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दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची राप्तीसागर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 May 2017 11:12 PM IST
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गुरुवार को राप्तीसागर एक्सप्रेस ट्रेन में लगी जनरल बोगी की चेचिस टूट गई। गनीमत रही कि जिस जगह पर बोगी की चेचिस टूटी थी वहां से गोंडा स्टेशन नजदीक था। इसलिए ट्रेन की स्पीड कम थी। अन्यथा ट्रेन की रफ्तार तेज होने पर कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।
हालांकि स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही जैसे ही इस पर कैरेज विभाग के रेलकर्मियों की नजर पड़ी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद दो घंटे तक ट्रेन को स्टेशन पर खड़े रखा गया। इस बीच टूटी चेचिस वाली बोगी को ट्रेन से काटकर अलग किया गया। जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
त्रिवेन्द्रम से गोरखपुर के बीच चलने वाली राप्तीसागर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन गुरुवार की दोपहर 2.45 बजे जैसे गोंडा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर इन हुई। वैसे ही इसकी टूटी बोगी पर चेकिंग कर रहे कैरिज विभाग के रेलकर्मी लोकासरीन की नजर पड़ गई। उसने देखा कि ट्रेन की 12550 नम्बर की चेचिस बीच से टूटी हुई है।
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इस पर उसने तत्काल अपने उच्चाधिकारी को सूचना दी। जिसके बाद ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही उसे रोक लिया गया। गनीमत रही कि जिस वक्त यह ट्रेन प्लेटफार्म पर इन हुई। उस समय ट्रेन की स्पीड काफी कम थी। अन्यथा तेज रफ्तार कोई हादसा भी हो सकता था।
जिसके बाद दो घंटे तक चली मशक्कत के दौरान ट्रेन की टूटी चेचिंस वाली बोगी को ट्रेन से काटकर अलग किया गया। इस दौरान यात्रियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। वहीं टूटी चेचिस वाली बोगी में बैठे 300 के करीब यात्रियों को अलग बोगी में शिफ्ट किया गया।
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हालांकि स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही जैसे ही इस पर कैरेज विभाग के रेलकर्मियों की नजर पड़ी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद दो घंटे तक ट्रेन को स्टेशन पर खड़े रखा गया। इस बीच टूटी चेचिस वाली बोगी को ट्रेन से काटकर अलग किया गया। जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
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त्रिवेन्द्रम से गोरखपुर के बीच चलने वाली राप्तीसागर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन गुरुवार की दोपहर 2.45 बजे जैसे गोंडा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर इन हुई। वैसे ही इसकी टूटी बोगी पर चेकिंग कर रहे कैरिज विभाग के रेलकर्मी लोकासरीन की नजर पड़ गई। उसने देखा कि ट्रेन की 12550 नम्बर की चेचिस बीच से टूटी हुई है।
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इस पर उसने तत्काल अपने उच्चाधिकारी को सूचना दी। जिसके बाद ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही उसे रोक लिया गया। गनीमत रही कि जिस वक्त यह ट्रेन प्लेटफार्म पर इन हुई। उस समय ट्रेन की स्पीड काफी कम थी। अन्यथा तेज रफ्तार कोई हादसा भी हो सकता था।
जिसके बाद दो घंटे तक चली मशक्कत के दौरान ट्रेन की टूटी चेचिंस वाली बोगी को ट्रेन से काटकर अलग किया गया। इस दौरान यात्रियों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। वहीं टूटी चेचिस वाली बोगी में बैठे 300 के करीब यात्रियों को अलग बोगी में शिफ्ट किया गया।