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शिक्षकों के साथ आए वकील व व्यापारी
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:42 PM IST
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सभी ने बलरामपुर-तुलसीपुर मार्ग जामकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम व सीओ सिटी के समझाने पर प्रदर्शन व जाम समाप्त हुआ। शिक्षकों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपना मांग पत्र भेजा है।
एमएलके पीजी कॉलेज के शिक्षकों के आंदोलन को गुरुवार को कई संगठनों ने समर्थन दिया। पीजी कॉलेज शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. दिव्य दर्शन तिवारी व महामंत्री डॉ. राजीव रंजन के साथ जनपदीय शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष भगौती प्रसाद शुक्ल, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव तिवारी, युवा बार के कमलेश्वर तिवारी, कलेक्ट्रेट बार संघ के अध्यक्ष राम गोपाल पांडेय, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष रमेश पाहवा, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा, सपा जिला महासचिव इकबाल जावेद, केमिस्ट एंड ड्रग्स्टि एसोसिएशन अध्यक्ष रघुनाथ अग्रवाल, पीस पार्टी जिलाध्यक्ष शाबान अली, लायन्स क्लब सहित अन्य कई संगठनों के पदाधिकारी व सदस्यों ने गुरुवार को बलरामपुर-तुलसीपुर मार्ग पर जाम लगा प्रदर्शन शुरु कर दिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देवीपाटन मंडल के दो जनपदों के महाविद्यालयों को सिद्घार्थ विश्वविद्यालय से संबंद्ध कर पक्षपातपूर्ण परिसीमन किया गया है। गोंडा व बहराइच के महाविद्यालयों को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से ही संबंद्घ रखा गया है। देवीपाटन मंडल हाईकोर्ट लखनऊ पीठ के क्षेत्राधिकार में है जबकि सिद्घार्थनगर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के परिक्षेत्र में है। अवध विश्विद्यालय बलरामपुर एवं श्रावस्ती से सड़क एवं रेलमार्ग से जुड़ा है। सिद्घार्थनगर की दूरी दोनों जनपदों से अधिक है। सिद्घार्थ विश्वविद्यालय में गोरखपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम संचालित हैं जबकि अवध विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम यूजीसी मानक पर है।
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बलरामपुर व श्रावस्ती जपनदों के 17 महाविद्यालय अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं। अवध विश्वविद्यालय में बेसिक साइंस, कला एवं वाणिज्य के संकाय नहीं हैं जिसके चलते एमएलके महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पाठ्यक्रम एवं शोध आदि कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
एमएलके पीजी कॉलेज अवध विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण नैक ए ग्रेड है। महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। सिद्घार्थनगर विश्वविद्यालय से संबद्घ होने से अवध विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता प्रभावित होगी।
देवीपाटन मंडल के दोनों जनपदों के महाविद्यालयों की संबद्घता अवध विश्विविद्यालय से बरकरार रखने की मांग करते हुए सभी संगठनों ने आरपार के आंदोलन की घोषणा की। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक डॉ. कौशल श्रीवास्तव ने की।
मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सदर एसडीएम इंदुभूषण वर्मा व सीओ सिटी नृपेन्द्र ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया। प्रदर्शन के बाद सभी संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। कई विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शन में प्रतिभाग कर एमएलके महाविद्यालय की संबद्घता अवध विश्विविद्यालय से बरकरार रखने की मांग की।
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एमएलके पीजी कॉलेज के शिक्षकों के आंदोलन को गुरुवार को कई संगठनों ने समर्थन दिया। पीजी कॉलेज शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. दिव्य दर्शन तिवारी व महामंत्री डॉ. राजीव रंजन के साथ जनपदीय शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष भगौती प्रसाद शुक्ल, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव तिवारी, युवा बार के कमलेश्वर तिवारी, कलेक्ट्रेट बार संघ के अध्यक्ष राम गोपाल पांडेय, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष रमेश पाहवा, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा, सपा जिला महासचिव इकबाल जावेद, केमिस्ट एंड ड्रग्स्टि एसोसिएशन अध्यक्ष रघुनाथ अग्रवाल, पीस पार्टी जिलाध्यक्ष शाबान अली, लायन्स क्लब सहित अन्य कई संगठनों के पदाधिकारी व सदस्यों ने गुरुवार को बलरामपुर-तुलसीपुर मार्ग पर जाम लगा प्रदर्शन शुरु कर दिया।
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इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देवीपाटन मंडल के दो जनपदों के महाविद्यालयों को सिद्घार्थ विश्वविद्यालय से संबंद्ध कर पक्षपातपूर्ण परिसीमन किया गया है। गोंडा व बहराइच के महाविद्यालयों को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से ही संबंद्घ रखा गया है। देवीपाटन मंडल हाईकोर्ट लखनऊ पीठ के क्षेत्राधिकार में है जबकि सिद्घार्थनगर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के परिक्षेत्र में है। अवध विश्विद्यालय बलरामपुर एवं श्रावस्ती से सड़क एवं रेलमार्ग से जुड़ा है। सिद्घार्थनगर की दूरी दोनों जनपदों से अधिक है। सिद्घार्थ विश्वविद्यालय में गोरखपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम संचालित हैं जबकि अवध विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम यूजीसी मानक पर है।
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बलरामपुर व श्रावस्ती जपनदों के 17 महाविद्यालय अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं। अवध विश्वविद्यालय में बेसिक साइंस, कला एवं वाणिज्य के संकाय नहीं हैं जिसके चलते एमएलके महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पाठ्यक्रम एवं शोध आदि कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
एमएलके पीजी कॉलेज अवध विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण नैक ए ग्रेड है। महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। सिद्घार्थनगर विश्वविद्यालय से संबद्घ होने से अवध विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता प्रभावित होगी।
देवीपाटन मंडल के दोनों जनपदों के महाविद्यालयों की संबद्घता अवध विश्विविद्यालय से बरकरार रखने की मांग करते हुए सभी संगठनों ने आरपार के आंदोलन की घोषणा की। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक डॉ. कौशल श्रीवास्तव ने की।
मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सदर एसडीएम इंदुभूषण वर्मा व सीओ सिटी नृपेन्द्र ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया। प्रदर्शन के बाद सभी संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। कई विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शन में प्रतिभाग कर एमएलके महाविद्यालय की संबद्घता अवध विश्विविद्यालय से बरकरार रखने की मांग की।