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मंडल की सीमा के साथ ही जिलों की पुलिस को किया सतर्क
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गोंडा। पुलिस उपमहानिरीक्षक डा. राकेश सिंह ने रविवार को बलरामपुर भ्रमण के बाद सोमवार को मंडल में साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की समीक्षा किया। बलरामपुर में भ्रमण के दौरान उन्होने सीमावर्ती थानों को सतर्क किया और नियमित निगरानी की हिदायत दी। नेपाल से सटे होने के कारण मंडल के बलरामपुर व श्रावस्ती जनपद की पुलिस की मौजूदा हालत में जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। डीआईजी ने इसके बाद सोमवार को शिविर कार्यालय में के निरीक्षकों के साथ साइबर अपराध से संबंधित लंबित विवेचनाओं की समीक्षा किया।
डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र गोंडा डॉ. राकेश सिंह ने साइबर अपराधों से सम्बन्धित लम्बित विवेचनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। विवेचनाओं के शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्देशित किया। डीआईजी ने परिक्षेत्रीय स्तर पर नवसृजित थाना के थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा परिक्षेत्रीय जनपदों में साइबर अपराधों की लंबित विवेचनाओं के विवेचकों से समय-समय पर जानकारी प्राप्त कर विवेचनाओं को शीघ्र निस्तारित करायें। किसी भी दशा में विवेचना अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिये। डीआईजी ने गोंडा की साइबर अपराध की लंबित 18 विवेचनाओं की निगरानी के साथ परिक्षेत्र के अन्य जनपदों की लंबित विवेचनाओं के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपे जाने से लंबित विवेचनाओं का निस्तारण तेजी से होगा।
साइबर थानें के अधिकारी साइबर अपराध की विवेचनाओं में साक्ष्य संकलन संबंधी, कानूनी जानकारी सहित विवेचना निस्तारण में आने वाली अन्य समस्याओं के संबंध में विवेचकों को अपना सहयोग प्रदान करेगें। डीआईजी ने निरीक्षकों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में बैंकों की चेंकिग नियमित करने व बैंको में बिना किसी कार्य के आने वालो पर रोक लगाने की बात कही गयी। थाना स्तर पर संचालित सोशल मीडियम के माध्यम से थानाक्षेत्र के लोगों को साइबर अपराधों की बारीकियों के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करने हेतु निर्देशित किया। इस मौके पर साइबर थाना प्रभारी क्षेत्राधिकारी राम अवतार सिंह यादव व अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र गोंडा डॉ. राकेश सिंह ने साइबर अपराधों से सम्बन्धित लम्बित विवेचनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। विवेचनाओं के शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्देशित किया। डीआईजी ने परिक्षेत्रीय स्तर पर नवसृजित थाना के थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा परिक्षेत्रीय जनपदों में साइबर अपराधों की लंबित विवेचनाओं के विवेचकों से समय-समय पर जानकारी प्राप्त कर विवेचनाओं को शीघ्र निस्तारित करायें। किसी भी दशा में विवेचना अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिये। डीआईजी ने गोंडा की साइबर अपराध की लंबित 18 विवेचनाओं की निगरानी के साथ परिक्षेत्र के अन्य जनपदों की लंबित विवेचनाओं के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपे जाने से लंबित विवेचनाओं का निस्तारण तेजी से होगा।
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साइबर थानें के अधिकारी साइबर अपराध की विवेचनाओं में साक्ष्य संकलन संबंधी, कानूनी जानकारी सहित विवेचना निस्तारण में आने वाली अन्य समस्याओं के संबंध में विवेचकों को अपना सहयोग प्रदान करेगें। डीआईजी ने निरीक्षकों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में बैंकों की चेंकिग नियमित करने व बैंको में बिना किसी कार्य के आने वालो पर रोक लगाने की बात कही गयी। थाना स्तर पर संचालित सोशल मीडियम के माध्यम से थानाक्षेत्र के लोगों को साइबर अपराधों की बारीकियों के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करने हेतु निर्देशित किया। इस मौके पर साइबर थाना प्रभारी क्षेत्राधिकारी राम अवतार सिंह यादव व अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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