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Gonda News: रेल हादसे में लापता यात्री की तलाश शुरू
Fri, 26 Jul 2024 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 26 Jul 2024 01:33 AM IST
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पिकौरा गांव के पास सर्च ऑपरेशन से पहले जानकारी देते आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त राजीव उपाध्
गोंडा। मोतीगंज-झिलाही रेलखंड पर पिकौरा गांव के पास बीते 18 जुलाई को हुए रेल हादसे में लापता यात्री की तलाश बृहस्पतिवार को रेलवे सुरक्षा बल की अगुवाई में संयुक्त टीम ने शुरू की है। पिकौरा पहुंची टीम ने हादसे में पलटी बोगियों को सीधा कराया। आशंका थी कि कहीं बोगियों के नीचे तो कोई शव नहीं दबा है। हालांकि शाम तक टीम को कोई शव नहीं मिला।
तरबगंज थाना क्षेत्र के उमरापुर उदवतनगर निवासी रामा देवी ने बीते दिनों डीएम से गुहार लगाई थी कि उनका बेटा रामधन भी हादसे का शिकार हुई चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में चंडीगढ़ से सवार हुआ था। लेकिन अभी तक वह घर नहीं पहुंचा। डीएम ने मामले में रेलवे के अधिकारियों से कार्रवाई और लापता यात्री की तलाश करने की सिफारिश की। डीआरएम आदित्य कुमार के निर्देश पर सहायक सुरक्षा आयुक्त (रेलवे सुरक्षा बल) राजीव उपाध्याय ने लापता यात्री की तलाश के लिए संयुक्त टीम बनाई, जो बृहस्पतिवार को सुबह से ही मौके पर पहुंचकर रामधन की तलाश में जुट गई।
नौ अधिकारियों के साथ-साथ टीम में कुल 70 अफसर और कर्मचारी लगे रहे मगर शाम तक किसी भी दुर्घटनाग्रस्त बोगी से कोई शव नहीं मिला।
सहायक सुरक्षा आयुक्त राजीव उपाध्याय ने बताया कि लापता यात्री की तलाश के लिए सीओ सदर के साथ पुलिस टीम, मोतीगंज थाने की पुलिस, एनडीआरएफ लखनऊ के दस जवान, एसडीआरएफ लखनऊ के दस जवान, आरपीएफ गोंडा के इंस्पेक्टर व दस जवानों के साथ ही सहायक मंडल इंजीनियर पूर्वी गोंडा आदि शामिल रहे। देर शाम तक कोई शव नहीं मिला। जांच कराई जा रही है।
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लापता यात्री की खोज के लिए टीम ने दुर्घटनाग्रस्त पांच बोगियों के अंदर घुसकर गहन जांच की। इन सभी बोगियों की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि बोगियों के खाली होने की पुष्टि हो सके। आरपीएफ दरोगा रामपाल सिंह की टीम ने पांच बोगियों के अंदर जाकर देखा लेकिन उनमें कुछ नहीं मिला। आरपीएफ की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर उदयराज व गोरखपुर की क्राइम ब्रांच के निरीक्षक गिरजेश प्रजापति भी अपनी टीम के साथ जुटे रहे। आरपीएफ के डाॅग स्क्वायड के प्रभारी कमलेश यादव अपने खोजी स्वान (एंडी) को लेकर सभी बोगियों के आसपास गए मगर कोई मानव अवशेष नहीं मिला।
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तरबगंज थाना क्षेत्र के उमरापुर उदवतनगर निवासी रामा देवी ने बीते दिनों डीएम से गुहार लगाई थी कि उनका बेटा रामधन भी हादसे का शिकार हुई चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में चंडीगढ़ से सवार हुआ था। लेकिन अभी तक वह घर नहीं पहुंचा। डीएम ने मामले में रेलवे के अधिकारियों से कार्रवाई और लापता यात्री की तलाश करने की सिफारिश की। डीआरएम आदित्य कुमार के निर्देश पर सहायक सुरक्षा आयुक्त (रेलवे सुरक्षा बल) राजीव उपाध्याय ने लापता यात्री की तलाश के लिए संयुक्त टीम बनाई, जो बृहस्पतिवार को सुबह से ही मौके पर पहुंचकर रामधन की तलाश में जुट गई।
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नौ अधिकारियों के साथ-साथ टीम में कुल 70 अफसर और कर्मचारी लगे रहे मगर शाम तक किसी भी दुर्घटनाग्रस्त बोगी से कोई शव नहीं मिला।
सहायक सुरक्षा आयुक्त राजीव उपाध्याय ने बताया कि लापता यात्री की तलाश के लिए सीओ सदर के साथ पुलिस टीम, मोतीगंज थाने की पुलिस, एनडीआरएफ लखनऊ के दस जवान, एसडीआरएफ लखनऊ के दस जवान, आरपीएफ गोंडा के इंस्पेक्टर व दस जवानों के साथ ही सहायक मंडल इंजीनियर पूर्वी गोंडा आदि शामिल रहे। देर शाम तक कोई शव नहीं मिला। जांच कराई जा रही है।
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लापता यात्री की खोज के लिए टीम ने दुर्घटनाग्रस्त पांच बोगियों के अंदर घुसकर गहन जांच की। इन सभी बोगियों की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि बोगियों के खाली होने की पुष्टि हो सके। आरपीएफ दरोगा रामपाल सिंह की टीम ने पांच बोगियों के अंदर जाकर देखा लेकिन उनमें कुछ नहीं मिला। आरपीएफ की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर उदयराज व गोरखपुर की क्राइम ब्रांच के निरीक्षक गिरजेश प्रजापति भी अपनी टीम के साथ जुटे रहे। आरपीएफ के डाॅग स्क्वायड के प्रभारी कमलेश यादव अपने खोजी स्वान (एंडी) को लेकर सभी बोगियों के आसपास गए मगर कोई मानव अवशेष नहीं मिला।