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Gonda News: 4 करोड़ से अधिक वित्तीय अनियमितता, 43 पंचायतों को नोटिस
Thu, 29 Aug 2024 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 29 Aug 2024 12:08 AM IST
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वर्ष 2019-20 की ऑडिट रिपोर्ट से खुलासा दो सितंबर को कमेटी के सामने देंगे सफाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। जिले की पंचायतों में काम के नाम पर रकम निकाली गई। मगर ऑडिट के दौरान दस्तावेज नहीं उपलब्ध करा पाए। इसका खुलासा जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ऑडिट रिपोर्ट से हुआ। प्रथमदृष्टया चार करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। डीपीआरओ की ओर से ग्राम पंचायत सचिव नोटिस देकर अभिलेख तलब किया गया। साथ ही लेखा परीक्षा अधिकारी व एडीपीआरओ की अगुवाई में कमेटी गठित की गई।
वर्ष 2019-20 में ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया रुपईडीह, तरबगंज, मनकापुर, परसपुर, करनैलगंज, इटियाथोक, पंड़रीकृपाल और झंझरी समेत अलग-अलग ब्लॉकों की पंचायतों में वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। आरोप है कि पंचायतों में ऑडिट के दौरान सचिव व ग्राम प्रधानों ने संबंधित अभिलेख नहीं दिए। ऐसे में 43 पंचायतों से कुल मिलाकर करीब 4.8 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया। बावजूद इसके वर्षों से मामलों को निस्तारण नहीं कराया गया। ऐसे में कई सचिव गंभीर आरोपों के बावजूद सेवानिवृत्त हो गए। वहीं पंचायतों में गड़बड़ियों के चलते चुनाव हार गए। करोड़ों सरकारी रकम निकालने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं विकास कार्यों में भी अनियमितता पाई गई थी।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि सचिव व ग्राम प्रधानों को सरकारी रकम निकालने व उससे संबंधित कैश बुक, बैंक स्टेटमेंट और निर्माण कार्य पत्रावली तलब की गई है। वहीं दो सितंबर को विकास भवन सभागार में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और एडीपीआरओ की अगुवाई में आरोपी सचिवों व प्रधानों को सुनने के लिए मौका दिया जाएगा। इसके बाद रिकवरी व वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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इन पंचायतों में गंभीर वित्तीय अनियमितता
कुरसहा, सुसगवां, पचरन, बराहेमा, निबिहा परसपुर, जेठपुरवा, बल्हीजोत, बेलवा बाजार, गौनिरिया, अकबरपुर, चौबेपुर, दुधेड़िया, गड़ौली, घांचा बीकापुर, होल्लापुर, जगदीशपुर, रांगी, सुसेला, जुझारीपुर, ब्योंदा मांझा, ब्योंदा उपरहर, सिरसा, तुरकौली, पहली, दुल्लापुर, कटराभोग चंद्र, काजीपुर, गैलनग्रंट, खरगूपुर, तेलियानी उपाध्याय, टिकरिया, दसियापुर, इमरती, पिपरा पदुम, सीहागांव, मथुरा चौबे, जगतापुर, बहेरकुआं, हरदैयां भटपुरवा, मध्यनगर, बिहुरी, पृथ्वीपाल ग्रंट और कोनिया बनकट।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। जिले की पंचायतों में काम के नाम पर रकम निकाली गई। मगर ऑडिट के दौरान दस्तावेज नहीं उपलब्ध करा पाए। इसका खुलासा जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ऑडिट रिपोर्ट से हुआ। प्रथमदृष्टया चार करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। डीपीआरओ की ओर से ग्राम पंचायत सचिव नोटिस देकर अभिलेख तलब किया गया। साथ ही लेखा परीक्षा अधिकारी व एडीपीआरओ की अगुवाई में कमेटी गठित की गई।
वर्ष 2019-20 में ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया रुपईडीह, तरबगंज, मनकापुर, परसपुर, करनैलगंज, इटियाथोक, पंड़रीकृपाल और झंझरी समेत अलग-अलग ब्लॉकों की पंचायतों में वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। आरोप है कि पंचायतों में ऑडिट के दौरान सचिव व ग्राम प्रधानों ने संबंधित अभिलेख नहीं दिए। ऐसे में 43 पंचायतों से कुल मिलाकर करीब 4.8 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया। बावजूद इसके वर्षों से मामलों को निस्तारण नहीं कराया गया। ऐसे में कई सचिव गंभीर आरोपों के बावजूद सेवानिवृत्त हो गए। वहीं पंचायतों में गड़बड़ियों के चलते चुनाव हार गए। करोड़ों सरकारी रकम निकालने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं विकास कार्यों में भी अनियमितता पाई गई थी।
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डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि सचिव व ग्राम प्रधानों को सरकारी रकम निकालने व उससे संबंधित कैश बुक, बैंक स्टेटमेंट और निर्माण कार्य पत्रावली तलब की गई है। वहीं दो सितंबर को विकास भवन सभागार में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और एडीपीआरओ की अगुवाई में आरोपी सचिवों व प्रधानों को सुनने के लिए मौका दिया जाएगा। इसके बाद रिकवरी व वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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इन पंचायतों में गंभीर वित्तीय अनियमितता
कुरसहा, सुसगवां, पचरन, बराहेमा, निबिहा परसपुर, जेठपुरवा, बल्हीजोत, बेलवा बाजार, गौनिरिया, अकबरपुर, चौबेपुर, दुधेड़िया, गड़ौली, घांचा बीकापुर, होल्लापुर, जगदीशपुर, रांगी, सुसेला, जुझारीपुर, ब्योंदा मांझा, ब्योंदा उपरहर, सिरसा, तुरकौली, पहली, दुल्लापुर, कटराभोग चंद्र, काजीपुर, गैलनग्रंट, खरगूपुर, तेलियानी उपाध्याय, टिकरिया, दसियापुर, इमरती, पिपरा पदुम, सीहागांव, मथुरा चौबे, जगतापुर, बहेरकुआं, हरदैयां भटपुरवा, मध्यनगर, बिहुरी, पृथ्वीपाल ग्रंट और कोनिया बनकट।