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Gonda News: ग्राम चौपाल में छाए रहे राजस्व व पंचायती मामले
Sat, 22 Jun 2024 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 22 Jun 2024 12:33 AM IST
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बनवरिया, पूरेशिवा बख्तावर, मथुरा चौबे, कपूरपुर, मुसौली और पथवलिया गांव में लगी चौपाल
डीएम ने शिकायतें सुनने के बाद एसडीएम व पुलिस को सौंपी निष्पक्ष कार्रवाई की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। चुनाव खत्म होने के बाद पहली बार झंझरी विकासखंड के बनवरिया, पूरेशिवा बख्तावर, मथुरा चौबे, कपूरपुर, मुसौली और पथवलिया ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाई गई। इस दौरान सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण की सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। एसडीएम सदर व संबंधित थाने की पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राजस्व और पंचायती मामले ग्राम चौपाल में छाये रहे।
शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे डीएम नेहा शर्मा अपने मातहतों के साथ झंझरी के बनवरिया ग्राम पंचायत परिसर ग्राम चौपाल में पहुंचीं तो सैकड़ों की तादाद में महिलाएं, किसान समेत लोग शिकायतें लेकर पहुंचे थे। सबसे अधिक शिकायतें राजस्व व पुलिस विभाग की रही। मंगल प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांव के दबंगों ने रास्ते पर दीवाल खड़ा कर लिया। मगर राजस्व विभाग के लिए पुलिस थानों तक दौड़भाग की। मगर उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। डीएम ने एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी से नाराजगी जताते हुए तत्काल सरकारी जमीन व सार्वजनिक रास्ता खाली कराने के आदेश दिए। कई महीनों में आवास और पेंशन समेत अन्य शिकायतें कीं।
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि फरियादी विश्वास रखें। उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। बिजली विभाग की शिकायतें हुईं तो अधिशाषी अभियंता राधेश्याम भास्कर ने कहा कि महज गांव में दो उपभोक्ताओं ने ही बिजली बिल का भुगतान किया। डीएम नेहा कहा कि पंचायतें साफ-सुथरी दिखनी चाहिए। प्लास्टिक के अलावा सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग रखा जाए। आरआरसी केंद्रों पर कूड़ा एकत्र कर पंचायतें स्वावलंबन की राह अख्तियार करें।
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पूरेशिवा बख्तावर में जलभराव और अतिक्रमण पर बिफरे लोग
प्रिंशू ने रास्ते पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। इस पर डीएम ने लेखपाल को तलब किया तो नक्शे में त्रुटि होने की बात कही। इस पर डीएम ने एसडीएम से कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही तीन दिन के भीतर मामले के निस्तारण का आदेश दिया। इसी तरह से यहां खनन, तालाब की जमीन पर कब्जे के अलावा जलभराव, अधूरे नाली-खड़ंजा छोड़ने समेत कई गंभीर आरोप लगाया। डीएम ने कहा कि छोटे-छोटे विवाद के लिए गांव के लोगों को बढ़ा दिल दिखाना होगा। वहीं पुलिस प्रशासन के सामंजस्य से विवाद हल किया जाए।
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डीएम ने शिकायतें सुनने के बाद एसडीएम व पुलिस को सौंपी निष्पक्ष कार्रवाई की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। चुनाव खत्म होने के बाद पहली बार झंझरी विकासखंड के बनवरिया, पूरेशिवा बख्तावर, मथुरा चौबे, कपूरपुर, मुसौली और पथवलिया ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाई गई। इस दौरान सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण की सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। एसडीएम सदर व संबंधित थाने की पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राजस्व और पंचायती मामले ग्राम चौपाल में छाये रहे।
शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे डीएम नेहा शर्मा अपने मातहतों के साथ झंझरी के बनवरिया ग्राम पंचायत परिसर ग्राम चौपाल में पहुंचीं तो सैकड़ों की तादाद में महिलाएं, किसान समेत लोग शिकायतें लेकर पहुंचे थे। सबसे अधिक शिकायतें राजस्व व पुलिस विभाग की रही। मंगल प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांव के दबंगों ने रास्ते पर दीवाल खड़ा कर लिया। मगर राजस्व विभाग के लिए पुलिस थानों तक दौड़भाग की। मगर उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। डीएम ने एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी से नाराजगी जताते हुए तत्काल सरकारी जमीन व सार्वजनिक रास्ता खाली कराने के आदेश दिए। कई महीनों में आवास और पेंशन समेत अन्य शिकायतें कीं।
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डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि फरियादी विश्वास रखें। उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। बिजली विभाग की शिकायतें हुईं तो अधिशाषी अभियंता राधेश्याम भास्कर ने कहा कि महज गांव में दो उपभोक्ताओं ने ही बिजली बिल का भुगतान किया। डीएम नेहा कहा कि पंचायतें साफ-सुथरी दिखनी चाहिए। प्लास्टिक के अलावा सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग रखा जाए। आरआरसी केंद्रों पर कूड़ा एकत्र कर पंचायतें स्वावलंबन की राह अख्तियार करें।
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पूरेशिवा बख्तावर में जलभराव और अतिक्रमण पर बिफरे लोग
प्रिंशू ने रास्ते पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। इस पर डीएम ने लेखपाल को तलब किया तो नक्शे में त्रुटि होने की बात कही। इस पर डीएम ने एसडीएम से कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही तीन दिन के भीतर मामले के निस्तारण का आदेश दिया। इसी तरह से यहां खनन, तालाब की जमीन पर कब्जे के अलावा जलभराव, अधूरे नाली-खड़ंजा छोड़ने समेत कई गंभीर आरोप लगाया। डीएम ने कहा कि छोटे-छोटे विवाद के लिए गांव के लोगों को बढ़ा दिल दिखाना होगा। वहीं पुलिस प्रशासन के सामंजस्य से विवाद हल किया जाए।