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Gonda News: कस्तूरबा स्कूलों के बजट पर कुंडली से डीजी खफा

Fri, 16 Dec 2022 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Dec 2022 11:57 PM IST
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गोंडा। बजट में लापरवाही करने पर जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल अब शासन के निशाने पर आ गए हैं। इन स्कूलों के संचालन में आए बजट में नौ माह में सिर्फ 36.66 फीसदी की खर्च किया गया। सही ढंग से स्कूलों का संचालन न होने पर महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने ऐसी स्थिति पर बीएसए से जवाब मांगा है।
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जिले में छात्राओं को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा देने के लिए 17 कस्तूरबा स्कूल खोले गए। मगर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से स्कूल के लिए दिए गए बजट में कंजूसी कर दी। शैक्षिक सत्र का नौवां माह बीतने के कगार पर है, अब तक 70 से 75 फीसदी बजट का व्यय होना चाहिए था। बजट पर कुूंडली मार कर बैठने से शासन खफा हो गया। ऐसे में माना जा रहा है कि स्कूलों में संचालन में लापरवाही हो रही है।
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शासन से स्कूल संचालन के लिए 5 करोड़ 95 लाख 54 हजार 300 रुपये का बजट जारी किया है। अभी तक सिर्फ दो करोड़ छह लाख 41 हजार ही खर्च हो सका है। अभी भी 3 करोड़ 89 लाख 13 हजार 300 रुपये डंप है। ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश में सबसे खराब प्रदर्शन व खर्च में लापरवाही मामले में जिला टाप पर आ गया है।
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मार्च में बजट खपाने पर है महानिदेशक की नजर
कस्तूरबा स्कूलों में निर्माण के साथ शैक्षिक कार्यों और सुविधाओं पर बजट खर्च होना होता है। प्रत्येक स्कूल में 100 छात्राओं की आवासीय सुविधा है, तो वहां हर दिन किसी न किसी तरह की जरूरत होती है। इसके बाद बजट खर्च नियमित ढंग से नहीं किया गया। माना जा रहा है कि मार्च में वित्तीय वर्ष समाप्ति के दौरान एक साथ बजट खपाया जाता है। उधर, महानिदेशक की नजर टिकी है और वह हर माह स्थिति की समीक्षा ऑनलाइन कर रहे हैं।
पौष्टिक आहार की खरीद में खेल
साल 2019- 20 में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बड़े स्तर पर खेल सामने आया था। कोरोना संकट के दौरान छात्राओं के लिए पौष्टिक आहार (च्वयनप्राश और बोर्नवीटा) की खरीद हुई थी। जिसमें आठ लाख रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया था। जिसमें शासन स्तर से कार्रवाई हुई थी। उस समय जिला समन्वयक बालिका शिक्षा की सेवा समाप्त हुई और आपूर्तिकर्त्ता फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। एक बार फिर से बजट रोके रखने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों की समीक्षा की जा रही है। मांग के अनुसार ही बजट व्यय हो रहा है। सभी वार्डेन से रिपोर्ट ली जा रही है। उसी के आधार पर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। राम खेलावन सिंह, प्रभारी बीएसए
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