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कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी, चार मिले बंद
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:01 AM IST
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जांच करते डीआर्ईओएस
- फोटो : अमर उजाला
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बिना मान्यता के चल रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग व कोचिंग संचालक आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने शहर के एक कोचिंग सेंटर पर छापेमारी की और मान्यता अभिलेख न दिखाने पर कोचिंग संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। उधर, कोचिंग संचालक ने विभाग पर तीन वर्ष से मान्यता न देने का आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई का विरोध किया है।
जिले में करीब 250 कोचिंग सेंटर बिना मान्यता के चल रहे हैं। शहर में भी बिना मान्यता के चलने वाले कोचिंग सेंटरों की भरमार है। बिना मान्यता के चल रहे इन कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने शहर के पांच कोचिंग सेंटरों पर छापा मारा, जिसमें चार कोचिंग सेंटर बंद मिले।
सगरा तालाब के पास स्थित कॉमर्स क्लासेस बिना मान्यता के संचालित मिला। इस पर कोचिंग संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उधर, कोचिंग संचालक विवेक श्रीवास्तव का कहना है कि कोचिंग संबंधी कागज मांगे जाने पर उन्होंने बैंक में जमा की गई धनराशि की चालान की प्रति दिखाई तो जिला विद्यालय निरीक्षक ने उस चालान की प्रति को मानने से इंकार कर दिया, जबकि इस प्रति की वैधता तीन वर्ष के लिए होती है।
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विवेक का आरोप है कि मान्यता के नाम पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से इसी चालान की प्रति पर मुहर लगाकर संचालक को दी जाती है। अब इसी प्रति को जिला विद्यालय निरीक्षक मानने से इंकार कर रहे हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दूबे का कहना है कि बैंक में चालान जमा करने के बाद कोचिंग संचालक को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आवेदन करना होता है। इस आवेदन की जांच करने के बाद संबंधित को मान्यता प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। शुक्रवार को कॉमर्स क्लासेस के संचालक के पास चालान की प्रति तो थी, लेकिन प्रमाणपत्र की कॉपी वह नहीं दिखा सके। इस पर संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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जिले में करीब 250 कोचिंग सेंटर बिना मान्यता के चल रहे हैं। शहर में भी बिना मान्यता के चलने वाले कोचिंग सेंटरों की भरमार है। बिना मान्यता के चल रहे इन कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने शहर के पांच कोचिंग सेंटरों पर छापा मारा, जिसमें चार कोचिंग सेंटर बंद मिले।
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सगरा तालाब के पास स्थित कॉमर्स क्लासेस बिना मान्यता के संचालित मिला। इस पर कोचिंग संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उधर, कोचिंग संचालक विवेक श्रीवास्तव का कहना है कि कोचिंग संबंधी कागज मांगे जाने पर उन्होंने बैंक में जमा की गई धनराशि की चालान की प्रति दिखाई तो जिला विद्यालय निरीक्षक ने उस चालान की प्रति को मानने से इंकार कर दिया, जबकि इस प्रति की वैधता तीन वर्ष के लिए होती है।
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विवेक का आरोप है कि मान्यता के नाम पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से इसी चालान की प्रति पर मुहर लगाकर संचालक को दी जाती है। अब इसी प्रति को जिला विद्यालय निरीक्षक मानने से इंकार कर रहे हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दूबे का कहना है कि बैंक में चालान जमा करने के बाद कोचिंग संचालक को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आवेदन करना होता है। इस आवेदन की जांच करने के बाद संबंधित को मान्यता प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। शुक्रवार को कॉमर्स क्लासेस के संचालक के पास चालान की प्रति तो थी, लेकिन प्रमाणपत्र की कॉपी वह नहीं दिखा सके। इस पर संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।