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मूक बधिर मौत मामले में डीएम की सख्ती, सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
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फोटो-11 गोंडा में अमर उजाला के सात अप्रैल के अंक में प्रकाशित खबर। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला महिला अस्पताल में हुई लापरवाही के चलते मूक बधिर महिला के गर्भस्थ शिशु व प्रसूता के मौत का मामला गरमा गया है। जिलाधिकारी ने अमर उजाला के खबरों को संज्ञान में लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर आख्या देने का निर्देश दिया है।
जिला महिला अस्पताल मेें विगत 30 मार्च को एक मूक बधिर महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा काटा था। मामले को अमर उजाला में गंभीरता से प्रकाशित किया गया। छह अप्रैल शाम को मूक बधिर प्रसूता का भी एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसको लेकर अमर उजाला के सात अप्रैल के अंक में ‘गर्भस्थ शिशु के बाद मूक बधिर महिला की मौत’ शीर्षक से प्रकाशित खबर का संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार ने शुक्रवार को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी
मूक बधिर महिला व गर्भस्थ शिशु के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता के अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर आख्या मांगा गया। जांच टीम में सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र रावत, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह शामिल हैं। डीएम ने महिला को भर्ती कराने, किए उपचार तथा डिस्चार्ज से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण, ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों एवं परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज कर एक सप्ताह में आख्या देने का निर्देश दिया है।
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जिला महिला अस्पताल मेें विगत 30 मार्च को एक मूक बधिर महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा काटा था। मामले को अमर उजाला में गंभीरता से प्रकाशित किया गया। छह अप्रैल शाम को मूक बधिर प्रसूता का भी एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसको लेकर अमर उजाला के सात अप्रैल के अंक में ‘गर्भस्थ शिशु के बाद मूक बधिर महिला की मौत’ शीर्षक से प्रकाशित खबर का संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार ने शुक्रवार को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
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एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी
मूक बधिर महिला व गर्भस्थ शिशु के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता के अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर आख्या मांगा गया। जांच टीम में सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र रावत, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह शामिल हैं। डीएम ने महिला को भर्ती कराने, किए उपचार तथा डिस्चार्ज से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण, ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों एवं परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज कर एक सप्ताह में आख्या देने का निर्देश दिया है।
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