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Gonda News: पति की विदेश यात्रा से आई खटास, टूटने से बचा रिश्ता
Sun, 29 Dec 2024 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:30 PM IST
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पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श शिविर में फरियाद सुनाते लोग।-संवाद
गोंडा। पति की विदेश यात्रा से पति-पत्नी के सात साल पुराने रिश्ते में खटास आ गई। इसके बाद पीड़िता ने अधिकारियों से शिकायत की तो मामला परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई हुई तो परामर्शदाताओं को विवाद सुलझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
नवाबगंज के एक गांव की महिला की बीते सात मई 2017 को मनकापुर निवासी युवक से शादी हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले पति रोजी-रोटी की कमाई के लिए दुबई चला गया। इसके बाद से पत्नी मायके में रहने लगी। करीब एक साल तक ससुरालीजनों ने कोई हाल नहीं लिया तो पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में मामले की सुनवाई हुई तो विवाहिता से उसकी सास का आमना-सामना कराया गया। एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप से विवाद शुरू हो गया, लेकिन परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर मामले को सुलझाने के लिए दुबई में रहने पति से बात की। बावजूद इसके पीड़िता अपने नाम दो बीघा जमीन और दो लाख रुपये जमा कराने की बात पर अड़ी रही। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के बीच खींचतान की स्थिति रही है। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बाद परामर्शदाताओं ने विवाहिता को ससुराल जाने के लिए राजी कर लिया। इसी तरह कुल 20 मामलों की सुनवाई के बाद परामर्शदाताओं ने तीन जोड़ों को एक साथ रहने के लिए राजी कर लिया।
सात महीने पति के साथ रहकर बोली- अब नहीं रहना...
परामर्श केंद्र पहुंची एक विवाहिता ने कहा कि अब पति के साथ नहीं रहना चाहती है। कारण पूछा तो कहा कि बस अब नहीं... बहुत हो गया। पति से पूछा तो उसने कहा कि साथ रहना चाहता हू...। दरअसल, वर्ष 2022 में दोनों के बीच प्रेम संबंध के बाद विवाह हुआ था। परिवार के न चाहते हुए दोनों शादी की और साथ रहने लगे। करवाचौथ के बाद विवाहिता जेवर व नकदी लेकर मायके आ गई और परामर्शदाताओं से दो टूक कह दिया कि अब पति के साथ नहीं रहना है। सारे रिश्ते खत्म करना चाहती हूं।
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बाहरी दखल से टूट रहे परिवार
परामर्शदाता गंगाधर शुक्ल, राजमंगल मार्य, यशोदानंदन त्रिपाठी ने बताया कि बाहरी दखल से विवाहित जोड़ों में खटास आ रही है। दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाने में मुश्किलें हो रही हैं। ऐसे में तारीख देनी पड़ रही है। दोनों पक्षों को सोचने समझने का अवसर देने के साथ ही विधिक व कानूनी सलाह देकर हर संभव कोशिशें की जा रही हैं। रविवार को विवाहित जोड़ों के बीच कई बार पिता समेत अन्य दीवार बनकर खड़े रहे। बावजूद इसके परामर्शदाताओं ने विवाहित जोड़ों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान महिला थाना उपनिरीक्षक रुद्रावती राज और ज्योति राजभर समेत महिला कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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नवाबगंज के एक गांव की महिला की बीते सात मई 2017 को मनकापुर निवासी युवक से शादी हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले पति रोजी-रोटी की कमाई के लिए दुबई चला गया। इसके बाद से पत्नी मायके में रहने लगी। करीब एक साल तक ससुरालीजनों ने कोई हाल नहीं लिया तो पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में मामले की सुनवाई हुई तो विवाहिता से उसकी सास का आमना-सामना कराया गया। एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप से विवाद शुरू हो गया, लेकिन परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर मामले को सुलझाने के लिए दुबई में रहने पति से बात की। बावजूद इसके पीड़िता अपने नाम दो बीघा जमीन और दो लाख रुपये जमा कराने की बात पर अड़ी रही। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के बीच खींचतान की स्थिति रही है। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बाद परामर्शदाताओं ने विवाहिता को ससुराल जाने के लिए राजी कर लिया। इसी तरह कुल 20 मामलों की सुनवाई के बाद परामर्शदाताओं ने तीन जोड़ों को एक साथ रहने के लिए राजी कर लिया।
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सात महीने पति के साथ रहकर बोली- अब नहीं रहना...
परामर्श केंद्र पहुंची एक विवाहिता ने कहा कि अब पति के साथ नहीं रहना चाहती है। कारण पूछा तो कहा कि बस अब नहीं... बहुत हो गया। पति से पूछा तो उसने कहा कि साथ रहना चाहता हू...। दरअसल, वर्ष 2022 में दोनों के बीच प्रेम संबंध के बाद विवाह हुआ था। परिवार के न चाहते हुए दोनों शादी की और साथ रहने लगे। करवाचौथ के बाद विवाहिता जेवर व नकदी लेकर मायके आ गई और परामर्शदाताओं से दो टूक कह दिया कि अब पति के साथ नहीं रहना है। सारे रिश्ते खत्म करना चाहती हूं।
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बाहरी दखल से टूट रहे परिवार
परामर्शदाता गंगाधर शुक्ल, राजमंगल मार्य, यशोदानंदन त्रिपाठी ने बताया कि बाहरी दखल से विवाहित जोड़ों में खटास आ रही है। दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाने में मुश्किलें हो रही हैं। ऐसे में तारीख देनी पड़ रही है। दोनों पक्षों को सोचने समझने का अवसर देने के साथ ही विधिक व कानूनी सलाह देकर हर संभव कोशिशें की जा रही हैं। रविवार को विवाहित जोड़ों के बीच कई बार पिता समेत अन्य दीवार बनकर खड़े रहे। बावजूद इसके परामर्शदाताओं ने विवाहित जोड़ों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान महिला थाना उपनिरीक्षक रुद्रावती राज और ज्योति राजभर समेत महिला कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।