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प्रधान, बीडीसी व वार्ड सदस्य पैदल ही करेंगे चुनाव प्रचार
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गोंडा। पंचायत चुनाव के दौरान मैदान में जुटे प्रधान, बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों को बिना प्रचार वाहन के ही पैदल ही अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार करना होगा। सिर्फ जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को ही विस्तारित चुनाव क्षेत्र में प्रचार के लिए एक वाहन के प्रयोग की अनुमति प्रशासन जारी करेगा। चुनाव प्रचार को लेकर प्रशासन ने आयोग की गाइड लाइन के आधार पर तैयार दिशा निर्देश जारी किए हैं। यह जानकारी जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने दी।
उन्होंने बताया कि जीत हासिल करने के लिए वोटरों को प्रलोभित करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ भी प्रशासन पूरी तरह सख्त है। इसके तहत ही करनैलगंज में वोटरों को अवैध शराब बंटवाने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई का संदेश भी दिया है।
इसी तरह चुनाव में प्रचार वाहनों के प्रयोग पर भी पूरी सख्ती रहेगी। पंचायत चुनाव में हिस्सेदारी को ताल ठोक रहे 27 हजार प्रत्याशियों में से सिर्फ जिला पंचायत सदस्य के 821 प्रत्याशियों को ही एक एक वाहन पास प्रचार को जारी हो सकेंगे। इसके अलावा ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों के प्रत्याशियों को बिना वाहन के ही पैदल प्रचार करना होगा।
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प्रचार वाहनों के साथ ही चुनाव खर्च पर भी करीबी नजर रखने को हर प्रत्याशियों को अपने चुनाव प्रचार पर होने वाले दैनिक खर्च का हिसाब किताब भी आय व्यय रजिस्टर पर दर्ज कर लेखा समिति को प्रस्तुत करना होगा। हर दिन के खर्च का ब्यौरा नामांकन के दिन से ही प्रत्याशियों को देना होगा। चुनाव के दौरान अमन चैन कायम बनाए रखने को प्रशासन ने प्रत्याशियों के साथ ही प्रस्तावकों को भी पाबंद करने की कार्रवाई की है ताकि कोई शांतिभंग न कर पाए।
पंचायत के प्रत्याशियों को पोस्टर, बैनर आदि किसी के घर पर मनमानी ढंग से नही चिपकाना है। वाल राइटिंग तो करनी ही नही है। इसके अलावा किसी के घर पर पोस्टर उसकी अनुमति से ही चिपकानी होगी। इसके साथ ही चुनाव में वोट तो मांग सकेंगे लेकिन वोट देने के लिए किसी पर दबाव नही बना सकेंगे। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। हर गांव में इसके लिए निगरानी टीम सक्रिय कर दी गई है।
दूसरे प्रदेशों में रहने वाले गांव के मतदाताओं को चुनाव में हिस्सेदारी के लिए गांव लाने की व्यवस्था में भी कई प्रत्याशी जुटे हैं। कई प्रभावशाली प्रत्याशियों ने तो ऐसे वोटरों को मतदान दिवस पर गांव में लाने को बसें व ट्रेन के टिकट तक बुक कराकर भेजना शुरू कर दिए हैं। खास तौर पर मुंबई व दिल्ली में बसे गांव पंचायत अथवा वार्ड इलाके के पारिवारिक वोटों को जुटाने पर खास जोर दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि जीत हासिल करने के लिए वोटरों को प्रलोभित करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ भी प्रशासन पूरी तरह सख्त है। इसके तहत ही करनैलगंज में वोटरों को अवैध शराब बंटवाने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई का संदेश भी दिया है।
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इसी तरह चुनाव में प्रचार वाहनों के प्रयोग पर भी पूरी सख्ती रहेगी। पंचायत चुनाव में हिस्सेदारी को ताल ठोक रहे 27 हजार प्रत्याशियों में से सिर्फ जिला पंचायत सदस्य के 821 प्रत्याशियों को ही एक एक वाहन पास प्रचार को जारी हो सकेंगे। इसके अलावा ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों के प्रत्याशियों को बिना वाहन के ही पैदल प्रचार करना होगा।
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प्रचार वाहनों के साथ ही चुनाव खर्च पर भी करीबी नजर रखने को हर प्रत्याशियों को अपने चुनाव प्रचार पर होने वाले दैनिक खर्च का हिसाब किताब भी आय व्यय रजिस्टर पर दर्ज कर लेखा समिति को प्रस्तुत करना होगा। हर दिन के खर्च का ब्यौरा नामांकन के दिन से ही प्रत्याशियों को देना होगा। चुनाव के दौरान अमन चैन कायम बनाए रखने को प्रशासन ने प्रत्याशियों के साथ ही प्रस्तावकों को भी पाबंद करने की कार्रवाई की है ताकि कोई शांतिभंग न कर पाए।
पंचायत के प्रत्याशियों को पोस्टर, बैनर आदि किसी के घर पर मनमानी ढंग से नही चिपकाना है। वाल राइटिंग तो करनी ही नही है। इसके अलावा किसी के घर पर पोस्टर उसकी अनुमति से ही चिपकानी होगी। इसके साथ ही चुनाव में वोट तो मांग सकेंगे लेकिन वोट देने के लिए किसी पर दबाव नही बना सकेंगे। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। हर गांव में इसके लिए निगरानी टीम सक्रिय कर दी गई है।
दूसरे प्रदेशों में रहने वाले गांव के मतदाताओं को चुनाव में हिस्सेदारी के लिए गांव लाने की व्यवस्था में भी कई प्रत्याशी जुटे हैं। कई प्रभावशाली प्रत्याशियों ने तो ऐसे वोटरों को मतदान दिवस पर गांव में लाने को बसें व ट्रेन के टिकट तक बुक कराकर भेजना शुरू कर दिए हैं। खास तौर पर मुंबई व दिल्ली में बसे गांव पंचायत अथवा वार्ड इलाके के पारिवारिक वोटों को जुटाने पर खास जोर दिया जा रहा है।