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बारिश से किसानों में खुशी
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:15 PM IST
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अचानक मौसम में बदलाव आ जाने व बारिश होने से रबी सीजन की सभी फसलों को संजीवनी मिल गई है। मायूस किसानों के चेहरे मौसम के बदलाव व बारिश होने से खिल गए हैं। किसान व कृषि विशेषज्ञ बूंदाबांदी शुरू होने को फसलों के लिए शुभ मान रहे हैं। वहीं, बारिश से फसलों को राहत मिल गई है।
जिले में रबी फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी। रबी फसलों की बोआई से लेकर अब तक पारा 24 डिग्री सेल्सियस चल रहा था।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक फसलों को इस समय 14 से 18 डिग्री तापमान की आवश्यकता है। अब पारा गिरने व बारिश शुरू हो जाने से फसलों का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद बढ़ी है।
खेतों में नमी न होने से फसलों की बढ़वार रुकी हुई थी। परेशान किसान नमी के अभाव में फसलों में यूरिया नही लगा पा रहे थे। किसान पिछले एक पखवारे से आसमान की ओर बारिश होने को लेकर टक टकी लगाए थे। शायद ऊपर वाले ने किसानों की दुआएं सुन लीं।
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सोमवार की रात में ही आसमान पर बादल छा गए। सुबह लोगों क ो मौसम का नजारा बदला दिखाई पड़ा। सुबह 11 बजे से रुक-रुक कर बारिश होने लगी।
बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि यदि और बारिश हो गई तो फसलों में बेहतरी आ जाएगी।
बूंदाबांदी होने से किसान तो खुश हैं, लेकिन उनका कहना है कि जमीन सूखी पड़ी है। हल्की बारिश से काम नही चलेगा। अधिक बारिश होने से ही फसलों को फायदा होगा।
ग्राम भदुआतरहर के किसान सुरेश तिवारी का कहना है कि मौसम अच्छा हो गया है। लेकिन बारिश और होगी, तभी फसलों को फायदा होगा।
वहीं राजू यादव का कहना है कि अभी कम बारिश से कोई फायदा नही होगा। क्योंकि खेत से नमी गायब है, ऐसे में यूरिया की बोआई भी नहीं हो सकती। लेकिन बारिश शुरू हो जाने से किसानों को अब फसलों से बेहतरी की आस है।
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जिले में रबी फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी। रबी फसलों की बोआई से लेकर अब तक पारा 24 डिग्री सेल्सियस चल रहा था।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक फसलों को इस समय 14 से 18 डिग्री तापमान की आवश्यकता है। अब पारा गिरने व बारिश शुरू हो जाने से फसलों का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद बढ़ी है।
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खेतों में नमी न होने से फसलों की बढ़वार रुकी हुई थी। परेशान किसान नमी के अभाव में फसलों में यूरिया नही लगा पा रहे थे। किसान पिछले एक पखवारे से आसमान की ओर बारिश होने को लेकर टक टकी लगाए थे। शायद ऊपर वाले ने किसानों की दुआएं सुन लीं।
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सोमवार की रात में ही आसमान पर बादल छा गए। सुबह लोगों क ो मौसम का नजारा बदला दिखाई पड़ा। सुबह 11 बजे से रुक-रुक कर बारिश होने लगी।
बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि यदि और बारिश हो गई तो फसलों में बेहतरी आ जाएगी।
बूंदाबांदी होने से किसान तो खुश हैं, लेकिन उनका कहना है कि जमीन सूखी पड़ी है। हल्की बारिश से काम नही चलेगा। अधिक बारिश होने से ही फसलों को फायदा होगा।
ग्राम भदुआतरहर के किसान सुरेश तिवारी का कहना है कि मौसम अच्छा हो गया है। लेकिन बारिश और होगी, तभी फसलों को फायदा होगा।
वहीं राजू यादव का कहना है कि अभी कम बारिश से कोई फायदा नही होगा। क्योंकि खेत से नमी गायब है, ऐसे में यूरिया की बोआई भी नहीं हो सकती। लेकिन बारिश शुरू हो जाने से किसानों को अब फसलों से बेहतरी की आस है।