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Gonda News: विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गूंज रहा पार्वती अरगा पक्षी विहार
Tue, 06 Jan 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:06 AM IST
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पार्वती-अरगा पक्षी विहार में बैठे विदेशी पक्षी। स्रोत: विभाग
वजीरगंज। पार्वती अरगा पक्षी विहार इन दिनों पक्षियों के संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र देश-विदेश से आने वाले पक्षियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान कर रहा है। अभयारण्य में जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सर्दी के मौसम की दस्तक के साथ ही विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी झील और उसके आसपास का इलाका प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार है।
पक्षी दिवस पर मंगलवार को पार्वती अरगा पक्षी विहार में पर्यटकों की भीड़ रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट के रूप में पंजीकृत पार्वती अरगा पक्षी विहार के चारों ओर एक किलोमीटर का क्षेत्र इको-सेंसिटिव जोन घोषित है। लगभग 1084 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस पक्षी विहार में अरगा और पार्वती दो प्रमुख झीलें हैं। इनमें से अरगा झील सबसे पुरानी मानी जाती है।
देवीपाटन मंडल के वन संरक्षक डॉ. सेम्मारन एम का कहना है कि पार्वती अरगा क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन घोषित किए जाने के बाद यहां मानवीय गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया गया है। इससे पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से विचरण और प्रजनन का अवसर मिल रहा है। अभयारण्य में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए नेस्टिंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनका प्रजनन सुरक्षित तरीके से हो सके। यहां पर भारतीय के साथ ही मध्य एशिया के पक्षी आ गए हैं।
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पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम
विदेशी पक्षियों के कलरव से पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पक्षियों को बिना किसी बाधा के देखने के लिए दूरबीन समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की ओर से इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि पक्षियों के प्राकृतिक आवास में कोई व्यवधान न पड़े।
जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र
पार्वती–अरगा पक्षी विहार में पक्षियों की दर्जनों प्रजातियों के साथ-साथ वनस्पतियों की भी समृद्ध विविधता पाई जाती है। यहां पौधों की 73 परिवारों से संबंधित लगभग 283 प्रजातियां और एक उप-प्रजाति दर्ज की गई है। यही कारण है कि यह क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
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पक्षी दिवस पर मंगलवार को पार्वती अरगा पक्षी विहार में पर्यटकों की भीड़ रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट के रूप में पंजीकृत पार्वती अरगा पक्षी विहार के चारों ओर एक किलोमीटर का क्षेत्र इको-सेंसिटिव जोन घोषित है। लगभग 1084 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस पक्षी विहार में अरगा और पार्वती दो प्रमुख झीलें हैं। इनमें से अरगा झील सबसे पुरानी मानी जाती है।
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देवीपाटन मंडल के वन संरक्षक डॉ. सेम्मारन एम का कहना है कि पार्वती अरगा क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन घोषित किए जाने के बाद यहां मानवीय गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया गया है। इससे पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से विचरण और प्रजनन का अवसर मिल रहा है। अभयारण्य में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए नेस्टिंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनका प्रजनन सुरक्षित तरीके से हो सके। यहां पर भारतीय के साथ ही मध्य एशिया के पक्षी आ गए हैं।
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पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम
विदेशी पक्षियों के कलरव से पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पक्षियों को बिना किसी बाधा के देखने के लिए दूरबीन समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की ओर से इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि पक्षियों के प्राकृतिक आवास में कोई व्यवधान न पड़े।
जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र
पार्वती–अरगा पक्षी विहार में पक्षियों की दर्जनों प्रजातियों के साथ-साथ वनस्पतियों की भी समृद्ध विविधता पाई जाती है। यहां पौधों की 73 परिवारों से संबंधित लगभग 283 प्रजातियां और एक उप-प्रजाति दर्ज की गई है। यही कारण है कि यह क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।