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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Taken land but not planted industry

ले ली जमीन मगर नहीं लगाए उद्योग

Sat, 22 Aug 2015 11:39 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2015 11:39 PM IST
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क्षेत्र के 40 लोगों ने उद्योग के लिए जमीन का आवंटन तो करा लिया, मगर 20 साल बाद भी उद्योग शुरू नहीं किया। बल्कि वे जमीन का भाव बढ़ाकर मुनाफा लूटने की जुगत में लग गए हैं। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए अब तक नाली, सड़क, पेयजल आदि की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। अब 20 वर्ष बाद निर्माण शुरू हुआ है।
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तहसील मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर दूर करनैलगंज-गोंडा मार्ग पर कादीपुर गांव में करीब 20 वर्ष पूर्व औद्योगिक भूमि का आवंटन 40 लोगों को उद्योग लगाने के लिए किया गया था। इसमें से अधिकांश लाभार्थियों ने आवंटित भूमि पर नींव व दीवार बनाकर कब्जा तो कर लिय, मगर कोई उद्योग शुरू नहीं किया।
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अब तक उस स्थान पर जलभराव रहता था। मात्र पांच लोगों ने आवंटित भूमि पर उद्योग लगाए। इसमें अब्दुल कय्यूम की दाल मिल, अब्दुल करीम की राइस मिल, नसीम अहमद की भारत फूड कंपनी, इसरातुन्निशा के नाम पर भारत ट्रेडिंग कंपनी का संचालन हो रहा है।
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ये चारों उद्योग एक ही परिवार को आवंटित किए गए। अमित सिंहानियां द्वारा इंटरलॉकिंग ईंट उद्योग चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कोई भी उद्योग आवंटित भूमि पर नहीं चल रहे हैं। मौजूदा समय में औद्योगिक स्थल पर सड़क व नाली का निर्माण तेजी से हो रहा है। शेष लोगों की भूमि नींव भरी एवं दीवार खड़ी कर जस की तस पड़ी है।

20 प्लाटों में उनकी चार फैक्ट्रियां करीब 10 साल से चल रही हैं। तमाम सुविधाएं नहीं थीं, जिसे उन्होंने स्वयं पूरा कराया। सरकार द्वारा न सड़क बनवाई गई और न ही नाली का निर्माण कराया गया। मौजूदा समय सड़क पर इंटरलॅाकिंग का काम शुरू हुआ है।
-अब्दुल करीम, उद्यमी

सर्जिकल इंडस्ट्रीज लगाने के लिए उन्हें जमीन मिली थी, जिसे लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी धनाभाव के कारण उद्योग नहीं लगाया जा सका है। इसके लिए कहीं से कोई आर्थिक मदद भी नहीं मिली है।
-गजेंद्र सिंह, उद्यमी

करीब 20 साल पहले क्षेत्र को औद्योगिक इकाई बनाने के लिए प्रयास शुरू हुआ था, मगर बिना लाभ लिए लोग अपना उद्योग स्थापित करके चला रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र बिना उद्योग के ही पड़ा है। आवंटित भूमि का अधिकांश हिस्सा खाली है। बिजली समय से न आने के कारण उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं।
-मंशाराम पाठक

लगभग 20 वर्ष पहले ग्रामीणों की जमीन औद्योगिक क्षेत्र बनाने व उद्योग स्थापित करने के लिए ली गई थी, मगर एक ही परिसर में कुछ प्लांट लगाकर कार्य समाप्त हो गया। सहूलियत के नाम पर शासन या प्रशासन के स्तर से कोई कार्य नहीं हुआ।

-द्वारिका प्रसाद शर्मा

उद्योग के लिए भूमि का आवंटन कब हुआ था, क्या शर्तें थीं तथा किस उद्योग के लिए किया गया था और उद्योग संचालित हैं या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि उद्योगों का संचालन शुरू नहीं हुआ हैं तो कार्रवाई होगी। आवंटन भी निरस्त किया जा सकता है। -वीके सिंह, एसडीएम
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