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Gonda News: बाढ़ में डूबी एक हजार बीघे फसल, नष्ट होने का खतरा
Thu, 14 Aug 2025 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 14 Aug 2025 11:33 PM IST
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करनैलगंज/विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी में पानी बढ़ने लगा है। बुधवार को एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर था, लेकिन बृहस्पतिवार को जलस्तर छह सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। उधर, अयोध्या में सरयू नदी खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ से अब तक एक हजार बीघे से अधिक फसलें डूब गई हैं। जलभराव के चलते किसानों को फसलें नष्ट होने की चिंता सता रही है।
सरयू का जलस्तर कभी कम तो कभी ज्यादा मगर, खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। 42 गांवों की आबादी को बाढ़ के संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्राम पसका के दो मजरे भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहीं चंदापुर किटौली के बाढ़ प्रभावित मजरों की संख्या नौ होने के साथ ही नकहरा के सभी 10 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। नवाबगंज के ब्योंदा माझा, दत्तनगर, साकीपुर, जैतपुर, दुर्गागंज, माझाराठ, तुलसीपुर माझा के 25 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पानी कम होने से कटान तेज हो गया है। खेत कटकर नदी में समा रहे हैं।
उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में दो टाइम लंच पैकेट का वितरण किया जाता है। दवाओं की उपलब्धता, जानवरों के लिए चारा, तिरपाल, पानी का डिब्बा, राशन किट सभी बाढ़ पीड़ितों को दी जा चुकी है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
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सरयू का जलस्तर कभी कम तो कभी ज्यादा मगर, खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। 42 गांवों की आबादी को बाढ़ के संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्राम पसका के दो मजरे भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहीं चंदापुर किटौली के बाढ़ प्रभावित मजरों की संख्या नौ होने के साथ ही नकहरा के सभी 10 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। नवाबगंज के ब्योंदा माझा, दत्तनगर, साकीपुर, जैतपुर, दुर्गागंज, माझाराठ, तुलसीपुर माझा के 25 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पानी कम होने से कटान तेज हो गया है। खेत कटकर नदी में समा रहे हैं।
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उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में दो टाइम लंच पैकेट का वितरण किया जाता है। दवाओं की उपलब्धता, जानवरों के लिए चारा, तिरपाल, पानी का डिब्बा, राशन किट सभी बाढ़ पीड़ितों को दी जा चुकी है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
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