{"_id":"679525480f54c37ac90dcf66","slug":"now-jr-sr-will-also-give-an-affidavit-of-not-doing-private-practice-gonda-news-c-100-1-slko1026-131512-2025-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: अब जेआर, एसआर भी देंगे निजी प्रैक्टिस न करने का शपथपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: अब जेआर, एसआर भी देंगे निजी प्रैक्टिस न करने का शपथपत्र
Sat, 25 Jan 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 25 Jan 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में तैनात सीनियर के साथ ही अब जूनियर डॉक्टरों के भी प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर सख्ती से लगाम कसेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में तैनात 34 जूनियर रेजीडेंट व 17 सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों को भी अब प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ पत्र देना होगा। वरिष्ठ डॉक्टरों से पहले ही इस आशय का शपथ पत्र लिया जा चुका है।
मेडिकल कॉलेज में 34 जूनियर रेजीडेंट व 17 सीनियर रेजीडेंट एक वर्ष की संविदा के तहत तैनात हैं। इनमें से कई चिकित्सकों पर निजी क्लीनिक में प्रैक्टिस करने का भी आरोप है। शासन के निर्देश पर पहले प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, परामर्शदाता व वरिष्ठ परामर्शदाताओं से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ पत्र लिया गया था। अब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने अस्पताल में कार्यरत जूनियर व सीनियर रेजीडेंट के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाते हुए इनसे शपथ पत्र मांगा है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने बताया कि प्राचार्य की ओर से सभी जेआर व एसआर से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ पत्र मांगा गया है। इसके बाद भी यदि कोई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में 34 जूनियर रेजीडेंट व 17 सीनियर रेजीडेंट एक वर्ष की संविदा के तहत तैनात हैं। इनमें से कई चिकित्सकों पर निजी क्लीनिक में प्रैक्टिस करने का भी आरोप है। शासन के निर्देश पर पहले प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, परामर्शदाता व वरिष्ठ परामर्शदाताओं से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ पत्र लिया गया था। अब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने अस्पताल में कार्यरत जूनियर व सीनियर रेजीडेंट के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाते हुए इनसे शपथ पत्र मांगा है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने बताया कि प्राचार्य की ओर से सभी जेआर व एसआर से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ पत्र मांगा गया है। इसके बाद भी यदि कोई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन