{"_id":"675886bb3110c738650f7af0","slug":"shortage-of-oxygen-beds-20-patients-being-referred-every-day-gonda-news-c-100-1-gon1001-128756-2024-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: ऑक्सीजन बेड की कमी, हर रोज रेफर हो रहे 20 मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: ऑक्सीजन बेड की कमी, हर रोज रेफर हो रहे 20 मरीज
Tue, 10 Dec 2024 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 10 Dec 2024 11:51 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। ठंड के साथ ही अस्थमा व सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन वाले बेड की कमी इलाज में परेशानी बढ़ाने लगी है। बेड न खाली होने की बात कहकर इमरजेंसी से औसतन हर दिन 15 से 20 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी हर 200 से अधिक सांस के मरीज इलाज के लिए आते हैं। जिनमें से करीब 40 मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन लगाने की जरूरत होती है। लेकिन, ऑक्सीजन वाले बेड की कमी के कारण इनमें से कई मरीजों को इमरजेंसी से ही दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। मंगलवार को रुपईडीह के कोठार निवासी परशुराम (85) को सांस लेेने में दिक्कत हो रही थी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचने पर बेड खाली होने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
इमरजेंसी में तैनात फार्मासिस्ट के अनुसार बेड की कमी के कारण प्रतिदिन करीब 20 मरीजों को भर्ती न कर वापस भेजना पड़ रहा है। ईएमओ डॉ. खालिद बिलाल ने बताया कि कई बार भर्ती करने के लिए तीमारदार हंगामा तक करने लगते हैं। ऐसे में इमरजेंसी ड्यूटी करना भी चुनौती बन गया है। सभी बेड़ों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो जाए तो मरीजों को इलाज में काफी राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खराब पैनल के मरम्मत का निर्देश दिया गया है। जल्द ही सभी बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही जहां पाइपलाइन से ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही वहां भी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। ताकि मरीजों को रेफर न करना पड़े।
पैनल खराब होने से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित
इमरजेंसी सहित सभी वार्डों में ऑक्सीजन प्लांट से पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। लेकिन देखभाल न होने से अधिकांश बेड के पास लगे पैनल खराब हो जाने के कारण मरीजों को जरूरत के समय ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो पा रही। इमरजेंसी वार्ड में आठ बेड हैं, जिनमें बेड संख्या चार और छह पर ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो रही है।
वहीं पुरुष मेडिकल वार्ड में 18 बेड में से पांच पर ऑक्सीजन की आपूर्ति वाला पैनल खराब पड़ा है। मरीजों की सुविधा के लिए गैलरी में लगाए गए पांच बेड पर भी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं है। इसी प्रकार महिला मेडिकल वार्ड में 17 बेड में से चार का ऑक्सीजन पैनल खराब है।
विज्ञापन
महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी हर 200 से अधिक सांस के मरीज इलाज के लिए आते हैं। जिनमें से करीब 40 मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन लगाने की जरूरत होती है। लेकिन, ऑक्सीजन वाले बेड की कमी के कारण इनमें से कई मरीजों को इमरजेंसी से ही दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। मंगलवार को रुपईडीह के कोठार निवासी परशुराम (85) को सांस लेेने में दिक्कत हो रही थी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचने पर बेड खाली होने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
विज्ञापन
इमरजेंसी में तैनात फार्मासिस्ट के अनुसार बेड की कमी के कारण प्रतिदिन करीब 20 मरीजों को भर्ती न कर वापस भेजना पड़ रहा है। ईएमओ डॉ. खालिद बिलाल ने बताया कि कई बार भर्ती करने के लिए तीमारदार हंगामा तक करने लगते हैं। ऐसे में इमरजेंसी ड्यूटी करना भी चुनौती बन गया है। सभी बेड़ों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो जाए तो मरीजों को इलाज में काफी राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खराब पैनल के मरम्मत का निर्देश दिया गया है। जल्द ही सभी बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही जहां पाइपलाइन से ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही वहां भी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। ताकि मरीजों को रेफर न करना पड़े।
पैनल खराब होने से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित
इमरजेंसी सहित सभी वार्डों में ऑक्सीजन प्लांट से पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। लेकिन देखभाल न होने से अधिकांश बेड के पास लगे पैनल खराब हो जाने के कारण मरीजों को जरूरत के समय ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो पा रही। इमरजेंसी वार्ड में आठ बेड हैं, जिनमें बेड संख्या चार और छह पर ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो रही है।
वहीं पुरुष मेडिकल वार्ड में 18 बेड में से पांच पर ऑक्सीजन की आपूर्ति वाला पैनल खराब पड़ा है। मरीजों की सुविधा के लिए गैलरी में लगाए गए पांच बेड पर भी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं है। इसी प्रकार महिला मेडिकल वार्ड में 17 बेड में से चार का ऑक्सीजन पैनल खराब है।