकिन यह कैसा बाईपास है जहां दोनों तरफ जाम की स्थिति शहरी क्षेत्र की जैसी रहती है। हाल यह है कि मनकापुर बस स्टॉप बाईपास पर ही स्थित है और यहां जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। यहां के जाम से पॉलीटेक्निक से लेकर स्टेशन रोड़ तक प्रभावित होता है। यहां यातायात के सिपाही रहते तो हैं लेकिन डंडा ही फटकते रह जाते हैं।
गजब: यहां तो साहब ही बिना हेलमेट भर रहे फर्राटा
यातायात माह की असली तस्वीर तो उसके पालन कराने वाले ही पेश कर रहे हैं। पुलिस व परिहवन विभाग लाखों खर्च करके नियमों से लोगों को जागरूक कर रहा है और विभाग के ही साहब नियमों को तोड़कर शान बढ़ा रहे हैं। बिना हेलमेट के शहर में धूम रहे एक सिपाही की खासी धूम है। वहीं एक बाइक पर दो पुलिस कर्मी और एक व्यक्ति बैठा दिखा।
दोनों सिपाही बिना हेल्मेट रहे, पूछने पर पता चला कि तीन सवारी तो बंदी के कारण है और हेलमेट पर चुप्पी साध रहे हैं। पुलिस वाले हैं उनका कोई क्या कर लेगा। इसी तरह एक साहब बाइक से बिना हेलमेट ही मोबाइल पर बात करते जाते दिखे। ऐसे में नियमों की गूंज अभी तक इनके कानों में नहीं पड़ी है। इसी तरह बिना हेलमेट के दरोगा तक बाइक से फर्राटे भरते दिख रहे हैं।
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के यातायात निरीक्षक समेत दोनों यातायात उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए गए है। वाहनों की अधिकता के कारण कहीं कहीं जाम लग जाता है। मगर जाम न लगने पाए इसके लिए होमागार्ड्स की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिसकर्मियों को भी हेलमेट लगाने के निर्देश हैं। -जितेन्द्र प्रसाद दूबे, सीओ यातायात
नगर मजिस्ट्रेट के साथ भ्रमण करके वाहनों को हटाया जाएगा। अगर सड़क पर लोग गाड़ी खड़ी कर रहे हैं तो उसे सीज किया जाएगा। जिससे लोगों को आने-जाने में जाम में न फंसना पड़े। -राजेश मौय, एआरटीओ प्रवर्तन