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Gonda News: प्रेरणा कैंटीन से आत्मनिर्भर बनीं रंजना
Tue, 29 Sep 2026 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 29 Sep 2026 11:16 PM IST
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वजीरगंज सीएचसी में प्रेरणा कैंटीन संचालित करतीं रंजना सिंह व अन्य महिलाएं। स्रोत: विभाग
गोंडा। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहीं वजीरगंज मझारा की रंजना सिंह अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रेरणा कैंटीन चला रही हैं। चाय, नाश्ता और भोजन से रोजाना 400 से 500 रुपये कमाई की शुरुआत हुई की। अब रंजना के साथ छह अन्य महिलाएं भी रोजगार से जुड़ी हैं। उनके लिए कैंटीन सिर्फ आमदनी का जरिया नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का रास्ता बनी है।
वर्ष 2012 में रंजना की शादी हुई थी। बीए की पढ़ाई पूरी थी, लेकिन नौकरी नहीं मिली। कुछ करने की चाह बनी रही। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिला। वर्ष 2021 में बीसी सखी के लिए आवेदन किया। चयन के बाद पहली बार घर से बाहर निकलकर काम करने का अवसर मिला। रंजना बताती हैं कि बीसी सखी बनने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया।
वजीरगंज के बीडीओ अभिषेक मणि त्रिपाठी और ब्लॉक मिशन मैनेजर सिद्धनाथ ने उन्हें अन्नपूर्णा मॉडल प्रेरणा कैंटीन शुरू करने का सुझाव दिया। इसके बाद रंजना ने ललिता, शकुंतला, सुशीला, ममता, मोहनी और बाला शर्मा को साथ लेकर सीएचसी वजीरगंज में कैंटीन शुरू की।
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पति अनूप कुमार दिल्ली की निजी कंपनी में काम करते हैं। रंजना की कमाई से परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहारा मिला है। वह बच्चों की पढ़ाई और घर की जिम्मेदारियों में पति का हाथ बंटा रही हैं।
सिलाई और खेती से कैंटीन तक
ब्लॉक मिशन मैनेजर सिद्धनाथ के अनुसार, रंजना पहले घर में सिलाई और खेती से आजीविका में सहयोग करती थीं। अब प्रेरणा कैंटीन के जरिये उन्होंने अपने लिए रोजगार खड़ा किया है और छह अन्य महिलाओं को भी काम से जोड़ा है।
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वर्ष 2012 में रंजना की शादी हुई थी। बीए की पढ़ाई पूरी थी, लेकिन नौकरी नहीं मिली। कुछ करने की चाह बनी रही। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिला। वर्ष 2021 में बीसी सखी के लिए आवेदन किया। चयन के बाद पहली बार घर से बाहर निकलकर काम करने का अवसर मिला। रंजना बताती हैं कि बीसी सखी बनने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया।
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वजीरगंज के बीडीओ अभिषेक मणि त्रिपाठी और ब्लॉक मिशन मैनेजर सिद्धनाथ ने उन्हें अन्नपूर्णा मॉडल प्रेरणा कैंटीन शुरू करने का सुझाव दिया। इसके बाद रंजना ने ललिता, शकुंतला, सुशीला, ममता, मोहनी और बाला शर्मा को साथ लेकर सीएचसी वजीरगंज में कैंटीन शुरू की।
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पति अनूप कुमार दिल्ली की निजी कंपनी में काम करते हैं। रंजना की कमाई से परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहारा मिला है। वह बच्चों की पढ़ाई और घर की जिम्मेदारियों में पति का हाथ बंटा रही हैं।
सिलाई और खेती से कैंटीन तक
ब्लॉक मिशन मैनेजर सिद्धनाथ के अनुसार, रंजना पहले घर में सिलाई और खेती से आजीविका में सहयोग करती थीं। अब प्रेरणा कैंटीन के जरिये उन्होंने अपने लिए रोजगार खड़ा किया है और छह अन्य महिलाओं को भी काम से जोड़ा है।