फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Sugar mills raised their hands due to power crisis

चीनी मिलों ने खड़े कर दिए हाथ, अभी पूरे महीने बिजली संकट के आसार

Sat, 16 Oct 2021 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 10:36 PM IST
विज्ञापन
Sugar mills raised their hands due to power crisis
गोंडा। कोयले की कमी से पैदा हुई बिजली की समस्या के कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। कुंदुरखी और उतरौला चीनी मिलों ने जिले को बिजली देना बंद कर दिया, तो वहीं पड़ोसी जिला बस्ती ने खुद ओवरलोड की बात कहकर बिजली देने से हाथ खड़ा कर दिया। खपत की अपेक्षा बिजली आपूर्ति काफी कम हो रही है। पूरे अक्टूबर तक चार लाख उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन

जिले में बिजली का संकट और गहरा गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सिर्फ आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है। जिले में सोहावल से बिजली आपूर्ति होती थी जिससे पूरे मंडल को बिजली दी जाती थी।
विज्ञापन

पिछले दिनों ऐली परसौली के पास घाघरा नदी के कटान में 220 केवी लाइन के दो पोल आने से बिजली का संकट शुुरू हो गया। जिले को सोहावल से 228 मेगावाट, उतरौला चीनी मिल से 40 मेगावाट तथा कुदंरखी चीनी मिल से 80 मेगावाट बिजली मिल रही थी, जबकि यहां करीब 500 मेगावाट बिजली की खपत है। इसी बीच कोयले की कमी की बात कहकर कुदंरखी व उतरौला चीनी मिलों ने बिजली देना बंद कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे बिजली की किल्लत बढ़ गई। आपातकालीन रोस्टिंग के नाम पर रात में घंटों बिजली गुल रहती है। आपातकालीन रोस्टिंग का कोई समय तय नहीं है कि कितने समय आपूर्ति बंद की जाएगी। कंट्रोल रूम से आदेश आते बिजली बंद कर दी जाती है। कटौती की जद में आने वाले उपकेंद्र को 24 घंटे में आठ से दस घंटे तक ही बिजली मिलती है। ज्यादातर कटौती रातों में होती है, जिससे लोगों को सुकून की नींद भी नहीं आती है।
जेल रोड स्थित पारेषण खंड के उपकेंद्र से बिजली वितरण किया जाता है, जहां 500 के सापेक्ष 228 मेगावाट बिजली मिल रही है। 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सोहावल से 228 मेगावाट व स्वतंत्र बिजली आपूर्तिकर्ता कुंदुरखी चीनी मिल से 80 मेगावाट बिजली तथा उतरौला से 40 मेगावाट बिजली खरीदकर पूरा किया जाता है।

कोयले की कमी के चलते इन दोनों चीनी मिलों ने बिजली देना बंद कर दिया। सिर्फ 228 मेगावाट बिजली के सहारे जिले समेत मंडल को विद्युत आपूर्ति की जाती है। गोंडा से मंडल के अन्य जिले बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती को बिजली दी जाती है। पारेषण खंड एक्सईन रणवीर सिंह ने कहा कि अगले महीने तक बिजली आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है। चीनी मिलों का पेराई सत्र शुुरू होने से बिजली आपूर्ति सुधार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed