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Gonda News: बढ़ रही डायरिया-टायफाइड पीड़ित बच्चों की संख्या
Fri, 01 May 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 01 May 2026 11:11 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में इलाज करते डॉ. एम डब्ल्यू खान। -संवाद
गोंडा। मौसम में बदलाव के साथ ही संक्रामक बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डायरिया-टायफाइड से पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में डायरिया और टायफाइड के मामलों में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को 10 पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए बालरोग विभाग में भर्ती किया गया।
डॉक्टरों ने संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए खुले में रखे भोजन का सेवन न करने की सलाह दी है। बताया कि बिना हाथ धोए खाना बनाने और परोसने की लापरवाही भी संक्रमण को बढ़ा रही है। बाल रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. आफताब आलम ने बताया कि टायफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी के जरिए शरीर में पहुंचकर आंतों से खून में फैलता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पेट दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं। जांच के लिए विडाल टेस्ट या ब्लड कल्चर कराया जाता है।
उन्होंने सलाह दी कि यदि बच्चे को बार-बार दस्त और उल्टी की तकलीफ हो तो इसे नजरअंदाज न करें। बच्चे को तुरंत ओआरएस घोल के साथ नारियल पानी पिलाएं। भोजन में दही, केला और खिचड़ी जैसी हल्की चीजों को भी अवश्य शामिल करें। मीठे पेय और तली-भुनी वस्तुओं से परहेज करना भी जरूरी है।
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डॉक्टरों ने संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए खुले में रखे भोजन का सेवन न करने की सलाह दी है। बताया कि बिना हाथ धोए खाना बनाने और परोसने की लापरवाही भी संक्रमण को बढ़ा रही है। बाल रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. आफताब आलम ने बताया कि टायफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी के जरिए शरीर में पहुंचकर आंतों से खून में फैलता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पेट दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं। जांच के लिए विडाल टेस्ट या ब्लड कल्चर कराया जाता है।
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उन्होंने सलाह दी कि यदि बच्चे को बार-बार दस्त और उल्टी की तकलीफ हो तो इसे नजरअंदाज न करें। बच्चे को तुरंत ओआरएस घोल के साथ नारियल पानी पिलाएं। भोजन में दही, केला और खिचड़ी जैसी हल्की चीजों को भी अवश्य शामिल करें। मीठे पेय और तली-भुनी वस्तुओं से परहेज करना भी जरूरी है।
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