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2600 स्कूलों में रोली - चंदन से होगा नौनिहालों का स्वागत
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गोंडा। कोरोना काल में प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई बंद थी। जूनियर तक के सभी स्कूल खुल है, वहीं एक सितंबर से प्राइमरी स्तर के भी सभी स्कूल खुल जाएंगे। कक्षा-एक से पांचवीं तक के स्कूलों को बच्चों के स्वागत के लिए मंगलवार को तैयारी की गई। बच्चों का स्वागत रोली चंदने से किया जाएगा।
बच्चों के लिए शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। टेढ़ी व बिसुही नदी के किनारे बसे गांवों में जलभराव होने से खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों व अभिभावकों से सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल लागू करने के लिए शिक्षकों को हिदायत दी गई है।
प्राइमरी स्कूलों में कक्षा-एक से पांचवीं तक की पढ़ाई के लिए समय सारणी तय की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों के स्वागत की तैयारियां की है। स्कूलों में बच्चों के पीने के पानी के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था की गई है।
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जानकारों की मानें तो शिक्षकों को कंपोजिट ग्रांट से रनिंग वाटर की व्यवस्था करनी थी। जिले में 2600 के करीब प्राइमरी स्कूल हैं यहां पर शिक्षक आ रहे हैं लेकिन पढ़ाई नहीं हो रही थी। इस बार पढ़ाई में गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा। निजी स्कूलों में भी नौनिहालों का जाना शुरू हो जाएगा।
जिले के 900 स्कूलों में पहले से ही पढ़ाई हो रही है। 16 अगस्त को सभी हाईस्कूल, इंटर कालेज खुल गए। 26 अगस्त को जिले के 900 जूनियर स्कूल भी खुल गए और पठन पाठन शुरू हो गया है। सभी निजी स्कूल के बच्चे भी पढ़ने के लिए जाने लगे। अब एक सितंबर को प्राइमरी के 2600 व निजी स्कूल खुल जाएंगे।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बंद होने से शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न होने पाए, इसके लिए अभिभावकों का सहयोग लिया गया। उन्हें जागरूक करने के लिए शिक्षक शिक्षा चौपाल लगाई गई, और पढ़ाई में अभिभावकों को उनके योगदान के बारे में बताया गया। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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बच्चों के लिए शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। टेढ़ी व बिसुही नदी के किनारे बसे गांवों में जलभराव होने से खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों व अभिभावकों से सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल लागू करने के लिए शिक्षकों को हिदायत दी गई है।
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प्राइमरी स्कूलों में कक्षा-एक से पांचवीं तक की पढ़ाई के लिए समय सारणी तय की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों के स्वागत की तैयारियां की है। स्कूलों में बच्चों के पीने के पानी के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था की गई है।
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जानकारों की मानें तो शिक्षकों को कंपोजिट ग्रांट से रनिंग वाटर की व्यवस्था करनी थी। जिले में 2600 के करीब प्राइमरी स्कूल हैं यहां पर शिक्षक आ रहे हैं लेकिन पढ़ाई नहीं हो रही थी। इस बार पढ़ाई में गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा। निजी स्कूलों में भी नौनिहालों का जाना शुरू हो जाएगा।
जिले के 900 स्कूलों में पहले से ही पढ़ाई हो रही है। 16 अगस्त को सभी हाईस्कूल, इंटर कालेज खुल गए। 26 अगस्त को जिले के 900 जूनियर स्कूल भी खुल गए और पठन पाठन शुरू हो गया है। सभी निजी स्कूल के बच्चे भी पढ़ने के लिए जाने लगे। अब एक सितंबर को प्राइमरी के 2600 व निजी स्कूल खुल जाएंगे।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बंद होने से शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न होने पाए, इसके लिए अभिभावकों का सहयोग लिया गया। उन्हें जागरूक करने के लिए शिक्षक शिक्षा चौपाल लगाई गई, और पढ़ाई में अभिभावकों को उनके योगदान के बारे में बताया गया। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।