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Gonda News: प्लास्टिक कचरे से बनेंगी सड़कें

Sun, 05 Jan 2025 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 05 Jan 2025 11:26 PM IST
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Roads will be built from plastic waste
गोंडा। गांवों में स्वच्छता की मुहिम को धार देने की दिशा में एक और पहल की गई है। वजीरगंज में प्लास्टिक प्रबंधन केंद्र का निर्माण पूरा हो गया है। पूरे जिले की 1092 गांवों के प्लास्टिक कचरा का कतरन तैयार होगा। इसके साथ ही छोटे-छोटे दानों में बदला जाएगा। इनका प्रयोग सड़क निर्माण में तारकोल के स्थान पर किए जाएंगे। दाेनों को पिघलाकर डामर के साथ मिलाकर सड़क की पेंटिंग होगी।
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गांवों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का निस्तारण होने में कठिनाई आती है। 1092 गांवों से प्रतिदिन 20 मिट्रिक टन प्लास्टिक कचरा निकलने का अनुमान है। प्लास्टिक जमीन में दबने पर भी सड़ते नहीं है और जलाने पर पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं। इससे स्वच्छ भारत मिशन से इनके निस्तारण की नई व्यवस्था मिली है।
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जिला कार्यक्रम प्रबंधक अभय प्रताप रमन ने बताया कि ब्लाॅकों में सफाई कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है कि वह कूड़ों को प्रत्येक पंचायत में बने कूड़ा निस्तारण केंद्र पर एकत्र करेंगे। इसके बाद केंद्र में ही प्लास्टिक कचरे को अलग करेंगे। इस कचरे को वजीरगंज में भेजकर कतरन तैयार किया जाएगा। जिसे पीडब्ल्यूडी या ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मुहैय्या कराया जाएगा। जिससे उनका प्रयोग सड़क निर्माण में हो सकेगा। बताया कि इस महीने से प्लास्टिक प्रबंधन केंद्र का संचालन शुरू कर दिया गया है।
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प्लास्टिक के प्रयोग से सड़कें होंगी मजबूत, खर्च में आएगी कमी

प्लास्टिक से बनने वाली सड़क मजबूत होगी। तकनीकी जानकार बताते हैं कि बारिश में तारकोल कट जाता है। पानी तारकोल के लिए नुकसानदेह है। जिससे बारिश के मौसम में बड़े पैमाने पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। बीते बारिश में ही जिले में 36 से अधिक सड़कें बारिश से कट गईं थीं। प्लास्टिक का प्रयोग होने से पानी का असर सड़कों पर नहीं पड़ेगा। जिससे वह टिकाऊ रहेंगी। धूप में भी सड़क पर कोई विशेष असर नहीं आएगा, क्योंकि डामर में मिलाकर प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा एक किलोमीटर सड़क में डेढ़ लाख तक का बजट कम खर्च होगा। जिससे विकास के अन्य कार्य हो सकेंगे।
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