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एक लाख जरूरतमंद बिना मकान, 2124 अपात्रों को बांटे 25 करोड़

Wed, 02 Sep 2020 09:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2020 09:39 PM IST
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One lakh needy unoccupied houses, distributed 25 crores to 2124 ineligible
गोंडा। गांवों के गरीबों को आवास देने की योजना में बड़े पैमाने पर बंदरबांट सामने आ चुका है। तीन सालों में दिए गए आवासों में 15 ब्लॉकों में भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। स्थिति यह है कि एक लाख गरीब आवास विहीन हैं और एक साल से आवास मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके विपरीत 2124 अपात्रों को गरीबों का आवास बांट दिया गया। मामले का खुलासा होने पर 15 ब्लॉकों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर आवास योजना से भेजे गए बजट की रिकवरी की कार्रवाई शुरू हुई है। अपात्रों को करीब 25 करोड़ 48 लाख 80 हजार रुपये की आवास योजना दे दी गई है। रिकवरी आदेश के बाद भी अभी 397 अपात्रों से ब्लॉकों ने वसूली नही की है। आवास के इस खेल से गरीबों को आवास योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ा और इस साल तो प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट ही जिले को नहीं मिला।
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प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को आवास देने की योजना जिले में शुरू हुई थी। वर्ष 2016-17, 2017- 18 तथा 18-19 में आवास योजना के आवंटन में बड़े पैमाने पर खेल हुए। स्थिति यह रही कि जांच के दौरान जिले भर में 2124 ऐसे लोगों के नाम सामने आए जो आवास योजना के पात्र ही नही थे। उनके पास पक्के मकान थे और वाहन भी थे। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों के नजदीकी होने और ब्लाक के अधिकारियों कर्मचारियों से सेटिंग करके आवास योजना का बजट हथिया लिया।
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एक आवास के लिए योजना से 1.20 लाख रुपये का बजट तीन चरणों में मिलता है। इन अपात्रों को आवास योजना से 25 करोड़ 48 लाख 80 हजार रुपये के बजट की स्वीकृति जारी कर दी गई। यह अलग बात है कि जांच में खुलासा होने तक कुछ को एक किश्त और कुछ को दो किश्त का भुगतान ही हो पाया था। विकास विभाग के सूत्रों की मानें तो करीब 7 से 8 करोड़ रुपये का बजट अपात्र लाभार्थियों के खातों में भी जा चुका था। इस गोलमाल से असल गरीबों को योजना से वंचित रहना पड़ा। इस बार तो एक भी गरीब को आवास योजना का लाभ ही नही मिल पाया।
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2124 अपात्रों में 1727 से ही हो पाई है वसूली
आवास योजनाओं में भ्रष्टाचार उजागर होने पर प्रशासन ने दिए गए अनुदान की रिकवरी का आदेश जारी किया। अब तक 1727 लोगों से आवास योजना से भेजे गए किश्त की रिकवरी हो पाई है। अभी भी 397 अपात्र अनुदान वापस नही कर रहे हैं, इसके लिए 15 ब्लॉकों के अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। बताया जा रहा है कि अभी भी दो करोड़ के करीब अनुदान अपात्रों के पास ही फंसा हुआ है। रिकवरी न होने से विभाग की फजीहत भी हो रही है, इसके बावजूद ब्लॉक स्तर के अधिकारी गंभीर नही हो रहे हैं।
एक साल से नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री आवास का बजट
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिलने वाला बजट गरीबों के लिए वरदान से कम नही था। उनको एक आवास का सपना पूरा हो जा रहा था, लेकिन मनमानी के कारण गरीबों के आवास योजना अनुदान अपात्रों को दे दिया गया। इसके बाद हुई जांच में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आने के बाद योजना के आवंटन में भी दिक्कत आ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना की साइट पर एक लाख के करीब गरीबों का ब्यौरा दर्ज है, लेकिन एक साल से इस योजना का बजट ही नही आया है। इससे गरीबों का सपना पूरा नही हो पा रहा है।
वसूली में हो रही लापरवाही
जिले के 15 ब्लॉकों के अधिकारी 397 अपात्रों से वसूली नही कर पा रहे हैं। इसके पास करीब दो करोड़ रुपये का अनुदान फंसा हुआ है। इसमें सबसे अधिक अपात्र वजीरगंज ब्लॉक में 96 अपात्र हैं और झंझरी में 92 अपात्र हैं। इसके बाद मुजेहना ब्लॉक यहां भी किसी से पीछे नहीं है, 74 लोगों से वसूली नहीं हो रही है। नवाबगंज में 14, पंडरीकृपाल में 22, परसपुर में 5, रूपईडीह में 10, तरबगंज में एक, बभनजोत में तीन, बेलसर में 15, छपिया में 5, हलधरमऊ में 13, इंटियाथोक में 9, कटरा बाजार में 9 तथा मनकापुर में 29 अपात्रों से वसूली नहीं हो पाई है।

बजट मिलने पर पात्रों को दिया जाएगा लाभ
आवास योजना में अपात्रों से रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई है। अभी आवास योजना से बजट का आवंटन नहीं मिला है। आवंटन मिलने पर पात्रों को आवास का लाभ दिया जाएगा। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ
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