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पत्रकार ने की आत्मदाह की कोशिश
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2016 12:07 AM IST
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान गैसड़ी बाजार में पत्रकारों पर हुए हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज पत्रकारों ने रविवार को जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस के भारी सुरक्षा इंतजाम को चकमा देते हुए पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने वीर विनय चौराहे पर आत्महदाह का प्रयास किया। पुलिस वर्षकार को जबरन एंबुलेंस में लादकर जिला अस्पताल ले गई।
आक्रोशित पत्रकारों ने चक्का जामकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अस्पताल परिसर में एएसपी से पत्रकारों की तीखी नोंक-झोंक भी हुई। हमले के पीड़ित पत्रकार ने 24 फरवरी को जिले में आ रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष आत्मदाह की चेतावनी दी है।
विदित हो कि गत सात फरवरी को ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान गैसड़ी बाजार में चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव के पुत्र राकेश यादव के इशारे पर कवरेज कर रहे पत्रकारों पर सपाइयों ने हमला कर दिया था। घटना में पत्रकार राकेश निर्भीक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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सत्ता के दबाव में पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की। नाराज राकेश निर्भीक ने न्याय की मांग को लेकर वीर विनय चौराहे पर अनशन शुरू किया तो शनिवार को पुलिस ने धारा 144 का नोटिस देकर धरना स्थल उखाड़ दिया। इसी बात से नाराज पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने रविवार को आत्मदाह करने की चेतावनी दी।
रविवार सुबह ही नगर का वीर विनय चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। करीब 11 बजे चौराहे पर पहुंचे पत्रकारों ने डॉ. एसपी यादव मुर्दाबाद पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद की नारेबाजी शुरू कर दी। एसपी ने पत्रकारों से वार्ता कर मामले को सुलझाने की कोशिश तो की लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी।
करीब 12 बजे वर्षकार सिंह कलहंस ने अचानक वीर विनय चौराहे पर पहुंचकर आत्मदाह करने के लिए अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया। मौजूद पुलिसकर्मी वर्षकार को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए। इस दौरान पत्रकारों व पुलिस के बीच जमकर छीना-झपटी भी हुई।
नाराज पत्रकारों ने चौराहे पर चक्का जामकर पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ खूब नारेबाजी की। आम जनता को चक्का जाम से हो रही परेशानी को देखते हुए पत्रकार वहां से उठकर मेमोरियल चिकित्सालय पहुंच गए।
अस्पताल में एएसपी एसके राय ने पत्रकारों पर धौंस जमाने की कोशिश भी की लेकिन पत्रकारों के आक्रोशित होते ही वह बैकफुट पर आ गए।
पीड़ित पत्रकार राकेश निर्भीक ने चेतावनी दी है कि यदि 23 फरवरी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वह 24 फरवरी को बलरामपुर आ रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष खुद आत्मदाह करेंगे।
पत्रकारों के आंदोलन को उतरौला निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद अहमद तथा प्रदेश कांग्रेस सचिव अरुण प्रकाश सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर समर्थन दिया।
वरिष्ठ वकील दिनेश सिंह ने कहा कि पुलिस सत्ता के हाथ की कठपुतली बन गई है। इस मौके पर एसडीएम शिवपूजन, सदर एसडीएम इंद्रभूषण वर्मा समेत तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
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आक्रोशित पत्रकारों ने चक्का जामकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अस्पताल परिसर में एएसपी से पत्रकारों की तीखी नोंक-झोंक भी हुई। हमले के पीड़ित पत्रकार ने 24 फरवरी को जिले में आ रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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विदित हो कि गत सात फरवरी को ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान गैसड़ी बाजार में चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव के पुत्र राकेश यादव के इशारे पर कवरेज कर रहे पत्रकारों पर सपाइयों ने हमला कर दिया था। घटना में पत्रकार राकेश निर्भीक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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सत्ता के दबाव में पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की। नाराज राकेश निर्भीक ने न्याय की मांग को लेकर वीर विनय चौराहे पर अनशन शुरू किया तो शनिवार को पुलिस ने धारा 144 का नोटिस देकर धरना स्थल उखाड़ दिया। इसी बात से नाराज पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने रविवार को आत्मदाह करने की चेतावनी दी।
रविवार सुबह ही नगर का वीर विनय चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। करीब 11 बजे चौराहे पर पहुंचे पत्रकारों ने डॉ. एसपी यादव मुर्दाबाद पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद की नारेबाजी शुरू कर दी। एसपी ने पत्रकारों से वार्ता कर मामले को सुलझाने की कोशिश तो की लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी।
करीब 12 बजे वर्षकार सिंह कलहंस ने अचानक वीर विनय चौराहे पर पहुंचकर आत्मदाह करने के लिए अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया। मौजूद पुलिसकर्मी वर्षकार को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए। इस दौरान पत्रकारों व पुलिस के बीच जमकर छीना-झपटी भी हुई।
नाराज पत्रकारों ने चौराहे पर चक्का जामकर पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ खूब नारेबाजी की। आम जनता को चक्का जाम से हो रही परेशानी को देखते हुए पत्रकार वहां से उठकर मेमोरियल चिकित्सालय पहुंच गए।
अस्पताल में एएसपी एसके राय ने पत्रकारों पर धौंस जमाने की कोशिश भी की लेकिन पत्रकारों के आक्रोशित होते ही वह बैकफुट पर आ गए।
पीड़ित पत्रकार राकेश निर्भीक ने चेतावनी दी है कि यदि 23 फरवरी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वह 24 फरवरी को बलरामपुर आ रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष खुद आत्मदाह करेंगे।
पत्रकारों के आंदोलन को उतरौला निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद अहमद तथा प्रदेश कांग्रेस सचिव अरुण प्रकाश सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर समर्थन दिया।
वरिष्ठ वकील दिनेश सिंह ने कहा कि पुलिस सत्ता के हाथ की कठपुतली बन गई है। इस मौके पर एसडीएम शिवपूजन, सदर एसडीएम इंद्रभूषण वर्मा समेत तमाम पत्रकार मौजूद रहे।