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समय से विद्यालय नहीं पहुंच रहे शिक्षक

Thu, 02 Jul 2015 11:20 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2015 11:20 PM IST
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पंडरीकृपाल क्षेत्र में शिक्षकों व शिक्षाधिकारियों की उदासीनता से परिषदीय विद्यालयों की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि कहीं समय से शिक्षकों के न पहुंचने से स्कूल नहीं खुलता तो कहीं बच्चे ही नहीं आ रहे हैं। कहीं विद्यालय में मिड-डे मील नहीं बन रहा है तो कहीं किताबों के न मिलने से पुरानी किताबों से पठन-पाठन कार्य चल रहा है।
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सरकार शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान, एमडीएम, किताबों व ड्रेस पर पानी की तरह पैसा बहा रही है। जूनियर विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अनुदेशक व विषय विशेषज्ञों की तैनाती भी है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। पंडरीकृपाल शिक्षा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के संचालन की स्थितियों की एक रिपोर्ट।
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सुबह 8.20 बजे तक प्राथमिक विद्यालय सुभागपुर में ताला लटक रहा था। विद्यालय के छात्र लवकुश, राम निवास व प्रधान के भाई बच्चाराम एमडीएम की सब्जी व मसाला लेकर स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अभी तक यहां कोई नहीं आया था। बच्चाराम ने बताया कि प्रधानाध्यापिका किरन श्रीवास्तव व शिक्षामित्र रुचिका तिवारी तैनात हैं। स्कूल आए दिन देर से खुलता है, जिससे बच्चे भी नहीं आते हैं।
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सुबह साढ़े आठ बजे तक स्कूल का ताला नहीं खुला था। यहां एक दर्जन बच्चे व आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री मालती विद्यालय खुलने का इंतजार कर रही थीं। अभी तक अध्यापिका अंजनी यादव व शिक्षामित्र मीरा विद्यालय नहीं पहुंची थीं। अध्यापिका अंजनी यादव का कहना है कि आज तबीयत खराब होने से थोड़ी देर हो गई।

गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय तुलसीपुर कोडरी में पेड़ के नीचे बच्चों को शिक्षिका संगीता चौबे व प्रधानाध्यापिका निरुपमा पुरानी किताबों से ही पढ़ा रही थीं। निरुपमा ने बताया कि किताबेें न आने से बच्चों को पुराने किताबों से ही पढ़ाया जा रहा है। यहां 160 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें मात्र 60 बच्चे ही आए थे।

गुरुवार को जूनियर हाईस्कूल निगवाबोध में बच्चे शिक्षकों का इंतजार कर रहे थे। वहां एक बाहरी व्यक्ति विद्यालय का रजिस्टर देख रहा था। यहां तैनात प्रधानाध्यपिका विमला सिंह व सहायक अध्यापक अवधेश शुक्ल अभी तक विद्यालय नहीं आये थे।

विद्यालय के मनोज सोनकर, जगन्नाथ भारती, दीपक तिवारी व रसोइयों ने बताया कि यहां का हाल हमेशा यही रहता है। गुरुजी 10 बजे आते हैं और मैडम की जगह कभी कभी कोई दूसरा पढ़ाने आता है। अवधेश शुक्ल के पास प्राथमिक विद्यालय कड़वलिया का भी चार्ज है। वहां की सहायक अध्यापिका नीलम सिंह ने बताया कि साहब यहां आज और कल भी नहीं आए थे।

गुरुवार को जूनियर हाईस्कूल सिसई टिकरिया में इंटरवल हो गया था। विद्यालय में खाना न बनने से बच्चे बस्ता छोड़ घर खाना खाने चले गये थे। क्लास में दो बच्चे अपनी किताबें पढ़ रहे थे। यहां तैनात प्रधानाध्यापक शिव प्रसाद व नीतू चतुर्वेदी ने बताया कि अभी एमडीएम का अनाज नहीं मिला है।


यहीं हाल प्राथमिक विद्यालय लखईपुरवा, प्राथमिक विद्यालय टिकरिया व प्राथमिक विद्यालय सिसई का है। प्राथमिक विद्यालय सिसई की प्रधानाध्यपिका लंबी छुट्टी पर हैं और प्रशिक्षु शिक्षक प्रशिक्षण में है। इस विद्यालय में 212 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन आज मात्र सात बच्चे की विद्यालय में आए थे।
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