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खस्ताहाल सड़कों को मिट्टी डालकर किया जा रहा गड्ढामुक्त
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गोंडा में परसपुर के भौरीगंज जाने वाले मार्ग पर मिट्टी से भरे गए गड्ढे। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में 150 सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चल रहा है। मगर इसमें भी लापरवाही हो रही है जिससे सड़कों की स्थिति में सुधार की उम्मीद कम ही है। गड्ढों में मिट्टी डालकर सड़कों की गुणवत्ता सुधारने की कवायद सवालों से घिरी है। मिट्टी डालने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि हड़बड़ी में इस तरह मरम्मत का काम हो रहा है कि सड़क की गुणवत्ता ही सवालों से घिर गई है। गड्ढों में मिट्टी डाली जा रही है।
शासन की सख्ती के बाद सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की मुहिम तो तेज हुई लेकिन सड़कों को गड्ढामुक्त करने में खेल शुरू हो गया है। जिले में परसपुर के भौरीगंज मार्ग को गड्ढामुक्त किया गया है। इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें गड्ढों को मिट्टी से भरा जा रहा है।
इसी तरह धानेपुर में सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने में मानक की अनदेखी हो रही है। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने में लापरवाही भी सामने आ रही है। सौ से अधिक सड़कों का काम नहीं हो सका है। इससे समय पर काम पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। बताया जा रहा है कि शासन से 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का समय दिया गया है। इससे राहत तो मिली है लेकिन कुछ बड़ी सड़कों का काम शुरू न होने से जर्जर सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का काम समय से पूरे होने पर सवाल उठ रहे हैं।
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बाढ़ से घिरे गांवों की सड़कों पर बाद में होगा काम
जिले में बाढ़ से करीब 150 राजस्व गांव घिरे रहे। अभी भी सौ गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। ऐसे में यहां की सड़कों की मरम्मत का काम भी शुरू ही नहीं हो सका है। जहां बाढ़ से पानी कम था और बारिश से सड़कें जर्जर हुईं थीं, वहां मरम्मत का काम प्रस्तावित है। ऐसी चिह्नित 35 सड़कें ऐसी हैं कि अभी तो उनका टेंडर ही तय नहीं हो सका है। इससे इनके निर्माण में भी समय लगेगा।
सड़कों को मानक के तहत ही गड्ढामुक्त कराया जा रहा है। किसी सड़क में मानक की अनदेखी का मामला मिलेगा तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सड़कों का सर्वे भी कराया जा रहा है।
-प्रमोद कुमार त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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शासन की सख्ती के बाद सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की मुहिम तो तेज हुई लेकिन सड़कों को गड्ढामुक्त करने में खेल शुरू हो गया है। जिले में परसपुर के भौरीगंज मार्ग को गड्ढामुक्त किया गया है। इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें गड्ढों को मिट्टी से भरा जा रहा है।
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इसी तरह धानेपुर में सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने में मानक की अनदेखी हो रही है। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने में लापरवाही भी सामने आ रही है। सौ से अधिक सड़कों का काम नहीं हो सका है। इससे समय पर काम पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। बताया जा रहा है कि शासन से 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का समय दिया गया है। इससे राहत तो मिली है लेकिन कुछ बड़ी सड़कों का काम शुरू न होने से जर्जर सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का काम समय से पूरे होने पर सवाल उठ रहे हैं।
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बाढ़ से घिरे गांवों की सड़कों पर बाद में होगा काम
जिले में बाढ़ से करीब 150 राजस्व गांव घिरे रहे। अभी भी सौ गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। ऐसे में यहां की सड़कों की मरम्मत का काम भी शुरू ही नहीं हो सका है। जहां बाढ़ से पानी कम था और बारिश से सड़कें जर्जर हुईं थीं, वहां मरम्मत का काम प्रस्तावित है। ऐसी चिह्नित 35 सड़कें ऐसी हैं कि अभी तो उनका टेंडर ही तय नहीं हो सका है। इससे इनके निर्माण में भी समय लगेगा।
सड़कों को मानक के तहत ही गड्ढामुक्त कराया जा रहा है। किसी सड़क में मानक की अनदेखी का मामला मिलेगा तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सड़कों का सर्वे भी कराया जा रहा है।
-प्रमोद कुमार त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी