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Gonda News: दो साल से आयुष दवाएं नहीं, सिर्फ परामर्श दे रहे चिकित्सक
Thu, 13 Jun 2024 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 13 Jun 2024 12:35 AM IST
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गोंडा। एक ही छत के नीचे आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति से इलाज कराने की सरकारी मंशा कागजों में सिमट कर रह गई। सीएमओ कार्यालय की पीछे आयुष विंग बनाया गया, लेकिन यहां दो साल से दवा की अलमारी खाली है। आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सक भी परामर्श देकर एलोपैथी की दवाएं मरीजों को लिख रहे हैं।
शासन से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्तरीय अस्पताल और सभी सीएचसी व पीएचसी में भी एलोपैथ के साथ ही आयुर्वेदिक दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके लिए अस्पतालों में संविदा पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती भी हुई है। शुरूआत में काफी संख्या में पर्याप्त आयुर्वेदिक दवाएं को उपलब्ध कराई जा रही थीं, लेकिन धीरे-धीरे दवाओं की कटौती शुरू कर दी गई।
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स्थिति यह हो गई है कि करीब दो सालों से कोई दवा मिली ही नहीं। सीएमओ कार्यालय के पीछे संचालित आयुष विंग में आयुर्वेद के डॉक्टर के तौर पर डॉ. उमेश सिंह व यूनानी चिकित्सक के रूप में डॉ. वसीम की तैनाती है। लेकिन इनके पास दवाओं का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। सोमवार को आयुष विंग में दिखाने वाले कई मरीज मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर एलौपैथी की दवाओं के लिए लाइन में लगे दिखाई पड़े। उन्हें सामान्य मल्टी विटामिन की दवा लिखकर वापस भेज दिया गया था।
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- डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ