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234 स्कूलों की ऊपर हाईटेंशन लाइन से टेंशन

Mon, 20 Dec 2021 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 12:18 AM IST
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Tension from high tension line above 234 schools
गोंडा। जिले में 3140 परिषदीय विद्यालयों में चार लाख सात हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिसमें 234 स्कूलों की छतों से होकर हाईटेंशन लाइन गुजरी है। इस स्कूलों में रोज 15 हजार से अधिक नौनिहाल खतरे के बीच पढ़ाई कर रहे हैं। एचटी लाइन से इनकी जान को हर समय खतरा बना हुआ है। हाईटेंशन लाइनों के हटाए जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली विभाग को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसा तब है, जब दो साल पहले बलरामपुर में स्कूल के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन गिरने से 52 बच्चों को करंट लग गया था।
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बलरामपुर में हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेकर स्कूलों की छतों से गुजर रही बिजली की लाइनों को हटाने का फरमान जारी किया था। जिसके बाद जिले में भी ऐसे स्कूलों का चिह्नांकन किया गया और सूची बिजली विभाग को भेजी गई थी। विभाग की मानें तो पूरे जिले में 234 स्कूल ऐसे हैं, जहां स्कूलों के भीतर या छतों से होकर बिजली की लाइनें गुजरी हैं। यह हादसे का कारण बन सकती हैं।
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इन स्कूलों में 15 हजार से अधिक छात्रों की जान जोखिम में है। स्कूलों के ऊपर से जहां हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं, वहां के बच्चे और शिक्षक दोनों सहमे रहते हैं। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की जान पर आफत बनी रहती है। शुक्र है कि अभी तक कहीं हाईटेंशन के तार टूटने की सूचना नहीं है, लेकिन रोज इन स्कूलों के बच्चे खतरे में रहते हैं। वैसे बिजली विभाग की मानें तो अभी तक उन्हें कहीं से हाईटेंशन तार हटाए जाने या फिर किसी तरह के खतरे की सूचना नहीं मिली है। पूरे जिले के 234 स्कूलों के करीब 15 हजार बच्चों की जान खतरे में है।
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सहमे रहते हैं नौनिहाल
जिले के स्कूलों में हाईटेंशन लाइन छतों से होकर या फिर बीच से गुजरने के कारण बच्चे सहमे रहते हैं। मॉडल प्राथमिक विद्यालय परसपुर परिसर में ही बिजली का खंभा व तार लगा है। विद्युत तार विद्यालय में पहले गिर चुका है। प्रधानाचार्य रामदीन विश्वकर्मा ने इसकी शिकायत व खंभा-तार हटवाने के लिए विद्युत विभाग व शिक्षा विभाग को प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन आज तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। इसी तरह इटियाथोक शिक्षा क्षेत्र के मेहनवन उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में बाउंड्रीवाल के अंदर से मेहनौन पावर हाउस को जाने वाली 33 हजार बिजली लाइन निकाली गई है। यहां हर समय बच्चे सहमे रहते हैं। रुपईडीह के प्राथमिक विद्यालय परसदा भवन के ऊपर से गई 11000 की लाइन गई है। इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय बखारवा में ट्रांसफार्मर ही स्कूल परिसर में लगा दिया गया है। कटरा ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय सिसईया व प्राथमिक विद्यालय अहिरन पुरवा के ऊपर से हाईटेंशन (एचटी) लाइन गुजरी है।
बिना खर्च दिए तारों को हटाने की व्यवस्था नहीं
बिजली विभाग हाईटेंशन लाइन को लेकर गंभीर नहीं है। अधीक्षण अभियंता रमेश चंद्रा का कहना है कि जहां से हाईटेंशन लाइन का तार गया है, उसे हटाने की कोई व्यवस्था नहीं है। चाहे वह सरकारी संस्था हो या फिर प्राइवेट हो। अभी तक उन्हें कहीं से कोई खतरे की शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि कहीं से तार गया है तो हटवाने के लिए प्रार्थना देने के बाद खर्च का स्टीमेट बनेगा। स्टीमेट की लागत जमा करने पर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नई हाईटेंशन की लाइन किसी आबादी से लेकर नहीं जा रहे हैं। जहां पहले से लाइन गई है, वहां के बारे में अभी कोई निर्देश नहीं है। अधीक्षण अभियंता कहते हैं कि इधर अभी तक कहीं कोई हाइटेंशन तार नहीं टूटा है। सभी क्षेत्रों के लाइनमैन बराबर नजर रख रहे हैं।

बिजली विभाग को भेजी सूची
बिजली विभाग को उन स्कूलों की सूची भेजी जा चुकी है और जिलाधिकारी की तरफ से भी निर्देश दिये जा चुके हैं। फिलहाल स्कूलों में सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- आरपी सिंह, बीएसए
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