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खुल गये विद्यालय, पहले दिन गिने-चुने बच्चे पहुंचे
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फोटो-9-गोंडा में बेलसर के प्राथमिक विद्यालय शुक्लगंज में छात्रों को पढ़ाती शिक्षक। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद गुरुवार को जिले के 2,611 परिषदीय स्कूलों का संचालन शुरू हो गया। सुबह बारिश होने से तपिश तो नहीं रही, मगर उमस से बच्चों को परेशानी हुई। स्कूलों में पंजीकृत चार लाख 60 हजार बच्चों में पहले दिन करीब दो लाख बच्चे अनुपस्थित रहे। वहीं, बीएसए के साथ ही 17 खंड शिक्षा अधिकारियों ने पहले दिन 70 स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान 15 शिक्षक व शिक्षामित्र गैर हाजिर मिले, जिन्हें चेतावनी दी गई। साथ ही उनसे जवाब तलब किया गया है। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि ड्यूटी से नदारद रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
परिषदीय स्कूलों का गुरुवार से संचालन तो शुरू हो गया मगर पहले दिन कई अव्यवस्थाएं रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर स्कूलों में बिजली गुल रही। बड़े स्तर पर कटौती से उन स्कूलों में समस्याएं रहीं, जहां बिजली लगी है। वहीं, 797 स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। पहले दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। इसके लिए अब अभियान चलेगा। पहले दिन ज्यादातर स्कूलों में साफ-सफाई पर जोर रहा। वहीं, कई स्कूलों में गतिविधियों का आयोजन भी हुआ। बीएसए ने बताया कि स्कूलों का संचालन शुरू हो गया है। शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। तीन दिन तक अभियान तेज रखा जाएगा।
बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू
बेलसर (गोंडा)। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खुलने से कम ही सही लेकिन बच्चे स्कूलों में पहुंचे। मगर अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिलीं। जिससे बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। पहली बार इस सत्र में 16 जून से स्कूल खुल रहे हैं, इससे अभी बच्चों को स्कूल बुलाने में थोड़ा समय लगने की बात सामने आई। विवाह आदि समारोह व प्रचंड गर्मी के चलते अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को विद्यालय भेजने से परहेज रखा। मगर प्राथमिक विद्यालय शुक्लगंज में प्रधानाध्यापक अनीता चतुर्वेदी ने स्कूल आए बच्चों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों से उनके अवकाश अनुभव व होम वर्क आदि की जानकारी ली। शिक्षक नेता राजेश शुक्ल ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने की अपील की है।
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विज्ञान के रोचक पहलुओं से कराया अवगत
ग्रामीण क्षेत्र में विज्ञान जागरूकता और अंधविश्वास से मुक्ति की मुहिम परसपुर के जूनियर हाईस्कूल बेलवानोहर से शुरू हुई है। बच्चों को विज्ञान के विभिन्न रोचक पहलुओं से प्रयोगों के माध्यम से अवगत कराया गया। साथ ही ग्रामीणों को अंधविश्वास की वैज्ञानिक व्याख्या कर चमत्कार के पीछे का विज्ञान बताया गया। विज्ञान संचारक राजेश मिश्र ने बच्चों को कागज गीला क्यों नहीं हुआ, मिट्टी के कितने घटक, पानी क्यों नहीं गिरा, मोमबत्ती बुझी क्यों, उल्टे गिलास में पानी क्यों, क्या ईंट में हवा है आदि प्रयोग करके दिखाए। इनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी समझाया। कार्यक्रम में मंत्र शक्ति से आग लगना, पत्थर का पानी पर तैरना, पानी का खून में बदलना, भूत पकड़ना, हल्दी का लाल होना, नींबू से खून निकलना आदि चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या करके बताया कि इन सबके पीछे कोई कोई शक्ति नहीं विज्ञान है।
एआरपी नरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि ये जरूरी नहीं कि प्रयोग हमेशा प्रयोगशाला में किए जाएं। जरूरत वैज्ञानिक सोच विकसित करने की है। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक मनोज चतुर्वेदी, आशु, राहुल, सुरेंद्र, शिवम आदि छात्र मौजूद रहे।
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परिषदीय स्कूलों का गुरुवार से संचालन तो शुरू हो गया मगर पहले दिन कई अव्यवस्थाएं रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर स्कूलों में बिजली गुल रही। बड़े स्तर पर कटौती से उन स्कूलों में समस्याएं रहीं, जहां बिजली लगी है। वहीं, 797 स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। पहले दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। इसके लिए अब अभियान चलेगा। पहले दिन ज्यादातर स्कूलों में साफ-सफाई पर जोर रहा। वहीं, कई स्कूलों में गतिविधियों का आयोजन भी हुआ। बीएसए ने बताया कि स्कूलों का संचालन शुरू हो गया है। शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। तीन दिन तक अभियान तेज रखा जाएगा।
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बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू
बेलसर (गोंडा)। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के खुलने से कम ही सही लेकिन बच्चे स्कूलों में पहुंचे। मगर अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिलीं। जिससे बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। पहली बार इस सत्र में 16 जून से स्कूल खुल रहे हैं, इससे अभी बच्चों को स्कूल बुलाने में थोड़ा समय लगने की बात सामने आई। विवाह आदि समारोह व प्रचंड गर्मी के चलते अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को विद्यालय भेजने से परहेज रखा। मगर प्राथमिक विद्यालय शुक्लगंज में प्रधानाध्यापक अनीता चतुर्वेदी ने स्कूल आए बच्चों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों से उनके अवकाश अनुभव व होम वर्क आदि की जानकारी ली। शिक्षक नेता राजेश शुक्ल ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने की अपील की है।
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विज्ञान के रोचक पहलुओं से कराया अवगत
ग्रामीण क्षेत्र में विज्ञान जागरूकता और अंधविश्वास से मुक्ति की मुहिम परसपुर के जूनियर हाईस्कूल बेलवानोहर से शुरू हुई है। बच्चों को विज्ञान के विभिन्न रोचक पहलुओं से प्रयोगों के माध्यम से अवगत कराया गया। साथ ही ग्रामीणों को अंधविश्वास की वैज्ञानिक व्याख्या कर चमत्कार के पीछे का विज्ञान बताया गया। विज्ञान संचारक राजेश मिश्र ने बच्चों को कागज गीला क्यों नहीं हुआ, मिट्टी के कितने घटक, पानी क्यों नहीं गिरा, मोमबत्ती बुझी क्यों, उल्टे गिलास में पानी क्यों, क्या ईंट में हवा है आदि प्रयोग करके दिखाए। इनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी समझाया। कार्यक्रम में मंत्र शक्ति से आग लगना, पत्थर का पानी पर तैरना, पानी का खून में बदलना, भूत पकड़ना, हल्दी का लाल होना, नींबू से खून निकलना आदि चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या करके बताया कि इन सबके पीछे कोई कोई शक्ति नहीं विज्ञान है।
एआरपी नरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि ये जरूरी नहीं कि प्रयोग हमेशा प्रयोगशाला में किए जाएं। जरूरत वैज्ञानिक सोच विकसित करने की है। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक मनोज चतुर्वेदी, आशु, राहुल, सुरेंद्र, शिवम आदि छात्र मौजूद रहे।