{"_id":"6aa0485bb01cf356cf0f8283","slug":"repair-of-badgaon-railway-bridge-to-cost-one-crore-gonda-news-c-100-1-gon1003-165741-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: एक करोड़ से होगी बड़गांव रेलवे पुल की मरम्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: एक करोड़ से होगी बड़गांव रेलवे पुल की मरम्मत
Tue, 08 Sep 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
बड़गांव में बना ओवरब्रिज। फाइल फोटो
गोंडा। करीब 40 वर्ष पुराने बड़गांव रेलवे ओवरब्रिज की जर्जर हालत से जल्द सुधार होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अयोध्या के प्रस्ताव पर सड़क परिवहन मंत्रालय ने पुल की मरम्मत के लिए करीब एक करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अधिशासी अभियंता एसके मिश्र ने बताया कि बलरामपुर, सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों और नेपाल को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लंबे समय से पुल की कई जगह रेलिंग टूटी है और एक्सपेंशन जॉइंट खुल चुके हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर पुल में झटके के साथ तेज आवाज आती है। इससे हादसे का डर बना रहता है। पुल के नीचे से रोजाना 120 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में जर्जर रेलिंग और खुले जॉइंट सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा बने थे। एनएच खंड ने करीब छह माह पहले मरम्मत का प्रस्ताव भेजा था। क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन जॉइंट अब बदले जाएंगे। कमजोर हिस्सों को दुरुस्त कर भार क्षमता बढ़ाई जाएगी। टूटी रेलिंग ठीक होगी। पुल की ऊपरी सड़क परत हटाकर नई परत बिछाई जाएगी। इससे वाहनों के आवागमन में झटके कम होंगे। (संवाद)
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता एसके मिश्र ने बताया कि बलरामपुर, सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों और नेपाल को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लंबे समय से पुल की कई जगह रेलिंग टूटी है और एक्सपेंशन जॉइंट खुल चुके हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर पुल में झटके के साथ तेज आवाज आती है। इससे हादसे का डर बना रहता है। पुल के नीचे से रोजाना 120 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में जर्जर रेलिंग और खुले जॉइंट सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा बने थे। एनएच खंड ने करीब छह माह पहले मरम्मत का प्रस्ताव भेजा था। क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन जॉइंट अब बदले जाएंगे। कमजोर हिस्सों को दुरुस्त कर भार क्षमता बढ़ाई जाएगी। टूटी रेलिंग ठीक होगी। पुल की ऊपरी सड़क परत हटाकर नई परत बिछाई जाएगी। इससे वाहनों के आवागमन में झटके कम होंगे। (संवाद)
विज्ञापन