{"_id":"5dd6c61a8ebc3e54b1219d55","slug":"railway-overbridge-project-stuck-for-three-years-gonda-news-lko493506557","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल से फंसा रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन साल से फंसा रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट
विज्ञापन
गोंडा के सुभागपुर रेलवे क्रासिंग से आते-जाते लोग।
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। रेल क्रॉसिंगों पर बढ़ते वाहनों के दबाव से लोग कराह रहे हैं। मानक से करीब दस गुना तक यातायात घनत्व बढ़ गया है। इसको देखते हुए वर्ष 2016 में तीन रेलवे क्रॉसिंगों पर 251 करोड़ से ओवर ब्रिज बनवाने की कवायद शुरू हुई। वर्ष 2016 से कई बार सेतु निर्माण के लिए आगणन तय किया गया और प्रत्रावली लोक निर्माण विभाग को भेजी गई लेकिन सेतु निगम व लोनिवि की नूराकुश्ती में पत्रावली शासन तक नहीं पहुंच सकी। सेतु निगम के आगणन जाते रहे और लोनिवि उसे वापस करता रहा। मौजूदा सत्र में भी आगणन भेजा गया लेकिन लोनिवि ने उसे शासन के पास पहुंचने से पहले ही वापस कर दिया। इससे आरओबी का निर्माण लटक गया है और रेलवे क्रॉसिंगों पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है जिससे कभी ट्रेनों को डिटेन होना पड़ता है तो कभी जाम में फंसने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इतना ही नहीं कभी-कभी तो गेटमैन व सड़क यात्रियों के बीच मारपीट की नौबत आ जाती है।
वर्ष 2014 की गणना के आधार पर नगर के तीन महत्वपूर्ण मार्गों पर आरओबी निर्माण कराने के लिए राज्य व केंद्र के बीच सहमति बनी। रेलवे वर्क प्रोग्राम 2017-18 में इन मार्गों पर आरओबी निर्माण के लिए बजट तय किया गया। रेलवे ने समपार संख्या 262 के लिए दस करोड़, 257 के लिए 8.60 करोड़ तथा क्रासिंग संख्या 263 के लिए दस करोड़ रुपए की अपनी सहभागिता तय कर दी। गोंडा में बहराइच-फैजाबाद-अंबेडकरनगर-आजमगढ़ राज्यमार्ग संख्या-30 पर गोंडा-बाराबंकी रेल सेक्शन के किलोमीटर 659 पर समपार संख्या 262 मिश्रौलिया रेलवे क्रॉसिंग पर चार लेन उपरिगाम सेतु निर्माण के लिए रेलवे ने स्वीकृति देने के साथ ही दो साल पहले बजट जारी कर दिया।
प्रारंभिक आगणन में इस सेतु निर्माण के लिए 13180.85 लाख रुपए तय किया गया था। इस पर लोनिवि ने आपत्ति लगाकर वापस कर दिया। बीते 27 मार्च 2019 को मुख्य परियोजना प्रबंधक आरओबी ने पुन: आगणन भेजा जिसमें कहा गया कि रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण लागत में 50 प्रतिशत सहभागिता पर राज्य सरकार की सहमति प्राप्त है। उप मुख्य इंजीनियर निर्माण पूर्वोत्तर रेलवे ने भी सेतु निर्माण के लिए रेलवे के भाग को तय कर दिया है। मुख्य सेतु 37.28 मीटर के लिए 1014.99 लाख का आगणन सम्मिलित किया है। इस तरह इस उपरिगामी सेतु के लिए 13064.31 लाख रुपए का आगणन वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
इसी तरह गोंडा-गोरखपुर रेल सेक्शन पर गोंडा-उतरौला-डुमरियागंज मार्ग पर सोनी गुमटी समपार संख्या 8189.10 तथा गोंडा-बाराबंकी रेल सेक्शन पर कचहरी रेलवे क्रॉसिंग संख्या 363 के लिए 3869.06 लाख रुपए का आगणन वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया। लेकिन हर बार की तरह लोक निर्माण विभाग ने पत्रावली को दबा लिया। यह क्रम चार साल से चल रहा है और उपरिगामी सेतु निर्माण का सरकार का प्रयास फेल हो गया है।
नहीं मिली वित्तीय स्वीकृति
आगणन वित्तीय स्वीकृति के लिए कई बार भेेजा गया। जो आपत्तियां लगाई गईं उनका निस्तारण करके पुन: भेजा गया। लेकिन अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। -डीआर विद्यार्थी, मुख्य परियोजना प्रबंधक आरओबी
विज्ञापन
वर्ष 2014 की गणना के आधार पर नगर के तीन महत्वपूर्ण मार्गों पर आरओबी निर्माण कराने के लिए राज्य व केंद्र के बीच सहमति बनी। रेलवे वर्क प्रोग्राम 2017-18 में इन मार्गों पर आरओबी निर्माण के लिए बजट तय किया गया। रेलवे ने समपार संख्या 262 के लिए दस करोड़, 257 के लिए 8.60 करोड़ तथा क्रासिंग संख्या 263 के लिए दस करोड़ रुपए की अपनी सहभागिता तय कर दी। गोंडा में बहराइच-फैजाबाद-अंबेडकरनगर-आजमगढ़ राज्यमार्ग संख्या-30 पर गोंडा-बाराबंकी रेल सेक्शन के किलोमीटर 659 पर समपार संख्या 262 मिश्रौलिया रेलवे क्रॉसिंग पर चार लेन उपरिगाम सेतु निर्माण के लिए रेलवे ने स्वीकृति देने के साथ ही दो साल पहले बजट जारी कर दिया।
विज्ञापन
प्रारंभिक आगणन में इस सेतु निर्माण के लिए 13180.85 लाख रुपए तय किया गया था। इस पर लोनिवि ने आपत्ति लगाकर वापस कर दिया। बीते 27 मार्च 2019 को मुख्य परियोजना प्रबंधक आरओबी ने पुन: आगणन भेजा जिसमें कहा गया कि रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण लागत में 50 प्रतिशत सहभागिता पर राज्य सरकार की सहमति प्राप्त है। उप मुख्य इंजीनियर निर्माण पूर्वोत्तर रेलवे ने भी सेतु निर्माण के लिए रेलवे के भाग को तय कर दिया है। मुख्य सेतु 37.28 मीटर के लिए 1014.99 लाख का आगणन सम्मिलित किया है। इस तरह इस उपरिगामी सेतु के लिए 13064.31 लाख रुपए का आगणन वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
इसी तरह गोंडा-गोरखपुर रेल सेक्शन पर गोंडा-उतरौला-डुमरियागंज मार्ग पर सोनी गुमटी समपार संख्या 8189.10 तथा गोंडा-बाराबंकी रेल सेक्शन पर कचहरी रेलवे क्रॉसिंग संख्या 363 के लिए 3869.06 लाख रुपए का आगणन वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया। लेकिन हर बार की तरह लोक निर्माण विभाग ने पत्रावली को दबा लिया। यह क्रम चार साल से चल रहा है और उपरिगामी सेतु निर्माण का सरकार का प्रयास फेल हो गया है।
नहीं मिली वित्तीय स्वीकृति
आगणन वित्तीय स्वीकृति के लिए कई बार भेेजा गया। जो आपत्तियां लगाई गईं उनका निस्तारण करके पुन: भेजा गया। लेकिन अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। -डीआर विद्यार्थी, मुख्य परियोजना प्रबंधक आरओबी